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Category: धर्म-दर्शन

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प्रधान देव ग्रह सूर्य का तुला से वृश्चिक में गोचर

पं अंकित मारर्कण्डेय के मुताबिक 16 नवम्बर को सूर्य तुला राशि से वृश्चिक राशि मे गोचर करेंगे . गोचर अवधि : 16 नवंबर 2017 को दोपहर 12:36 बजे से सूर्य

सभी तीर्थो का गुरू माना जाता है पुष्कर

राजस्थान में त्यौहारों, पर्वो एवं मेलों की अनूठी परम्परा एवं संस्कृति है वैसी देश में अन्यत्र कहीं मिलना कठिन है। यहां का प्रत्येक मेला एवं त्यौहार लोक जीवन की किसी

गुरु नानक देव जयंती : सच्चे संत थे गुरु नानक देव

भारतीय संस्कृति में आध्यात्मिक गुरु को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। यहां तक कि हमारी वैदिक संस्कृति के कई मंत्रों में गुरु परमब्रह्मा, तस्मै श्री गुरुवे नमः यानि गुरु को

कार्तिक माह प्रारम्भ ब्रह्म मुहूर्त में स्नान ,दान ,दीपदान, जाप से मिलेगी भगवान विष्णु की कृपा

 ॐ नमो भगवते वासु देवाय नम:   6 अक्टूबर से कार्तिक मास प्रारंभ , आध्यात्मिक ऊर्जा एवं शारीरिक शक्ति संग्रह करने में कार्तिक मास का विशेष महत्व है। इसमें सूर्य की किरणों एवं चन्द्र

बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक हैं नवरात्रि

भारतीय जन-जीवन में धर्म की महत्ता अपरम्पार है। यह भारत की गंगा-जमुना तहजीब का ही नतीजा है कि सब धर्मों को मानने वाले लोग अपने-अपने धर्म को मानते हुए इस

गुरु नानक ने समाज में भलाई का सन्देश दिया था

हमारे साधु संतों ने सदा सर्वदा समाज को भलाई का मार्ग दिखाया था। इसी परम्परा का निर्वहन करते हुए गुरु नानक देव ने समाज को झूठ, प्रपंच और अहंकार को

21 सितम्बर जयन्ती पर विशेष : समाजवाद के प्रर्वतक युग पुरुष थे महाराजा अग्रसेन

दुनिया में आज जिस समाजवाद की बात की जाती है उसको 5000 वर्ष पूर्व ही महाराजा अग्रसेन ने सार्थक कर दिखाया था। महाराजा अग्रसेन को समाजवाद का सच्चा प्रणेता कहा

21 सितम्बर जयन्ती पर विशेष : समाजवाद के प्रर्वतक युग पुरुष थे महाराजा अग्रसेन

दुनिया में आज जिस समाजवाद की बात की जाती है उसको 5000 वर्ष पूर्व ही महाराजा अग्रसेन ने सार्थक कर दिखाया था। महाराजा अग्रसेन को समाजवाद का सच्चा प्रणेता कहा

17 सितम्बर विश्वकर्मा जयंती पर विशेष : देवताओं के वास्तुशिल्पी ‘विश्वकर्मा’

भगवान विश्वकर्मा को वास्तुशास्त्र और तकनीकी ज्ञान का जनक माना जाता है। पौराणिक साक्ष्यों के मुताबिक, स्वर्गलोक की इन्द्रपुरी, यमपुरी, वरुणपुरी, कुबेरपुरी, असुरराज रावण की स्वर्ण नगरी लंका, भगवान श्रीकृष्ण

गणेशोत्सव में सात दिन रहेगा सर्वार्थसिद्धि और रवि योग, ये होगा असर

उज्जैन। रिद्घि-सिद्घ के दाता गौरीपुत्र गणेश इस बार 12 दिन विराजेंगे। गणेशोत्सव के पर्वकाल में 7 दिन सर्वार्थसिद्घि और रवियोग का विशिष्ट संयोग रहेगा। ज्योतिष के अनुसार यह सात दिन

गणेशजी सात्विक एवं सार्वभौमिक देवता हैं 

  भाद्रपद शुक्ल कह चतुर्थी को सिद्धि विनायक भगवान गणेश का जन्म हुआ। गणेश के रूप में विष्णु शिव-पावर्ती के पुत्र के रूप में जन्म थे। उनके जन्म पर सभी

विघ्नहर्ता है गणपति बप्पा मोरया

भगवान गणेश के जन्मोत्सव को गणेश चतुर्थी के रूप में जाना जाता है। गणेश चतुर्थी का पर्व पूरे देशभर में श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। मान्यता है

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