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अपनी अलग राह बनाएं युवा : कैलाश खेर

विजय न्यूज़ ब्यूरो
नई दिल्ली। जो लोग हालात से लड़ते हुए आगे बढते हैं उनका नाम फलक तक होता है। आप जिस किसी भी क्षेत्र में काम करें उसमें उस काम को एक अलग तरीक़े से करने की कोशिश करें, आप अपनी एक अलग राह बनाएं। आप युवा हैं और युवा एक नया इतिहास लिखता है। उपरोक्त बातें सुप्रसिद्ध सूफ़ी एवं अध्यात्मिक गायक कैलाश खेर ने कही। मौका था प्रतिष्ठित हंसराज काॅलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय में श्री शांति नारायण स्मृति व्याख्यान में ‘समाज निर्माण में कला एवं संगीत की भूमिका’ विषय पर आयोजित एकल व्याख्यान का। कार्यक्रम की शुरुआत हंसराज कॉलेज के पूर्व प्राचार्य स्व० शांति नारायण की तस्वीर पर पुष्पांजली कर किया गया। इस मौके पर काॅलेज की प्राचार्या प्रो० रमा ने स्व० शांति नारायण के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने आगे कहा कि कला एवं संगीत का हमेशा से समाज में महत्वपूर्ण भूमिका रहा है। और ऐसे में जब कैलाश खेर जैसे सूफ़ी एवं अध्यात्मिक गायक अपना विचार इन युवाओं के बीच साझा करते हैं तो एक बेहरीन समाज का निर्माण होता है। इस अवसर पर प्रो० रमा द्वारा लिखित पुस्तक ‘हिन्दी सिनेमा में साहित्यिक विमर्श’ का लोकार्पण कैलाश खेर के हाथो हुआ। इस कार्यक्रम का संचालन प्रभांशु ओझा ने किया वहीं इस कार्यक्रम को सफल बनाने में स्व० शांति नारायण के पुत्र संजीव नारायण, डाॅ० विजय कुमार मिश्र, महेन्द्र प्रजापति, डाॅ० राजेश कुमार शर्मा, डाॅ० मोना भटनागर, मनीष, डाॅ० विनय गुप्ता समेत अन्य विशिष्ट अतिथि मौजुद रहे।

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