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मोबियस फ़ाउंडेशन ने भारत के पहले पर्यावरण स्कूल- डब्ल्यूईएससी के उदघाटन की घोषणा की

• ब्रिटेन के नामी गिरामी व्हीटगिफ्ट स्कूल के साथ सहभागिता में बना रहे स्कूल

विजय न्यूज़ ब्यूरो
नई दिल्ली। मोबियस फ़ाउंडेशन, पर्यावरण स्थिरता के लिए काम करने वाली एक गैर लाभकारी संस्था ने आज भारत के पहले पर्यावरण स्कूल के उद्घाटन की घोषणा की| पर्यावरण स्कूल- वर्ल्ड एनवायरनमेंट स्कूल, कूर्ग (डब्ल्यूईएससी) भारत और दक्षिण एशिया का पहला स्कूल होगा जो पर्यावरणीय शिक्षा और स्थिरता को बढ़ावा देने में अग्रणी भूमिका निभाएगा| कूर्ग की सुंदर पहरियों में लगभग 100 एकड़ में स्थित इस स्कूल का मुख्य उद्देश्य अपने विद्यार्थियों में दृढ़ नैतिक एवं पर्यावरण मूल्यों को निहित करना है |
डब्ल्यूईएससी वर्ष 2021 से भारत व विश्व के अन्य हिस्सों से आए कक्षा 6 से 12 के छात्रों के लिए खुलेगा| यह स्कूल पर्यावरण और उससे जुड़ी समस्याओं के बारे में जागरूक अभिभावकों के लिए एक अवसर प्रदान करेगा जिसके द्वारा वे अपने बच्चो को पर्यावरण व स्थिरता के बारे में सजग बना सकेंगे|

