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प्रधानमंत्री कर सकते है रामकृष्ण मिशन संग्रहालय का उद्घाटन

विजय न्यूज़ ब्यूरो। रमेश सर्राफ
झुंझुनू। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आगामी 22 जनवरी को रामकृष्ण मिशन खेतड़ी में बने नए म्यूजियम का उद्घाटन करेंगे। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री 22 जनवरी को रामकृष्ण मिशन खेतड़ी में बने नए म्यूजियम का उद्घाटन करेंगे। 25 नवम्बर 2013 को विधानसभा चुनाव के दौरान जब नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री नहीं थे तब एक चुनावी रैली को संबोधित करने के लिए खेतड़ी आए थे। उस वक्त मोदी सबसे पहले रामकृष्ण मिशन आश्रम गए थे। उन्होंने मिशन के सचिव आत्मनिष्ठ आनंद महाराज से संग्रहालय का काम पूर्ण हो जाने पर यहां दुबारा आने की की इच्छा जाहिर की थी। उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल पर उस समय ट्वीट भी किया था कि खेतड़ी में बिताए हुए पल से मुझे आत्मिक शांति मिल रही है। मैं अपने आप को आशीर्वादित महसूस कर रहा हूं।
संग्रहालय के उद्घाटन की बात उस समय कही थी इसके लिए मिशन के सचिव लगातार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यालय में संपर्क करते रहे और वहां से उनको जवाब मिलता रहा कि जब संग्रहालय का काम पूर्ण हो जाए तब सूचित कर देना। अब संग्रहालय का काम अपने अंतिम चरण में है और प्रधानमंत्री कार्यालय से सूचना आ चुकी है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संभावित दौरा 22 जनवरी को हो सकता है। मिशन में चल रहा संग्रहालय का काम अब युद्ध स्तर पर किया जा रहा है और कारीगर दिन रात लगे हुए हैं जो संभवत प्रधानमंत्री के आने से पहले पूरे काम को अंजाम दे देंगे। गौरतलब है कि स्वामी विवेकानंद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आदर्श हैं वह जहां भी जाते हैं वहां यदि रामकृष्ण मिशन होती है तो वहां जरूर जाते हैं।

खेतड़ी के तत्कालीन राजा अजीत सिंह ने फतह विलास महल को रामकृष्ण मिशन के लिए दिया था जो कोलकाता के बेलूर मठ द्वारा संचालित है। स्वामी विवेकानंद और राजा अजीत सिंह के प्रगाढ़ रिश्ते की दास्तान को संग्रहित करने के लिए खेतड़ी में विश्वस्तरीय संग्रहालय का निर्माण किया जा रहा है जिसमें राजा अजीत सिंह और स्वामी विवेकानंद से जुड़ी यादों को ताजा किया जाएगा। स्वामी विवेकानंद का जन्म, उनकी पढ़ाई लिखाई, उनका ज्ञान दर्शन, खेतड़ी आगमन, राजा अजीत सिंह से मिलन, स्वामी विवेकानंद का जहाज द्वारा विश्वधर्म सम्मेलन में शिकागो जाकर धर्म सभा में भाग लेना, वहां के प्रतिष्ठित लोगों से मिलना, और उनका समाधि लेना यह सभी चीजें म्यूजियम में दर्शाई गई है। गौरतलब है कि स्वामी विवेकानंद का नाम पहले नरेंद्रनाथ दत्त था खेतड़ी के राजा अजीत सिंह ने उनका नामकरण स्वामी विवेकानंद के रूप में किया और अब देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आ रहे हैं उनका नाम भी नरेंद्र है।
खेतड़ी के रामकृष्ण मिशन के सचिव ने बताया कि राम कृष्ण संग्रहालय का निर्माण 2011 में प्रारंभ हुआ था। निर्माण कार्य में लगभग 6 करोड रुपए की लागत आई है जो केंद्र व राजस्थान सरकार और मिशन द्वारा संयुक्त रुप से लगाई गई है। इस में सैकड़ों कारीगरों ने काम किया है जिसमें नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन अहमदाबाद के कारीगरों ने स्वामी विवेकानंद से जुड़ी हर यादों को अपनी डिजाइन के माध्यम से दिखाया है। स्वामी विवेकानंद के बचपन से लेकर समाधि तक की पूरी कहानी बताई गई है । वही इसका मुख्य आकर्षण होगा ज्ञान का कुआं जिसे जयपुर के मशहूर कारीगरो ने मिशन में कलाकृतियां उकेरी है। वही धौलपुर के कारीगरों ने लाल पत्थरों को अपने हाथों से गढ़ कर मिशन को रजवाड़ा लुक प्रदान किया है। मिशन के संग्रहालय दीवाने खास दीवाने आम में विशेष कलाकृतियां जयपुर के कारीगरों ने अपनी कलम से उकेरा है।
मिशन के सचिव आत्मनिष्ठ आनंद महाराज संग्रहालय के काम में दिन रात लगे रहते हैं और हमेशा प्रयासरत रहते हैं। उनका कहना है कि यहां प्रधानमंत्री आते हैं तो खेतड़ी के लिए अच्छी बात होगी और खेतड़ी में विकास की नई गंगा बहेगी और पर्यटन के क्षेत्र में भी खेतड़ी विकसित होगा यहां पर देश विदेश से पर्यटक आने लगेंगे। इससे खेतड़ी में पर्यटन की संभावनाएं ज्यादा बढ़ेगी।

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