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Category: प्रभुनाथ शुक्ल

Total 27 Posts

सियासत की प्रयोगशाला बनी पंडित नेहरू की विरासत

राजनीति की परिभाषा बदलती दिख रहीं है । वह खास विचारधारा के खोल से बाहर निकल विकल्प के नये मिथक गढ़ रही है , जिसकी कल्पना राजनीतिक दलों ने सम्भवत:

नीरव की साजिश और प्रिया की अदा ने लूटा हिंदुस्तान !

हम भारत निर्माण की बात कर रहें हैं। डिजिटल और स्किल इंडिया की उड़ान भर रहें हैं , लेकिन हमारे समाज की दूसरी संस्थाएं कितनी नैतिक जिम्मेदारी से राष्ट्र की

मैडम महबूबा ! राजनीति नहीँ कश्मीर की सोचिए 

राजनीति क्यों और किसके लिए होनी चाहिए। उसका उद्देश्य क्या होना चाहिए । राजनीति में नीति के साथ उसका धर्म और समावेशी सामाजिक विकास के साथ राष्ट्रीयहित शामिल होना चाहिए। लेकिन

भीमा से भंसाली वाया कासगंज  ? 

इतिहास पर बनी फिल्‍मों का विवाद और विरोध से काफी पुराना सम्बन्ध है । क्योंकि फिल्में अभिव्यक्ति की सशक्त माध्यम और समाज का दस्तावेज हैं। भारत जाति और धर्म समूहों

भारत में असुरक्षित बेटियां , एक सुलगता सवाल ? 

हमारे समाज की नैतिकता गिर गई है । सामाजिक मापदंडों का पतन हो चला है । तकनीकी और शैक्षिक रुप से जितने हम मजबूत और सभ्य हो रहे हैं ,

संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा से खेल क्यों ?

देश की सर्वोच्च अदालत इन दिनों सुर्ख़ियों में है। पिछले दिनों चार न्यायाधीशों ने मीडिया में अपनी बात क्या रखी भूचाल गया। संवैधानिक संस्थाओं की नींव हिलने लगी। राजनीति के

12 जनवरी युवा दिवस पर विशेष : युवाओं की उम्मीद को नई उड़ान चाहिए

युवा किसी भी राष्ट्र की असीम पूँजी होते हैं । आर्थिक, समाजिक और राजनीति में उनकी अहम भूमिका होती है । युवाओं में धारा और व्यवस्था बदलने की पूरी ताकत

आजाद भारत में इस शौर्य दिवस का मतलब क्या ?

भीमा गाँव की हिंसा भारत को बाँटने की साजिश ? हिंदुस्तान से अंग्रेज़ विदा हो गए , लेकिन फूट डालो और राज करो का बीज़ जो उन्होंने बोया था। वह

जन्म दिवस 25 दिसम्बर पर विशेष आलेख : राजनीति के महानायक और युग पुरुष अटल जी

भारत के राजनीतिक इतिहास में अटल बिहारी बाजपेयी का संपूर्ण व्यक्तित्व शिखर पुरुष के रुप में दर्ज है। दुनिया में उनकी पहचान एक कुशल राजनीतिज्ञ, प्रशासक, भाषाविद, कवि, पत्रकार व

गुजरात धड़ाम गिरा काँग्रेस का नरम हिंदुत्व

राजनीतिक लिहाज से अहम गुजरात और हिमाचल प्रदेश के चुनावी नतीजों की तस्वीर साफ हो चली है । परिणाम बहुत अप्रत्याशित नहीँ हैं । हिमाचल पर यह बात पहले से

लोकतंत्र में गिरती राजनीति या हमारे राजनेता ?

जब हम स्कूल के दिनों में छोटी कक्षा में पढ़ते थे , उस दौरान अँग्रेजी की किताब में एक कहानी थी ” स्काई ईज फालिंग” यानी आकाश गिर रहा है

राजनीतिक व्यंग : लोकतंत्र में गधे और हम

सुबह सो कर उठा तो मेरी नज़र अचानक टी टेबल पर पड़े अख़बार के ताजे अंक पर जा टिकी । जिस पर मोटे – मोटे अक्षरों में लिखा था ”

अयोध्या : अदालत का फैसला राम मंदिर का अंतिम हल ?

अयोध्या में राममन्दिर निर्माण पर दोनों पक्षकारों और समुदाय के बीच धर्मगुरु और आर्ट्सआफ लीवींग के संस्थापक श्री- श्री रविशंकर जी और शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी

राहुल गाँधी क्या कर पाएंगे मोदी का मुकाबला ?

काँग्रेस एक नई उम्मीद और भरोसे के साथ पार्टी नेतृत्व की जिम्मेदारी चौथी पीढ़ी के युवराज राहुल गाँधी के कंधे पर देने जा रही है । अभी तक पार्टी में

दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण का जिम्मेदार कौन ?

दिल्ली की आबोहवा दमघोंटू हो चुकी है। सांस लेना भी मुश्किल हो चला है। हमारे लिए यह कितनी बड़ी बिडंबना है। जहरीली होती दिल्ली हमारे लिए बड़ा खतरा बन गई

आतंक से लड़ने को दुनिया एक साथ आए

दुनिया में बढ़ते इस्लामिक और वैश्विक आतंकवाद ने एक बार फ़िर दुनिया की सबसे बड़ी तागत अमेरिका और उसकी खुफिया संगठन एफबीआई को चौका दिया है। मंगलवार दोपहर बाद न्‍यूयॉर्क

गुजरात का जनादेश तय करेगा राजनीति की दिशा

गुजरात चुनाव को लेकर काँग्रेस और भाजपा में सहमात का सियासी खेल शुरू हो गया है । गुजरात पर कब्जा ज़माने के लिए काँग्रेस जहाँ बेताब है , वहीँ प्रधानमंत्री

गुरुदासपुर की जीत ने बढ़ाई भाजपा की चिंता

पंजाब की गुरदासपुर संसदीय उपचुनाव में कांग्रेस को बड़ी जीत मिली है , जमीनी सच्चाई यह है कि इतनी बड़ी कामयाबी की उम्मीद खुद काँग्रेस और कैप्टन अमरिंदर सिंह की

संयुक्तराष्ट्र उत्तर कोरिया पर साफ करे नीति

उत्तर कोरिया की परमाणु प्रसार नीति ने अमेरिका को हिला कर रख दिया है । सनकी तानाशाह किम जोन की हठता से शांतप्रिय देशों के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो

अफवाहों की भेंट चढ़ती भीड़

मुंबई के एलफिस्टन रेलवे स्टेशन पर पिछले दिनों मची भगदड़ में 22 रेल यात्रियों की जान चली गई जबकि 35 लोग घायल हुए। हलांकि अभी यह पता नहीं चल सका

क्यों नहीं दिखती कश्मीरी पंडितों की पीड़ा

म्यांमार में रोहिंग्या मुसलमानों आए संकट और पलायन के बाद पूरी दुनिया में एक बार फिर शरणार्थी समस्या बहस का मसला बन गयी है। पलायनवाद एक समुदाय विशेष की समस्या

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