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शिक्षक दिवस : शिक्षक को शिक्षक रहने दें

शिक्षक दिवस पर हम शिक्षक को बहुत याद करते हैं।समय के अनुसार अब गिफ्ट देने का प्रचलन भी बढ़ सा गया है। शिक्षक दिवस पर जिसको भी मौक़ा मिलता है,वो ही शिक्षक के सम्मान में कसीदे पढ़ने लग जाता है।बड़े-बड़े आलेख लिखे जाते हैं।लंबे-लंबे भाषण दिए जाते हैं और इस दिन कुछ संस्थाओं द्वारा अपने-अपने स्तर पर चुनिंदा शिक्षकों को अपने ही तरीके से समान्नित कर दिया जाता है और इस तरह से इस दिवस को मनाने की इतिश्री कर ली जाती है,अगले साल फिर से मनाने के लिए।

दुर्भाग्य कि कोई भी शिक्षक की हालात जानने को कतई तैयार नहीं जबकि सच यह है कि यदि देश का शिक्षक परेशान है तो फिर देश भी परेशान ही रहेगा।याद कीजिए जापान के हिरोशिमा और नागासाकी पर पहले परमाणु हमले के बाद वहाँ के नेताओं ने एक ही बात कही थी कि अब अगर कोई देश को उभार सकता है तो केवल शिक्षक है वरना देश काल के गर्त में है और हुआ भी ऐसा ही,जापान ने देश के शिक्षक को उभारा और आज आप देख सकते हैं कि जापान का पूरे विश्व में क्या स्थान है?
खेर,हमें भी चाहिए कि हम भी सिर्फ भाषणों और आलेखों,चर्चा-परिचर्चा,वाद-विवाद तक ही सीमित न रहें बल्कि शिक्षक की समस्याओं को जाने,समझे और उनका निराकरण करें क्योंकि आज के दौर में शिक्षक पर काम का बोझ इतना है कि उसके पास पढ़ाने के अलावा सब काम हैं।इस विषय आजकल मोदी और ट्रम्प बारे सोशल मीडिया में चुटकला भी काफी वायरल हो रहा है।दूसरे देश भर में शिक्षक जो भर्ती किये जा रहे हैं वो अपने अपने आप में बड़ा सवाल है जैसे-गेस्ट टीचर,शिक्षा मित्र,आचार्य,गुरु जी,शिक्षा प्रेरक,अनुबंध टीचर,संविदा शिक्षक पता नहीं क्या क्या?परिणाम शिक्षक खुद ही परेशान है फिर वो शिक्षण कार्य क्या करेगा?दूसरा शिक्षकों की समस्याओं की और कोई ध्यान नहीं देता और परिणामस्वरूप शिक्षक को मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ता है जैसे–सर्विस रूल को बार बार बदलना,वेतन विसंगतियां,प्रमोशन,नए पदनाम देना और भी बहुत सारी चीजें,जो शिक्षक की परेशानी का सबब बनते हैं।सामाजिक सुरक्षा भी आज एक बड़ा मुद्दा है क्योंकि समय और समाज बदल रहा है तो ऐसे दौर में सरकार को चाहिए कि सामाजिक सुरक्षा का दायरा भी मजबूत करे ताकि एक शिक्षक बिना किसी डर-भय के शिक्षण कार्य करवा सके।सरकार को चाहिए कि गैर-शैक्षणिक कार्य बिल्कुल बन्द कर दें और शिक्षकों से केवल और केवल शिक्षण कार्य ही करवाए।गैर-शैक्षणिक कार्य किसी एन जी ओ से करवाएं जाए।सीधी सी बात ये है कि अगर हम सब वास्तव में चाहते हैं कि देश और समाज का भला हो तो फिर निश्चित रूप से शिक्षक को सम्मान देना ही होगा और उसकी समस्याओं को समझकर उनका निराकरण भी करना होगा।तब जाकर कहीं शिक्षक दिवस को सही मायनों में मना पाएंगे।

कृष्ण कुमार निर्माण
9034875740

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