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इंस्टीट्यूट ऑफ स्टडीज़ इन इंडस्ट्रियल डेवलपमेन्ट ने मनाया अपना 32वां स्थापना दिवस

>> स्थापना दिवस के व्याख्यान का विषय था ‘Fast Economic Growth and Trickle-down’
>> आर्थिक विकास नीति के समावेशन के लिए रोजगार नीति की प्रस्तावना पेश की

विजय न्यूज ब्यूरो
नई दिल्ली। आधुनिक डिज़ाइन, इनोवेशन, शिक्षा पर आधारित संस्थान- इंस्टीट्यूट आॅफ स्टडीज़ इन इंडस्ट्रियल डेवलपमेन्ट ने आज अपने 32वें स्थापना दिवस का आयोजन किया। कार्यक्रम के दौरान स्थापना दिवस व्याख्यान दिया गया जिसका विषय था Fast economic growth and trickle down: Indian experience and policy options in the post reform period”यह व्याख्यान प्रोफेसर सुचा सिंह गिल, सदस्य, राजस्व आयोग, पंजाब सरकार एवं मानद सीनियर प्रोफेसर, सीआरआरआईडी, चण्डीगढ़ के द्वारा दिया गया। व्याख्यान सत्र की अध्यक्षता प्रोफेसर एस.आर. हाशिम, पूर्व सदस्य सचिव, योजना आयोग ने की।
प्रोफेसर गिल ने विभिन्न विषयों पर चर्चा की जैसेः(India’s Policy Shift; Trickle-down theory and economic development; Limitation of trickle down under best conditions; Operational Limitations; Declining employment elasticity) इसके बाद प्रोफेसर गिल ने आर्थिक विकास से जुड़े कुछ मुद्दों के समाधान पर बातचीत की तथा आय वितरण में मौजूद विकृतियों को ठीक करने के लिए कुछ नीतिगत बदलावों का सुझाव दिया। उन्होंने आर्थिक विकास के लिए रोजगार नीति के समावेशन की प्रस्तावना के साथ अपना व्याख्यान समाप्त किया।
स्थापना दिवस के अवसर पर आईएसआईडी के प्रवक्ता ने कहा, ‘‘आईएसआईडी की शुरूआत से ही हमने पारम्परिक मानकों को चुनौती दी है और रचनात्मक लर्निंग की सीमाओं केे दायरे को विस्तारित करते रहे हैं। स्थापना दिवस का आयोजन आईएसआईडी स्टाफ, फैकल्टी, छात्रों एवं पूर्वछात्रों के लिए सम्मान की पुष्टि करता है जिन्होंने आईएसआईडी की सफलता में योगदान दिया है।’’
कार्यक्रम की शुरूआत दोपहर 11 बजे दीप प्रज्जवलन समारेाह के साथ हुई, जिसके बाद प्रोफेसर एम.आर. मूर्थी, डायरेक्टर, आईएसआईडी ने स्वागत सम्बोधन दिया। सभा को सम्बोधित करने वाले अन्य दिग्गजों में श्री टी.एन. चतुर्वेदी, चेयरमैन, आईएसआईडी; प्रोफेसर एस.के.गोयल, वाईस-चेयरमैन, आईएसआईडी और प्रोफेसर वी.के. मल्होत्रा, सदस्य-सचिव आईसीएसएसआर शामिल थे। व्याख्यान सत्र एवं कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसकेे बाद दोपहर भोज और फैकल्टी एवं स्टाफ प्रोग्राम का आयोजन भी किया गया।

आईएसआईडी के बारे में
इन्सटीट्यूट फाॅर स्टडीज़ इन इंडस्ट्रियल डेवलपमेन्ट की स्थापना अक्टूबर 1986 में इण्डियन काउन्सिल आॅफ सोशल साइन्स रीसर्च की अनुदान योजना के तहत की गई। आईएसआईडी अनुसंधान, ओद्यौगिक विकास से जुड़े मुद्दों पर वाद-विवाद तथा सामाजिक विज्ञान अनुसंधान को प्रोत्साहित करता है। अपनी मौजूदगी के तीन दशकों में संस्थान एक बहु-आयामी राष्ट्रीय स्तर के नीतिगत अनुसंधान संस्थान के रूप में विकसित हो गया है जो भारतीय ओद्यौगिक विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं जैसे निवेश, कारोबार, तकनीक, श्रम एवं रोज़गार, कोरपोरेट सेक्टर के मुद्दों, सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं मीडिया अध्ययन तथा डेटाबेस आदि पर ध्यान केेन्द्रित करता है। बहुमुखी अनुसंधान ढांचा तथा अनूठा फर्म/ युनिट स्तरीय डेटाबेस इसके अनुसंधान प्रोग्राम का पूरक है। आईएसआईडी को विज्ञान एवं ओद्यौगिक अनुसंधान विभाग, विज्ञान प्रोद्यौगिकी मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा एसआईआरओ योजना के तहत नाॅन-काॅमर्शियल एवं सार्वजनिक वित्तपोषित अनुसंधान एवं विकास संगठन के रूप में मान्यता दी गई है।

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