यह स्कूल ब्रिटेन के नामी-गिरामी व्हीटगिफ्ट स्कूल की सहायता से खोला जाएगा| क्रोयडोन, दक्षिण लंदन स्थित व्हीटगिफ्ट स्कूल, व्हीटगिफ्ट फ़ाउंडेशन नमक चैरिटी का हिस्सा है| व्हीटगिफ्ट स्कूल डब्ल्यूईएससी को अकादमिक सहता उपलब्ध करवाएगा और कर्रीकुलम एवं सिलैबस के निर्माण समेत बेहतरीन लर्निंग, जांच व समीक्षा प्रथाएँ भी स्थापित करवाएगा|
श्री प्रदीप बर्मन, अध्यक्ष, मोबीयस फ़ाउंडेशन ने कहा, “ मोबियस फ़ाउंडेशन में हम सभी डब्ल्यूईएससी के उद्घाटन की घोषणा से काफी प्रसन्न हैं| यह स्कूल और इसका नया कर्रीकुलम मेरा और मेरी टीम का सपना था| इस स्कूल के माध्यम से हम सस्टेनेबल शिक्षा को बिलकुल नए तरीके से सामने रख पा रहे हैं जो की एक नए प्रकार की पर्यावरणीय शिक्षा शिक्षा प्रदान करने में सक्षम होगी| नवोन्मेशी कार्यक्रम के अलावा इस स्कूल के समर्पित शिक्षक एक समृद्ध लर्निंग एक्सपिरियन्स प्रदान करेंगे जो की प्रत्येक विद्यार्थी के जरूरतों के अनुकूल होगा|” उन्होने अपनी बात आगे बढ़ाते हुए कहा, “सस्टेनेबल डेव्लपमेंट की शिक्षा सिर्फ पर्यावरण के प्रति मैत्रीपूर्ण होना नहीं सिखाती, यह जीवन जीने के लिए जरूरी कौशल- लीडरशिप, कम्युनिकेशन, और मैनेजमेंट भी सिखाती है; यह सभी व्यक्तिगत विकास के लिए काफी महत्वपूर्ण हैं|”
डब्ल्यूईएससी एक इंटरनेशनल पाठ्यक्रम ऑफर करेगी जिसे कैंब्रिज अससेसमेंट्स आर इंटरनेशनल बैचलोरेट द्वारा मान्यता प्रपट होगी| यह सेंटर फॉर एनवायरनमेंट एडुकेशन (सी ईई) द्वारा तैयार की गयी अग्रणी पर्यावरणीय कर्रीकुलम है| आई बी डिप्लोमा प्रोग्राम एक चैलिंजिंग व संतुलित शिक्षा प्रणाली है जिसमे फ़ाइनल एकसांस के माध्यम से स्टूडेंट न सिर्फ विश्वविद्यालय में उत्तीर्ण होते हैं बल्कि असली ज़िंदगी में भी सफल होते हैं| इसे छात्रों के बोद्धिक, सामाजिक, इमोश्नल और फ़िज़िकल स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर डिज़ाइन किया गया है| इस प्रोग्राम को विश्व भर के अग्रणी विश्वविद्यालयों से मान्यता और सम्मान प्रपट हुआ है|
“तेजी से हो रहे पर्यावरण क्षय के साथ पर्यावरणीय शिक्षा की जरूरत बहुत ही तेज़ी से बढ़ रही है| बढ़ती जरूरत को मद्देनजर रखते हुए हमने मोबियस फ़ाउंडेशन के साथ भागीदारी कर भारत के पहले पर्यावरण स्कूल की नींव रखने जा रहे हैं| मोबियस फ़ाउंडेशन ने इस दिशा में एक अग्रणी भूमिका निभाई है| प्रत्येक व्यक्ति को प्राकृतिक संसाधनो को बचाने का प्रयास करना चाहिए और चेष्टा करनी चाहिए की उपयोग के पश्चात वो पुनः अपने स्वरूप में आ सकें| सभी को पर्यावरण के प्रति एक सहानुभूति पूर्ण दृष्टिकोण रखना चाहिए, इस कार्य के प्रति समर्पित एक स्कूल अवश्य ही जागरूकता फैलाएगा,” श्री क्रिस रामसे, हैड मास्टर, व्हीटगिफ्ट ने कहा|
डब्ल्यूईएससी एक ऐसे माहौल का निर्माण करना चाहती है जहा शिक्षक एक पॉज़िटिव और प्रोग्रेसिव स्कूल कल्चर का निर्माण करें| शिक्षकों के पास नए व अद्वितीय लर्निंग अवसर उत्पन्न करने का मौका होगा जिसमें भाग लेकर बच्चे अपनी उत्पादकता बढ़ा पाएंगे| वह अपनी प्रोब्लेम- सोल्विंग और क्रिटिकल थिंकिंग क्षमता का विकास कर पाएंगे|
इसके अलावा डब्ल्यूईएससी एक ऐसे माहौल का निर्माण करना चाहता है जहा बच्चे अपनी पूर्ण क्षमता को प्राप्त कर सकें, समग्र व्यक्तित्व का विकास कर सकें, विभिन्न संस्कृतियों को सम्मान की दृष्टि से देख और समझ सके, पर्यावरण का आदर कर सकें और टीम को तरह काम करना सीकते हुए अपने इंटर पर्सनल स्किल्स बेहतर बना सकें| इन सभी के द्वारा वह समाज एवं राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्य का सही सही निर्वहन कर पाएंगे|

मोबियस फाउंडेशन:-
मोबियस फाउंडेशन एक गैर-लाभकारी संस्था है जो पर्यावरण स्थिरता के लिए काम करता है। यह सतत और प्रासंगिक समाधानों के माध्यम से समाज के उन व्यवहारों में परिवर्तन लाने की प्रयास करता है जो पर्यावरण को नुकसान पहुंचाते हैं।
यह भारत में विभिन्न शैक्षिक कार्यक्रमों का आयोजन करता है, जिसमें कर्नाटक में एक आवासीय ग्रीन स्कूल और उत्तर प्रदेश में एक डे- स्कूल स्थापित करना शामिल है। यह ‘प्रोजेक्ट आकार’ और ‘प्रोजेक्ट संजीवनी’ के माध्यम से जनसंख्या स्थिरता और पारिस्थितिक संरक्षण को बढ़ावा देने का काम भी करता है।

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