ब्रेकिंग न्यूज़

Category: निर्मल रानी

Total 33 Posts

ख़तरनाक है संवाद के बजाए हिंसा की बढ़ती प्रवृति

हमारे देश की राजनीति में गत् कुछ वर्षों से ऐसा देखा जा रहा है कि दो परस्पर विरोधी विचारधाराओं के मध्य संवाद के रास्ते तो धीरे-धीरे बंद होते जा रहे

वायु प्रदूषण: हम ही हैं क़ातिल-ो -मक़तूल-ो मुंसिफ़ ?

उत्तर भारत का एक बड़ा हिस्सा इन दिनों प्रदूषण युक्त घने कोहरे से ढका हुआ है। इसके परिणामस्वरूप देश के कई क्षेत्रों से भीषण सडक़ दुर्घटनाओं के समाचार मिल रहे

राष्ट्रवाद व सदाचार के ‘प्रवचन’ केवल गरीबों के लिए ?

राष्ट्रवाद व सदाचार के ‘प्रवचन’ केवल $गरीबों के लिए? इस बात से आखिर कौन इंकार कर सकता है कि देश के प्रत्येक नागरिक में राष्ट्रवाद तथा सदाचार की भावना का

अर्थव्यवस्था के आंकड़े और ज़मीनी सच्चाईयां ?

देश के वित्तमंत्री अरूण जेटली ने एक बार फिर यह विश्वास दिलाया है कि घरेलू अर्थव्यवस्था के बुनियादी हालात मज़बूत हैं। जेटली के अनुसार भारत पिछले तीन साल से सबसे

त्यौहार, परंपराएं, रीति और पर्यावरण संरक्षण

कहने को तो हमारे देश के नीति निर्माता अथवा राजनैतिक लोग अक्सर यह कहते सुनाई देंगे कि वे भारतीय संविधान,माननीय न्यायालय तथा अदालती $कानूनों अथवा आदेशों का पूरा सम्मान करते

अच्छे दिन:आम लोगों के या सत्ता के चहेतों के?

अच्छे दिन:आम लोगों के या सत्ता के चहेतों के?निर्मल रानी इस समय हमारे देश की राजनीति झूठ,भ्रष्टाचार तथा अनैतिकता के ज़बरदस्त दौर से गुज़र रही है। ‘अच्छे दिन आने वाले

देश में आग लगाने वाली यह शक्तियां

ऋषियों-मुनियों,संतों,पीरों-फ़क़ीरों व औलियाओं के देश भारत वर्ष को दुनिया जहां अनेकता में एकता की मिसाल पेश करने वाले विश्व के एक सबसे बड़े धर्मनिरपेक्ष लोकतंत्र के रूप में जानती है

अहंकार व अत्याचार के प्रतीक : रावण और यज़ीद

इन दिनों पूरे विश्व में हिंदू व मुस्लिम दोनों ही प्रमुख धर्मों के अनुयायी दशहरा तथा मोहर्रम एक साथ मना रहे हैं। दशहरा अर्थात् विजयदशमी का पर्व उत्सव,हर्षोल्लास तथा विजय

मंहगाई की मार है-चुप मोदी सरकार है ?

केंद्र में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बने हुए साढ़े तीन वर्ष बीत चुके हैं। देश की जनता अच्छे दिन का इंतज़ार करते-करते थक चुकी है। परंतु अच्छे दिनों ने

बेपर्दा होता फ़र्ज़ी राष्ट्रवाद का ढोंग

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू),दिल्ली के तत्कालीन छात्र संघ अध्यक्ष व ऑल इंडिया स्टुडेंट फ़ेडरेशन के नेता कन्हैया कुमार को फ़रवरी 2016 में जब देशद्रोह के आरोप में गिर तार किया

सच को सच कह दोगे अगर तो फांसी पर चढ़ जाओगे

निर्मल रानी कट्टरपंथ के विरोध तथा धर्मनिरपेक्षता के पक्ष में निरंतर उठने वाली एक और आवाज़ हमेशा के लिए खामोश कर दी गई। 55 वर्षीय मुखर महिला पत्रकार गौरी की

औरत का पीर: विषय गंभीर?

धर्म एवं अध्यात्म की दुनिया के एक और तथाकथित ‘सौदागरÓ गुरमीत सिंह के चेहरे से अब उसकी ह$की$कत का न$काब पूरी तरह से हट चुका है। 2002 में अपने ही

Translate »
Skip to toolbar