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बाबा साहब की मूर्ति खंडित, प्रशासन ने दोबारा लगवाई, सांसद के प्रति जबरदस्त गुस्सा

  • पुलिस प्रशासन से भारी नोक झोक के बाद पूर्व विधायक शशिबाला पुंडीर पहुंची घुन्ना।
  • सांसद हाजी फजलुर्रहमान के खिलाफ दलितों में जबरदस्त गुस्सा
  • प्रशासन ने बड़ी सूझबूझ के साथ किया डैमेज कंट्रोल।
  • संविधान निर्माता की खंडित प्रतिमा दोबारा लगवाई गई।

मोनू कुमार, सहारनपुर।
सहारनपुर कें बेहट रोड़ स्थित गांव घुन्ना मेंं जैसे ही दलितों को पता चला है कि संविधान निर्माता बाबा साहब की प्रतिमा असामाजिक तत्वों ने खंडित कर दी है, वैसे ही हजारों की संख्या में दलित और सूचना पाकर पुलिस प्रशासन के आला अधिकारियों के साथ-साथ पूर्व विधायक जगपाल एवं सपा नेत्री शशिबाला पुंडीर, युवा सपा नेता इसरार चौधरी और रामवीर पुंडीर के साथ घुन्ना पहुंची। प्रशासन ने खंडित प्रतिमा को पुनः स्थापित कराते हुए पूरे मामले को बड़ी सूझबूझ के साथ डैमेज कंट्रोल किया। जंहा क्षेत्र में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है ,वंही सांसद हाजी फजलुर्रहमान के प्रति दलितों में जबरदस्त गुस्सा है और दलितों ने वहां सांसद के खिलाफ जबरदस्त नारेबाजी की।
पूरे घटनाक्रम के अनुसार बीती रात्रि कोतवाली देहात के बेहट रोड स्थित गांव घुन्ना में असामाजिक तत्वों ने बाबा साहब डॉक्टर अंबेडकर की प्रतिमा को खंडित कर दिया। दिन निकलते ही जब दलित समाज के लोगों ने बाबा साहब की खंडित प्रतिमा देखी, तो आक्रोशित हो उठे और यह बात जंगल में आग की तरह फैल गई और देखते ही देखते हजारों की संख्या में दलित समाज के लोग वहां पहुंच गए। इतनी भारी संख्या में दलितों के पहुंचने से पुलिस प्रशासन में हड़कंप तो मचा ही साथ उनके हाथ पॉव भी फूल गए । लेकिन जिलाधिकारी आलोक कुमार पांडेय और पुलिस कप्तान दिनेश कुमार प्रभु के नेतृत्व में सरकारी मशीनरी ने बड़ी सूझबूझ के साथ सब कुछ कंट्रोल करते हुए संविधान निर्माता बाबा साहब की प्रतिमा को पुनः स्थापित कराते हुए आक्रोशित दलितों को आश्वासन दिया कि वह दोषियों को किसी भी कीमत पर नहीं बखशेगे और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार लाला धर्मपाल की छत से कुछ लोगों ने पुलिस और शाकुम्भरी मेले में जा रहे श्रद्धालुओं पर पत्थरों से हमला भी किया। जिसमें एल आई यू इंस्पेक्टर रजनी बाल-बाल बची तथा एक पुलिसकर्मी को चोट आने की भी खबर है प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है स्वर्ण जाति के लोगों ने यह पथराव किया।
घटना की सूचना पाकर पूर्व विधायक एवं वरिष्ठ सपा नेत्री शशिबाला पुंडीर गांव घुन्ना पहुंची। जबकि प्रशासन ने उनके रास्ते में अवरोध खड़ा कर उन्हें घुन्ना जाने से रोका, परंतु अफसरों से भारी नोकझोंक के बाद पूर्व विधायक शशिबाला पुंडीर घुन्ना पहुंची । वहां उन्होंने जनता से क्षेत्र में आपसी भाईचारा और शांति बनाए रखने की अपील की और साथ ही कहा कि यह घटना किसी जाति विशेष के लोगों की नहीं बल्कि हिंदुओं को हिंदुओं से लड़ाने के लिए भारतीय जनता पार्टी के इशारे पर पुलिस प्रशासन करा रहा है, ताकि गंगोह के विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी को जीत दिलाई जा सके। इस दौरान पूर्व विधायक के साथ युवा सपा नेता इसरार चौधरी और रामवीर पुंडीर सहित दर्जनों लोग शामिल रहे।
घटना की सूचना पर जहां बसपा से मात्र पूर्व विधायक जगपाल सिंह और उनके युवा पुत्र योगेश कुमार पहुंचे, वही दलितों में सांसद हाजी फजलुर्रहमान के प्रति जबरदस्त गुस्सा था। वहां लोगों का कहना था कि बार-बार हाजी फजलुर्रहमान को फोन करने के बावजूद भी वह मौके पर नहीं आए। उन्होंने कहा कि हमारे वोट की ताकत पर सांसद बने फजलुर्रहमान यदि हमारी उपेक्षा करेंगे, तो यह अच्छा नहीं होगा।
घटनास्थल पर भीम आर्मी के अध्यक्ष कमल वालिया, बहुजन मुक्ति पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष अमरीश चौटाला, बहुजन समाज की वरिष्ठ नेत्री ममता शिवा सहित हजारों लोग मौके पर डटे हुए हैं और पुलिस फोर्स लगा हुआ है।

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