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नव वर्ष अभिनंदन काव्य-गोष्ठी का आयोजन

संजय कुमार गिरि

प्रज्ञान पुरुष पंडित सुरेश नीरव जी की अध्यक्षता में ‘अखिल भारतीय सर्वभाषा संस्कृति समन्वय समिति’ एवं ‘नव जन चेतना के संयुक्त तत्त्वावधान में वर्ष 2017 की विदाई-वेला में एवं नव-वर्ष 2018 के आगमन के उपलक्ष्य में जिला गाज़ियाबाद के होटल हेवन में एक नव वर्ष अभिनंदन काव्य-गोष्ठी का आयोजन हुआ। कार्यक्रम की संयोजिका थीं प्रसिद्ध शिक्षाविद् सुश्री ऋचा सूद। कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम एवं गाज़ियाबाद तथा अलीगढ़ से अनेक युवा एवं वरिष्ठ कवि-कवियित्री आए। कार्यक्रम का आरंभ मंच पर विराजमान एवं अन्य गणमान्य कवियों ने दीप प्रज्वलित करके किया। दीप प्रज्वलन के पश्चात् पंडित सुरेश नीरव जी ने गोष्ठी में पधारे सभी कवियों का स्वागत किया। इस साहित्योत्सव के मुख्य अतिथि थे- प्रसिद्ध पत्रकार एवं ‘दैनिक हिंट’ के संपादक श्री कमल सेंखरी जी। उन्होंने भी अपने विचारों से अवगत कराते हुए अपनी कुछ रचनाओं का आस्वादन करवाया। पंडित सुरेश नीरव जी की व्यंग्य रचनाओं पर आधारित पुस्तक ‘नेताजी नर्क में’ का लोकार्पण भी किया गया और पुस्तक की प्रतियाँ श्रोताओं में वितरित की गई।

कार्यक्रम के अध्यश्र पंडित सुरेश नीरव जी, सुश्री ऋचा सूद जी, श्री राजेश्वर राय जी, श्री कमल सेंखरी जी के कर-कमलों से कार्यक्रम में पधारे युवा एवं वरिष्ठ कवि-कवयित्रियों को एक स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। इसके पश्चात् पंडित सुरेश नीरव जी ने सभी प्रतिभागियों को जल-पान के आस्वादन हेतु आमंत्रित किया। जलपान के पश्चात् दिन के तीन बजे से आरंभ हुआ यह सारस्वत यज्ञ रूपी कार्यक्रम रात के 8 बजे तक निर्बाध चलता रहा।

दिल्ली एवं लखनऊ से प्रकाशित होने वाले दैनिक ‘ट्रू टाइम्स’ एवं साप्ताहिक समाचार पत्र ‘डाटला एक्सप्रेस’ के संपादक एवं वरिष्ठ कवि राजेश्वर राय जी ने भारतीय संस्कृति के संबंद्ध में नवीन और प्राचीन विचारधाराओं के विषय में अपने विचार रखे और भारत-भर में तेजी से लोकप्रिय हो रहे अपने प्रिय मुक्तकों में से कुछ मुक्तक श्रोताओं के समक्ष प्रस्तुत किए, जिनका शीर्षक है ‘दयानिधि अब तो लो अवतार’। देश भर के अनेक समाचार पत्र और पत्रिकाओं में इनके अनेक मुक्तक प्रकाशित होते रहे हैं और हो रहे हैं।

किसी भी कार्यक्रम की सफलता उसके संचालन पर बहुत अधिक निर्भर होती है। इस कार्यक्रम भार भी लोकप्रिय कवि श्री विजय भारद्वाज जी के कंधों पर था और कहना न होगा कि उन्होंने बहुत कुशलता से इस कार्यक्रम का संचालन किया। लगभग 30 से अधिक कवियों को अल्प समय में काव्य-पाठ करवाना बहुत ही कठिन होता है, किंतु उन्होंने अपने कुशल संचालन से यह संभव कर दिखाया।

