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फलो से सुन्दरता

आपकी सुन्दरता आपके खानपान पर काफी निर्भर करती है। जैसे अन्न वैसा तन ‘‘यह लकोकति सदियों बाद भी आज भी चिरतार्थ सिद्ध होती है। आपके पंसदीदा फलों के सेवन से त्वचा के रोगों से मुक्ति पाकर आप चमचमाती तथा सुन्दर त्वचा ग्रहण कर सकते है। यदि आप फल खाने का शौक फरमाते है तो निरोगी काया तथा सुन्दर एवं आभायामन त्वचा आपको स्वतः ही मिल जाएगी। फल ग्रहण करने से बाहरी तथा आन्तरिक दानों सौंदर्य में निखार आता है जिससे त्वचा की रंगत बदलकर लाल तथा पीली हो जाती है तथा त्वचा में जबरदस्त आकर्षण पैदा होता है। नीचे बताएं गए फलों के नियमित सेवन से आप स्वास्थ्य सौंदर्य प्राप्त कर सकते हे।

आम: 

आम को फलों का राजा कहा जाता है आम ए, सी, ई, के, विटामिन मिनरल, पोटाशियम, कैलशियम तथा मैगनिशियम से परिपूर्ण होते है। आम के फल में वायोफलेवोनोडज विद्यमान होते है। जो कि प्रभावी एंटी आक्सीडैंट होते है तथा त्वचा के मूल स्वरूप को पहुंची क्षति को निष्प्रभावी बनाकर इसे मूल रूप में वापिस लाते है। आम विटामिन ए तथा सी से पूरीपूर्ण होते है तथा त्वचा में ताजगी यौवनपन तथा गोरापन लाने में मदद करते है। यह त्वचा में झुर्रियां तथा बुढ़ापे को रोकने में भी मदद करते है। आम न केवल शरीर के सामान्य सन्तुलन को बनाए रखते है बल्कि इनके आहार से त्वचा तथा बाल मुलायम तथा चमकीले होते है। आम के सेवन से बालों के छिद्र कस जाते है जिससे बालों की जुडे़ मजबूत होती है। आम का गुदा फ्रूट पैक में सम्मलित करके त्वचा तथा बालों पर लगाया जा सकता है। शरीर तथा बालों के सौंदर्य उत्पादों को बनाने वाली कम्पनियां आम को सौंदर्य प्रसाधनों में जमकर प्रयोग करती है।

नीबूं:

नीबूं विटामिन-सी तथा मिनरल का स्त्रोत माना जाता है। सौंदर्य सामग्री के तौर पर नीबूं को कई प्रकार से प्रयोग किया जा सकता है। नीबूं को पानी मिलाकर ही प्रयोग में लाना चाहिए अन्यथा इससे त्वचा को नुकसान भी हो सकता है। नीबूं के गाढे घोल के प्रयोग से बचना चाहिए। हालांकि घुटनों कोहनियों में नीबूं के छिलकों को सीधे रंगड़ कर बाद में पानी से धोया जा सकता है। नीबूं के लगातार प्रयोग से त्वचा साफ तथा गोरी बन जाती है तथा रंगत में निखार आता है। नीबूं को हैंडलोशन की तरह भी प्रयोग में लाया जा सकता है। हल्के नीबूं रस को गुलाब जल में मिलाकर हाथों की त्वचा से मलिए। खुरदरें हाथों के लिए नीबूं जूस तथा दानेदार चीनी के मिश्रण को हाथेां की त्वचा पर तब तक मलिए जब तक चीनी पूरी तरह घुल न जाए तथा उसके थोड़ी देर बाद हाथों को ताजे स्वच्छ पानी से धो डालिए। इस मिश्रण के लगातार उपयोग से हाथों की त्वचा मुलायम होती है तथा त्वचा में निखार आता है। बालों को चमकीला तथा मुलायम बनाने के लिए नीबूं रस को टी वाटर में मिश्रित करके बाल धोने के लिए उपयोग में लाऐं। उबली हुई चाय पत्तियों को पर्याप्त पानी में उबालकर इस द्र्रव्य रस को ठण्डा होने दें। इस ठण्डें द्रव्य में नीबूं रस मिलाकर इससे बाले धोने से बाल मुलायम तथा चमकलीे बनते है। नीबूं के छिलकों को सुखाकर इसका पाउडर बनाकर इसे फेस पैक तथा स्क्रब में प्रयोग किया जा सकता है।

पक्का पपीता:

अनेक विशिष्ट गुणों से परिपूर्ण होने के कारण पपीते को फरिशतों का खाना भी कहा जाताहै। पपीता विटामिन ए, बी., जी., पोटाशियम, काॅपर, मैगनिशियम से परिपूर्ण एंटी आक्सीडैंट होता है। पपीते में पपेन नामक एनजाईम विद्यमान होता है जोकि त्वचा की मृतक कोशिकाओं को मुलायम तथा हटाने में मददगार साबित हेाता है जिससे त्वचा चमकीली तथा निर्मल बन जाती है। पपीते के नियमित सेवन से त्वचा की रंगत में निखार आताहै। पक्के पपीते के गुदे को चेहरे पर लगाया जा सकता है। पपीते के गुदे को जैई के आटे, दही तथा शहद से मिलाकर फेस मास्क तैयार किया जाता है। इस फेस मास्क को चेहरे पर लगाने के 20-30 मिनट बाद चेहरे को तोजे पानी से धो डालिए। पपीते के गुदे को दही में मिलाकर इसे शरीर पर भी लगाया जा सकताहै। केला: केले को पोषाहार तथा स्वास्थ्य लाभ के लिहाज से सबसे लोकप्रिय फल माना जाता है। केला पोटाशियम तथा विटामिन-सी का सबसे मुल्यवान स्त्रोत माना जाता है। केला त्वचा तथा बालों दोनों के सौंदर्य में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। केले में विद्यमान पोटाशियम तत्व बालों तथा त्वचा दोनों को मुलायम बनाते है। केले का गुदा बनाकर इसे फेस तथा हेयर पैक दोनों में प्रयोग में लाया जा सकता है। बार-बार बालों के रंगने से अन्य रसायनिक उपचारों से बालों को पहुंची क्षति से उभारने में केला अहम भूमिका निभाता है। केले का गुदा या लुगदी को पैक की तरह चेहरे पर लगाकर 20 मिनट बाद चेहरे को ताजे पानी से धो डालिए। केले की लुगदी में अण्डे का पीला भाग या दही मिलाने से इसे हेयर पैक की तरह प्रयोग किया जा सकता है। यदि आपके बाल अत्याधिक शुष्क हो तो एक चम्मच शुद्ध गलिसरीन या शहद को केले के पैक में मिलाए। केले के हेयर पैक में बादाम तेल भी मिलाया जा सकता है।

सेब:

सेब अनगिनत स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता है। एक प्राचीन लकोकती के अनुसार प्रतिदिन सेब के सेवन से वैद्य घर के दरवाजे से कोसो मील दूर रहते है। सेब में विटामिन-सी, बी-6, रिवोफलोवन, पोटाशियम, तांबा, मगनीशयम, जैसे पोषाहार तत्व प्रचूर मात्रा में विद्यमान होते है। सेब में फिटोन्यू टैªन्टस तथा फलैवोनोस्डज पोषाहार तत्व मौजूद होते है। सेब में पेक्टिन पाई जाती है जोकि संवेदनशील त्वचा के लिए काफी सहायक मानी जाती है। सेब ‘‘स्किन टोनर’’ माने जाते है जोकि त्वचा को मजबूत बनाने तथा रक्त संचार में अहम भूमिका अदा करते है। सेब में एंटी अक्सीडेंट गुुण मौजूद होते है जो कि त्वचा में आक्सीडेशन हानि को रोकने में प्रभावी भूमिका अदा करते है। जिससे त्वचा की झुर्रियों को रोकने में मदद मिली है तथा बुढ़ापे को रोका जा सकता है। सेब में फ्रूट एसिड विद्यमान होते है जो कि त्वचा को साफ करने में अहम भूमिका अदा करते है तथा मृतक त्वचा कोशिकाओं को हटाने में मददगार साबित होते है जिससे त्वचा में चमक आती है तथा त्वचा पर काले धब्बे मिटाने में मददगार साबित होते है। कच्चे सेब की लुगदी तथा सेब के जूस के प्रतिदिन त्वचा पर 20 मिनट तक लगाकर इसे ताजे पानी से धो डालिए। सेब को पीसकर इसे फेस मास्क में सम्मलित किया जा सकता है। जेई को दही, शहद तथा सेब की लुगदी में मिलाकर पेस्ट बना लीजिए। इस मिश्रण को चेहरे पर 20-30 मिनट तक लगाने के बाद चेहरे को ताजे पानी से धो डालिए। एपल सिडार विनैगर बालों की रूसी के उपचार में काफी प्रभावी साबित होता है तथा बालों में चमक लाता है। बालों में शैम्पू के बाद एक मग पानी में 2 चम्मच एपल सिंडार विनैगर का मिश्रण करके इसे बालों को अन्तिम धुलाई के तौर पर प्रयोग कीजिए। प्रतिदिन एक सेब के आहार से सौदर्य समस्याओं का काफी हद तक समाधान हो जाता है।

शहनाज हुसैन

 

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