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Category: पुस्तक-समीक्षा

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पुस्तक समीक्षा : समकालीन कविता की नई खुशबू का आग़ाज़ है – सपनों की छाँव में ।

गीत ग़ज़ल और कविताओं की दुनिया हज़ारों वर्षों से अपने कोमलकान्त गातों से मानुष मन को प्रभावित एवं आकर्षित करती रही हैं किन्तु समय के साथ उनके स्वरुप और भाव

जीवन के बहुरंगी पक्ष को उधृत करती काव्यकृति है- ‘जिन्दा रहेगी कविता’

सुप्रसिद्ध साहित्यकार डॉ गोरख मस्ताना की एक पंक्ति है – चल तलाशें काव्य में / है नहीं कविता तो क्या है जिन्दगी ? कवि के अनुसार सुख-दुःख, हर्ष-विषाद, आरोह-अवरोह, उत्थान-पतन,

मंजिल की ओर ले जाने वाली है जगदीश बाली की अभिप्रेरक पुस्तक “चल चला चल”

लेखक जगदीश बाली की नई पुस्तक “चल चला चल” पाठकों के सामने हैं। यह अभिप्रेरक पुस्तक पाठकों की जीवन जीने के मायने तो सिखाती ही है, साथ ही जीवन में

पुस्तक  समीक्षा : जीवन के हर पल से जुड़े रहने का साहित्यिक प्रयास है ‘जीवन गीत’

सम्बन्धों  के छीजते काल में जब कवि  या रचानाकार की वैसी कृति सामने आती है जिसके एक एक शब्द रिस्तों के महत्व को व्याख्यायित  हैं तो  हृदय को बड़ा ही

“जगती को गौतम बुद्ध मिला “

हिंदुस्तान(हिंदी, दैनिक) के सुप्रसिद्ध समीक्षक धर्मेंद्र सुशांत जी की कलम से ‘तथागत’ पर उनकी विचार “जगती को गौतम बुद्ध मिला “ वरिष्ठ साहित्यकार डॉ गोरख प्रसाद मस्ताना की नवीनतम काव्यकृति

सुविख्यात राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर जी की 109 वीं जयंती पर किया गया याद

सुविख्यात राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर  जी की 109 वीं जयंती के मौके पर परिचर्चा- नवीन भारत में हिंदी कार्यक्रम आयोजित कर लोगों ने उनको याद किया। शनिवार को दोपहर 3

बुक रिव्यू : हिंदी साहित्य का इतिहास

हिंदी साहित्य के इतिहास पर पिछली एक शताब्दी में काफी काम हुआ और लिखा पढ़ा गया है. आचार्य रामचंद्र शुक्ल और हजारी बाबू से लेकर नए दौर के विषय विशेषज्ञों

पुस्तक समीक्षा : गंगा-जमुनी संस्कृति के अग्रदूत

समीक्षक : इंद्रेश कुमार प्रस्तुति : लाल बिहारी लाल  लेखनी विचारों को स्थायित्व प्रदान करती है। इस मार्ग से ज्ञान जन साधारण के मन में घर कर लेता है। अच्छा

‘दीवार में आले ‘ :- हृदय की भावनाओं, गहरी सोच और संवेदनशीलता की अति सुन्दर प्रस्तुति

  वर्ष २०१४, एक कवि सम्मेलन में एक कवि हृदय के मालिक श्री रामकिशोर उपाध्याय जी के सर्वप्रथम सुखद सानिध्य को अनुभव किया I तब से आज तक उनको मैंने

पुस्तक समीक्षा : मौसम की हर छटा बिखेरती  कविताएँ  

कवयित्री नीलम चन्द्रा सक्सेना जी के व्यक्तित्व का वितान बड़ा ही व्यापक है !  एक ओर उच्च  पद की ज़िम्मेदारियाँ  हैं ,तो दूसरी और एहसासों  की विस्तृत भूमि ! उनके

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