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फिर प्रपंचशास्त्री टिकट ले आया

चुनावी टिकट की लगी हुई थी सेल ! मची है चारों ओर रेलम-पेल ! चुनाव में टिकट बांटने का मचा हुआ है एक होलियाना भरी पिचकारी का खेल ! रंग बिरंगे आलाकमान और रंग-बिरंगी पार्टियों के चुनावी टिकटों की मची है भारी सेल ! अचानक एक मरियल सा टिकटार्थी चुपके से आया । पार्टी की दीवार के सहारे-सहारे टिकट खिड़की तक हाथ पहुंचाया । फिर अपना बायोडाटा बताया । कहा – “मैं एक टीचर हूं । मैं राष्ट्र का निर्माता हूं । पूरा-पूरा पढ़ा हूं । प्लीज ! टिकट मुझे दीजिए ! तभी सभी आलाकमान सूखे होकर चिल्ला उठे ! किस कमबख्त ने तुम्हें यहां भेजा है ? पता नहीं कैसे-कैसे जन्तु टिकट लेने के लिए आने लगे हैं ! देखो इस टीचर को ! फटीचर को ! स्कूल से दो दरी क्या चुरा ली अपने आप को चोर समझता है ! स्कूल के चॉक-डिब्बे में से दो रुपये का घपला क्या किया अपने आप को महान घपलेबाज समझता है ! गांव की एक छोरी से बात क्या कर ली अपने आप को बलात्कारी बताता है ! और इन्हीं गुणों व सबूतों के आधार पर अपने आप को टिकट का दावेदार बताता है ! स्कूल से दो घंटे फरार क्या हुआ अपने आप को भ्रष्टाचारी कहता है ! चल फूट यहां से ! चला जा नाहक टीचर ! तू इस टिकट मेले में घुस कैसे गया ? यही जांच का विषय है । चले जा ! चले जा !

सभी आलाकमान फिर से गीले होकर जोरदार तरीके से चिल्लाने लगे ! अबकी बार ‘ओल्ड मंक’ से वे सब गीले हो गए । फिर समवेत चिल्लाए ; नेक्स्ट !!! तभी बादल गड़गड़ा उठे । बिजलियां चमकने लगी । बिल्लियां फुदकने लगी । उल्लू बोलने लगे । कुत्ते भोंकने लगे । गधे नाचने लगे । गिरगिट रंग बदलने लगे । चारों ओर से झूठ व जुमलों की पिचकारियों से कुर्सीनीति के रंग बरसने लगे । होलियां में पड़े रे गुलाल आयो रंग टिकटां को ! उसने आते ही टिकट खिड़की पर नोटों के सूटकेस दे मारे । पेटी ; खोखा । पेटी; खोखा । बायोडाटा दिया – पचास शानदार मर्डर ! दस वर्ष का तिहाड़ जेल का अनुभव ! पांच देशों की पुलिस को छकाने वाला ! चार शानदार पवित्र बलात्कार फरमाने वाला ! तीन सांप्रदायिक दंगों का नियंता ! पचासों कच्चे पुल और सड़कों का अभियंता ! महान भोगी ! महान ढोंगी ! गिरगिट गुरू ! प्रपंचशास्त्री ! विरोधी पार्टी के विधायक तोड़ने में नेक ! ऊपर से बिल्कुल अंगूठा टेक ! एकदम फेंकमफेंक ! इतना देखते ही आलाकमान एकदम फिर से गीले हो गए । वे टिकट के साथ स्वयं ही खिड़की से बाहर आ गए । महान प्रपंचशास्त्री के आगे उन्होंने अपने शीश झुकाए । प्रपंचशास्त्री ने अपना रिवाल्वर हवा में चलाया । गाली-गलौज ! धक्कम-पछाड़ का पावन कीर्तन कराया ! समस्त कार्यकर्ताओं ने भी शीश नवाया ! प्रपंचशास्त्री की जेब में पार्टी का टिकट चलकर आया । सभी ने एक जोरदार जयकारा लगाया । प्रपंचशास्त्री ने टिकट हवा में लहराया ! पार्टी के द्वारा सरकार बनाने का उद्घोष चैनल-चैनल दे मारा ! चमचों ने प्रपंच जी को नेता स्वीकारा ।

रामविलास जांगिड़ , 18 , उत्तम नगर , घूघरा , अजमेर (305023) राजस्थान

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