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अमर भारती द्वारा काव्योत्सव

*क्या बताये वक्त कैसे था,गुजारा शाम का*…….डॉ मीनाक्षी कहकशां

विजय न्यूज़ ब्यूरो
नई दिल्ली। क्या बताये वक्त कैसे था,गुजारा शाम का,बस अकेले ही किया हमने,नजारा शाम का। बेहतरीन गजल की सुंदर प्रस्तुति प्रसिद्ध साहित्यकार,शिक्षाविद,लेखक, डॉ मीनाक्षी कहकशां ने कर गोष्ठी में खुशनुमा रंग भर दिए। तालिया की गड़गड़ाहट के साथ काफी दाद बटोरी। डॉ मीनाक्षी कहकशां अमर भारती साहित्य संस्था द्वारा सिल्वर लाइन प्रेस्टिज स्कूल गाजियाबाद में आयोजित “काव्योत्सव ” गोष्ठी में काव्य पाठ कर रही थी। गोष्ठी की अध्यक्षता प्रसिद्ध पत्रकार,लेखक,कवि विजय किशोर मानव ने की एवं मुख्य अतिथि प्रसिद्ध कवयित्री सुश्री डॉ अंजना सेंगर थी।


जनाब सैयद खदीमें रसूल ऐनी ने गजल पेश की-
“मुझे ऐनी मीठा बना वह गया ,
मगर खुद वह कड़वा असर ले गया।”
को सभी ने दाद दी।
कवयित्री डॉ तारा गुप्ता ने अपनी रचना —
“आजकल तुम हमे याद आने लगे,
महफ़िलो में गजल हम सुनाने लगे”।
सुनाकर सभी को तालिया बजाने के लिए विवश कर दिया।
कीर्ति रतन की बेहतरीन रचना ने-
“जमाने भर की नजर से रखा है जो, बचाकर शबाब तौबा
हँसे जरा तो झरे है नरगिस,की हुस्न है, बे हिसाब तौबा”।
सभी को मन्त्र मुग्ध कर दिया।
काव्य गोष्ठी में डॉ रमेश भदौरिया,संस्था के अध्यक्ष गोविंद गुलशन, संस्थापक डॉ धनंजय सिंह,श्रीमती संतोष ओबेरॉय,आलोक यात्री,डॉ वीणा मित्तल,डॉ श्वेता त्यागी,बी एल बत्रा, सुश्री चारु अग्रवाल,सुश्री दीपाली जेन,सुरेस मेहता रामवीर आकाश, ने एक से एक उम्दा रचनाओ की प्रस्तुति दी।
इस अवसत पर सिल्वर लाइन प्रेस्टिज स्कूल की निदेशक डॉ माला कपूर को कार रैलियों में लगातार तीन बार प्रथम स्थान प्राप्त करने पर संस्था की ओर से सम्मान किया गया।
इस अवसर पर गोष्ठी में काफी संख्या में साहित्य प्रेमी ओर गुणीजन उपस्थित थे।

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