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नमो टीवी के लिए अनुमति लेने गई थी बीजेपी, नहीं मिली मंजूरी फिर भी किया लॉन्च

मीडिया सर्टिफिकेशन एंड मॉनिटरिंग कमेटी से नमो टीवी की लॉन्चिंग से पहले बीजेपी अनुमति मांगने गई थी लेकिन अपील खारिज कर दी गई थी. लेकिन बिना अनुमति ही बीजेपी ने नमो टीवी लॉन्च कर दिया.

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने ‘नमो टीवी’ को मीडिया सर्टिफिकेशन एंड मॉनिटरिंग कमेटी (MCMC) की मंजूरी के बिना ही लॉन्च किया था. दस्तावेजों के मुताबिक MCMC ने नमो टीवी की लॉन्चिंग का अनुरोध रद्द कर दिया था. बीजेपी ने MCMC से मंजूरी लेने की अपील की थी लेकिन पार्टी की इस मांग को खारिज कर दिया गया था. इस मामले की पूरी रिपोर्ट चुनाव आयोग को भी भेजी गई है.
बिना अनुमति ही नमो टीवी की लॉन्चिंग करने को सीधे प्रक्रियाओं का उल्लंघन माना जा रहा है. मीडिया सर्टिफिकेशन एंड मॉनिटरिंग कमेटी राज्य और जिला स्तर पर चुनाव आयोग की ओर से चुनावों के दौरान स्थापित की जाती है. आचार संहिता लागू होने के बाद विज्ञापनों और प्रचार आदि की मंजूरी इस संस्था की मंजूरी जरूरी होती है.
नमो टीवी अभी भी प्रसारित हो रहा है और फिलहाल इस टीवी का प्रसारण रोकने के लिए कोई आदेश चुनाव आयोग की तरफ से जारी नहीं किया गया है.
चुनाव आयोग के प्रवक्ता का कहना है कि नमो टीवी को लेकर विभिन्न पक्षकारों के जवाब के साथ दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की रिपोर्ट पर चुनाव आयोग चर्चा कर रहा है.
चुनाव आयोग ने दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से रिपोर्ट मांगी थी. दिल्ली के निर्वाच अधिकारी ने चुनाव आयोग को इस संबंध में जवाब दिया है. चुनाव आयोग के एक अधिकारी के मुताबिक दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की रिपोर्ट पर मंथन चल रहा है.
पिछले सप्ताह चुनाव आयोग ने सूचना और प्रसारण मंत्रालय से नमो टीवी की लॉन्चिंग पर जवाब मांगा था. जवाब में सूचना प्रसारण मंत्रालय ने कहा था कि यह एक विज्ञापन प्रसारण चैनल है, न्यूज चैनल नहीं. कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने चुनाव आयोग से मांग की थी कि नमो टीवी को सस्पेंड किया जाए क्योंकि यह मामला आचार संहिता के उल्लंघन का है. चुनाव आयोग ने नमो टीवी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी से पूछा था कि क्या सर्टिफिकेशन कमेटी ने पॉलिटकल कॉन्टैंट ब्रॉडकास्ट होने की मंजूरी दी थी या नहीं.
वहीं सूचना प्रसारण मंत्रलाय ने कहा था कि नमो टीवी डीटीएच सेवा की ओर से प्रसारित होने वाला विज्ञापन चैनल है लेकिन रेगुलर चैनल नहीं है. ऐसे चैनलों की लॉन्चिंग के लिए सरकार की सहमति जरूरी नहीं है.

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