कार्यक्रम की प्रथम रचना को प्रस्तुत करने का अवसर मिला श्री शिवम गर्ग को जिन्होंने वर्तमान के सर्वाधिक चर्चित चरित्र ‘पद्मावती’ पर एक वीर रस की कविता के माध्यम से श्रोताओं के समक्ष उस युग का एक चित्र प्रस्तुत कर दिया। वरिष्ठ कवि श्री संजय कुमार गिरी जी न केवल कवि हैं, वरन् एक अच्छे चित्रकार भी हैं। कविता-पाठ से पूर्व उन्होंने पंडित सुरेश नीरव जी का एक रेखाचित्र भेंट किया और कविता-पाठ के समय उतनी ही तन्वयता और खूबसूरती से माँ शारदे को स्मरण किया और कुछ शेर प्रस्तुत किए।

वरिष्ठ कवि श्री राम आसरे गोयल जी ने श्रृंगार रस से भीगा एक प्रेमगीत सुनाया। युवा कवि सृजन शीतल ने अपनी आयु के अनुसार ही एक एक देशभक्ति गीत प्रस्तुत किया और ‘माँ की ममता‘ पर कुछ पंक्तियाँ सुनाईं। युवा कवि मृणांक कुमार ने अपनी सुमधुर आवाज में एक बहुत ही मीठा गीत प्रस्तुत किया।

वरिष्ठ कवयित्री श्रीमती सुनीता ‘श्रुतिश्री’ शेर के साथ अपना वाचन आरंभ किया और एक कविता सुनाई, जो विशेष रूप से बेटी को ध्यान में रखकर लिखी गई थी। श्री जगदीश मीणा जी ने एक श्रृंगार गीत सुनाया। मृत्युंजय साधक जी अपनी आरोह-अवरोह शैली में शब्दों के रेखाचित्र खींचे।

गुरुग्राम से पधारे डॉ. अशोक कुमार ज्योति जी ने एक बहुत ही विशेष रचना प्रस्तुत की, जिसमें अ, आ, ई और ए, बी, सी, डी के माध्यम से एक बच्चे की शिक्षा का महत्त्व दर्शाया गया है। वरिष्ठ कवयित्री कल्पना कौशिक जी की एक खूबसूरत गज़ल और स्नेह भारती जी की देशभक्ति रचना का श्रोताओं ने बहुत आनंद लिया। नव वर्ष का आयोजन हो और उसमें नव वर्ष पर कविता पाठ न हो ऐसा कैसे हो सकता है ? सुश्री सीमा गुप्ता ने नव वर्ष मंगलमय के मंगलमय आगमन की कामना करती हुई एक सुंदर रचना प्रस्तुत की।

सामाजिक सारोकारों पर अपनी लेखनी चलाने वाले कवि जयप्रकाश ‘विलक्षण’ ने नारी विषय पर अपनी रचना प्रस्तुत की, जिसमें इतिहास और वर्तमान के विभिन्न उदाहरणों से नारी को अबला से सबला बनने की ओर अग्रसर रहने को प्रेरित किया गया था। टीवी चैनलों पर चर्चित कवि शैल भदावरी जी ने स्वरचित भोला नामक किरदार पर अनेक कुंडलिया लिखे हैं। कुछ व्यंग्य के छींटे उन्होंने श्रोताओं पर भी बरसाए। श्री मनीष जी, सुश्री नीतू शर्मा, सुश्री कुसुम पालीवाल, ग्रेटर नोएडा से पधारे आचार्य श्याम स्नेही, श्री प्रदीप सुमनाक्षर, गाजियाबाद की वरिष्ठ लेखिका डॉ वीणा मित्तल ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को भाव-विमुग्ध किया।

 

पंडित सुरेश नीरव जी नव प्रतिभाओं का कितना विशेष ध्यान रखते हैं, इस काव्यायोजन में इसका प्रमाण पुनः मिला। पंडित जी ने दो बाल प्रतिभाओं सौभाग्य स्वस्तिमान और मेधा महिमाश्री को भी इतने वरिष्ठ कवि-कवयित्रियों के मध्य कविता-पाठ करने का अवसर प्रदान किया। प्रतिभाओं से न्याय कैसे किया जाता है, यह वरिष्ठ कवियों को पंडित सुरेश नीरव जी से सीखना चाहिए।

काव्योत्सव का संचालन कर रहे लोकप्रिय वरिष्ठ कवि श्री विजय भारद्वाज ने भी पंडित सुरेश नीरव जी के आग्रह पर देशभक्ति और श्रृंगार पर अपनी रचनाएँ प्रस्तुत कीं, श्रोताओं ने तालियों से उनकी रचनाओं के प्रति सम्मान प्रकट किया।

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