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Category: साहित्य

Total 135 Posts

प्योर मार्ट द्वारा कवि सम्मेलन एवं सम्मान समारोह

संजय कुमार गिरि , नई दिल्ली ,दिल्ली के उर्दू घर सभागार में प्योर मार्ट द्वारा आयोजित कवि सम्मेलन में देश के प्रतिष्ठित कवियों द्वारा शानदार काव्य पाठ एवं सम्मान समारोह

औरत और उसकी बिंदी

औरत अपनी बिंदी चिपका देती है यहां वहां… शौचालय के दरवाजे पर पलंग के सिरहाने पर होटल के शीशे को भी सजा देती है। इसमें कोई खास फलसफा नहीं है

कविता : आओ अबकी होली में

आओ अबकी होली में रंगों की रंगोली में साथ सभी के टोली में। प्यार का रंग बरसातें हैं प्रिये आओ अबकी होली में। फागुन का खूब चढ़े खुमार रस घोल

कविता : हवा हवाई

हवा हवाई वो हँसती-हँसाती खिलखिलाती अपनी अदाओं का जादू बिखेरती सिनेमा के नील नभ में छितराई चाँदनी असंख्य चाहकों को संतप्त कर खो गई हवाओं की सनसनाहट में “हवा हवाई”

पुस्तक समीक्षा : समकालीन कविता की नई खुशबू का आग़ाज़ है – सपनों की छाँव में ।

गीत ग़ज़ल और कविताओं की दुनिया हज़ारों वर्षों से अपने कोमलकान्त गातों से मानुष मन को प्रभावित एवं आकर्षित करती रही हैं किन्तु समय के साथ उनके स्वरुप और भाव

हर्षिका गंगवार की 2 कविताएं…

1.प्रेम मुझमें शेष है… प्रेम खूंटी पर टंगा है, किसी माला में पिरोया हुआ जिसके फूल बेजान हो चुके हैं। प्रेम मेरी डायरी में सूख गया है, उस फूल के

जीवन के बहुरंगी पक्ष को उधृत करती काव्यकृति है- ‘जिन्दा रहेगी कविता’

सुप्रसिद्ध साहित्यकार डॉ गोरख मस्ताना की एक पंक्ति है – चल तलाशें काव्य में / है नहीं कविता तो क्या है जिन्दगी ? कवि के अनुसार सुख-दुःख, हर्ष-विषाद, आरोह-अवरोह, उत्थान-पतन,

मंजिल की ओर ले जाने वाली है जगदीश बाली की अभिप्रेरक पुस्तक “चल चला चल”

लेखक जगदीश बाली की नई पुस्तक “चल चला चल” पाठकों के सामने हैं। यह अभिप्रेरक पुस्तक पाठकों की जीवन जीने के मायने तो सिखाती ही है, साथ ही जीवन में

पुस्तक  समीक्षा : जीवन के हर पल से जुड़े रहने का साहित्यिक प्रयास है ‘जीवन गीत’

सम्बन्धों  के छीजते काल में जब कवि  या रचानाकार की वैसी कृति सामने आती है जिसके एक एक शब्द रिस्तों के महत्व को व्याख्यायित  हैं तो  हृदय को बड़ा ही

व्यंग्य : बजट का आगमन

महंगाई की मारी और भ्रष्टाचार की बीमारी से त्रस्त जनता को बजट का बेसब्री से इंतजार है। कुपोषण के शिकार और इलाज को लाचार चूसे आम की तरह गुठलियों के

देश का प्रसिद्ध ‘ग़ज़ल कुम्भ’ 2018 सम्पन्न हुआ

नई दिल्ली। अंजुमन फ़रोग़-ए-उर्दू, दिल्ली द्वारा बसंत चौधरी फाउंडेशन, नेपाल के सौजन्य से मुरारी बापू के पावन सान्निध्य में पद्मभूषण गोपालदास नीरज जी की अध्यक्षता में आयोजित भव्य ग़ज़ल गोष्ठी

“जगती को गौतम बुद्ध मिला “

हिंदुस्तान(हिंदी, दैनिक) के सुप्रसिद्ध समीक्षक धर्मेंद्र सुशांत जी की कलम से ‘तथागत’ पर उनकी विचार “जगती को गौतम बुद्ध मिला “ वरिष्ठ साहित्यकार डॉ गोरख प्रसाद मस्ताना की नवीनतम काव्यकृति

11 जनवरी पुण्य तिथि पर विशेष : किसान को भी जवान के बराबर मानते थे शास्त्री जी

  लाल बहादुर शास्त्री का जन्म 2 अक्टूबर 1904 को उत्तर प्रदेश के वाराणसी से सात मील दूर रेलवे टाउन मुगलसराय में हुआ था। उनके पिता एक स्कूल शिक्षक थे।

लव कुमार ‘प्रणय’ की *गज़ल*

करूँ क्या मैं उसे अब याद करके वो खुश तो है मुझे बरबाद करके सुना है हो गई बहरी अदालत मिलेगा क्या भला फरियाद करके दुआयें लाख देगा कैद पक्षी

हिंदी प्रबंध काव्य तथागत का लोकार्पण

नई दिल्ली.  विश्व पुस्तक मेला -2018 कल विश्व पुस्तक मेला में प्रख्यात कवि एवं लेखक डॉ गोरख प्रसाद मस्ताना द्वारा बुद्ध के जीवन और सन्देश पर आधारित प्रबंध काव्य का लोकार्पण

यू-ट्यूब पर छाया कविता का नया शो ‘चाय पर कविता’

संजय कुमार गिरि , नई दिल्ली ,भारत में इंटरनेट का उपयोग करने वालो में आजकल यू ट्यूब खासा प्रचलित हो गया है. अनेक शिक्षात्मक, मनोरंजक एवं ज्ञानवर्धक वीडियो आपको यू

मेरे अधूरे शेर …

१.उसका दिल, दिल नहीं, रेत का मैदान निकला। कई बार लिखा नाम अपना,हर बार मिटा देती हैं॥ २.मुझें तैरना नहीं आता और उसे डूबना…। मोहब्बत में इरादो का, मगर मिलना

नववर्ष पर नेता जी के चुनावी घोषणा पत्र

दीजिये वोट सरकार हम बनायेंगे मिल बांट)2 फिफ्टी-फिफ्टी दोनो जन खायेंगे दीजिये वोट सरकार हम बनायेंगे… घर-घर घुम प्रचार हम करेगे उनसे बढ़िया हम काम करेगे युवाओं के खातिर रोजगार

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