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शर्मन जोशी के साथ दोस्तिवाली बॉंडिंग है: रांझा

बॉलीवुड अभिनेता रांझा विक्रम सिंह ने अपने करियर की शुरूआत फ़िल्म ‘मुंबई गॉडफादर’ से के बाद हीरोपंती जैसी कही फ़िल्मो में बेहतरीन भूमिका निभाने के बाद रांझा फ़िल्म ‘फ़ौजी कॉलिंग’ में सोल्जर रणवीर सिंह के किरदार में नजर आएँगे। बता दे कि रांझा विक्रम सिंह बचपन से ही फ़ौजी बनना चाहते थे। हाल ही में इंटरव्यू के दौरान उनसे हुई बातचीत के मुख्य अंश पेश:-

Q. फ़िल्म ‘फ़ौजी कॉलिंग’ के आपने किरदार के बारे में बताए?
a. फौजी कॉलिंग में एक सोल्जर का किरदार निभा रहा हूं जिनमे में और शर्मन जोशी हीरो है। मेरे कैरेक्टर का नाम राजवीर सिंह है और कैसे एक फ़ौजी अपनी लाइफ को बैलेंस कर रहा है,और उनको एक साल में तीस दिन की छुट्टियाँ मिलती है। और उस तीस दिन में दीवाली और सब फ़ेस्टिवल मना लेता हैं। और इस फ़िल्म में वो कहानी है कि कैसे वह उस तीस दिन में अपनी फैमिली के साथ रहता है।

Q. फ़ौजी का किरदार निभा कर आपने क्या रियलाइज किया,एक फ़ौजी पर कितनी ज़िम्मेदारी होती है?
a. कश्मीर में शूट किया जहा रियल फौजियों के साथ रहा हूं,कैसे वो माईनस डिग्री मे रहते हैं वो मैंने जिया है। और फ़ौजी किस मिट्टी से बने है वो कहने के लिए मेरे पास शब्द नही है,और वह सरहद पर बहुत खुश हैं और हमने इस फ़िल्म में फ़ौजी को इमोशनल नही दिखाया है बल्कि फ़ौजी सबके लिए इंस्पिरेशन होता है,और वह हमारे देश के असली हीरो है वह अपने इमोशन को कैसे बैलेंस करता है मातृ भूमि की सेवा करता है फिर माँ की। और फौजियों को देखकर मुझे इंस्पिरेशन मिला है।

Q. आपको इस फ़िल्म का ऑफर कैसे मिला?
a. आर्यन सक्सेना जो इस फ़िल्म के डिरेक्टर है उन्होंने मेरी पर्सनालिटी देखकर अप्रोच किया और मुझे बचपन मे कोई भी पूछता था की बड़े होकर क्या बनना चाहते हो तो में हमेशा बोलता था कि फ़ौजी बनना चाहता हूं,और वो नही पाया और जिंदगी मुझे फ़िल्म लाइन में ले आई।तो इस फ़िल्म के लिए ना हीं नही बोल सकता क्योंकि मेरा सपना था फ़ौजी बनना।और डिरेक्टर आर्यन सक्सेना ने कहानी सुनाई मैंने तुरंत हा बोल दिया।

Q. शर्मन जोशी के साथ शूटिंग दौरान बॉडिंग कैसी थी?
a. जबर्दस्त! हम एक दूसरे की फ़िल्मो की बाते करते थे उन्होंने मेरी फिल्म हीरोपंती की भी तारीफ की और एक साथ जिम भी करते थे।और एक तरह से वह सीनियर है और उनके साथ काम कर के काफी अच्छा लगा। हमारे बीच दोस्तों वाली बॉंडिंग है।

Q. आपने पहले से तय किया था कि बड़ा होकर ऐक्टर बनना है?
a. हाँ! ज़ज़्बा तो शुरू से था। में चंडीगढ़ में पढ़ाई करता था फिर दिल्ली आ गया। और में जब सोलह सत्तर साल का था तब मेरी पिताजी की डेथ हो गई थी और मैंने मुंबई और फ़िल्म की जर्नी में काफी कुछ देखा है और अक्षय कुमार मेरे आईडोल है।

Q. अक्षय कुमार की कौन सी बात से आप इंस्पायर्ड है?
a. एनर्जी! और उनके चेहरे पर पॉजिटिविटी है और जो हमारा चेहरा है वो सोच बताता है आप अगर उनकी फिल्म देखोगे तो वो एक ऐसी फिल्म कर रहे है जिनमे वो फ़ौजी या पुलिस ऑफीसर का किरदार निभा रहे हैं तो वो लगते हैं क्योंकि उनके चेहरे में पॉजिटिविटी है सोच वैसे है तो वो मुझे पसंद है। समय पर उठना,फिटनेस पर ध्यान देना और अपने आपको रिलेट करता हूं उनके साथ। में चाहता हूं इंस्पिरेशन फ़िल्मे करूँ।

Q. आप फिटनेस को काफी फॉलो करते हैं,आज के युवाओं को फिटनेस टिप्स क्या देंगे।
a. फिटनेस से बॉडी तो अच्छी रहती है फिटनेस करने से मेंटल ग्रोथ होती है।मेंटली बहुत स्ट्रांग होते हो। आप अगर टिक-टोक और डेटिंग वेबसाइट में घुसे रहोगें तो आपकी मेंटल ग्रोथ एक लेवल तक समित होती है और आज किसी पास मेमोरी नही है,आप उसे पूछोगे दो घंटे पहले क्या कर रहे थे याद ही नही होगा।

-दिनेश जाला

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