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पर्यावरण की रक्षा करना हर व्यक्ति का दायित्व

नई दिल्ली/मेरठ। जब भी मनुष्य प्रकृति के विरूद्ध आचरण करने से पर्यावरण प्रदूषित होने लगा है, पर्यावरण को बचाने के लिए हमें सरकार के भरोसे नहीं रहना चाहिए। यह वक्तत्य राष्टीयª अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन सैय्यद गयूरुल हसन रिजवी ने नई दिल्ली स्थित गांधी शंति प्रतिष्ठान में मीडिया एसोसियेशन व आकाशवाणी नई दिल्ली के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित सम्मेलन व अभिनन्दन समारोह में व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि प्रकृति हर व्यक्ति को जीने के विभिन्न संसाधन निशुल्क प्रदान करती है, इसलिए हर व्यक्ति का दायित्व है कि वह पर्यावरण की रक्षा करें।
सम्मेलन व अभिनन्दन समारोह के मुख्य अतिथि श्री रिजवी ने कहा कि आज हम प्रकृति के विरूद्ध कार्य कर रहे हैं गर्मी में पैदा होने वाली फसलों को हम सर्दी में उगा रहे हैं तथा सर्दी में होने वाली फसलों को गर्मी में उगा रहे हैं, प्रकृति के विरूद्ध फसलों के उत्पादन करने से उपज अनाज व सब्जियों का स्वाद भी बदलने के साथ-साथ, अनेक प्रकार की बीमारियों को न्यौता दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमें जागरूक होकर तथा अन्यों को जागरूक करते हुए इससे बचनें तथा ऐसा न करने की शपथ लेनी चाहिए जिससे समाज स्वस्थ रह सके।
उन्होंने कहा कि राष्ट्र व प्रकृति हमें जीवनपर्यन्त हवा, पानी व खाने के लिए अनाज सब्जियां आदि प्रदान करता है तथा मरणोपरांत भी अपनी सामाजिक रीति के अनुरूर्प अिस्थयां गंगा में प्रवाहित करते हैं या दफन करते हैं। लेकिन हम राष्ट्र व प्रकृति का कितना सम्मान करते है यह सब जग जाहिर है। हम सार्वजनिक स्थानों पर पान गुटखा थूक कर, लाउडस्पीकर के तेज आवाज से तथा अपनी सुख सुविधा के लिए वृक्षों का काट कर प्रदूषण फैला रहे है। उन्होंने कहा कि हम विकास के साथ साथ पर्यावरण को दूषित करने में लगे है। पर्यावरण प्रदूषण के कारण आज देश में चारों ऋतुओं पर भी भारी प्रभाव पड़ा है कम सर्दी, अधिक गर्मी व कम बरसात होना भी पर्यावरण प्रदूषण का महत्वपूर्ण कारण है।

सम्मेलन व अभिनन्दन समारोह में प्रमुख अतिथि राष्ट्रीय महिला आयोग के सदस्य सुषमा साहू ने कहा कि हमारी प्रकृति के प्रति क्या जिम्मेदारी है इस पर हम कभी भी विचार नहीं करते। प्रकृति ने हमें सबकुछ प्रदान किया है। प्रकृति के कारण ही अपनी भूख व सही रूप से सांस ले पाते हैं, लेकिन हम प्रकृति का क्या दे रहे हैं इसका हमने कभी चिन्तन नही किया। आज चारों ओर प्रदूषण दूषित हो रहा है लेकिन हम आज भी पॉलीथीन का प्रयोग नहीं रोक पा रहे हैं पॉलीथीन पर्यावरण दूषित करने प्रमुख कारण है हमें समाज में लोगों को एक जुट कर पॉलीथीन का प्रयोग न करने की शपथ लेनी चाहिये। समाज के हर व्यक्ति को वातारण को हरा भरा बनाने के लिए वृक्षारोपण करने के लिए जागरूक करना चाहिये। उन्होंने कहा कि स्वच्छता से भी हम पर्यावरण को प्रदूषित होने से बचा सकते है।
सम्मेलन व अभिनन्दन समारोह की प्रमुख अतिथि राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग की सदस्य डा0 स्वराज विद्वान ने कहा कि आज हम आधुनिकता के नाम पर पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहे हैं। आज देश मे कचरों की चट्टाने बन गयी है कचरा निस्तारण न होना भी हमारे पर्यावरण को दूषित करने का प्रमुख कारण बन रहा है। उन्हानें कहा कि कचरे विद्युत उत्पादन किया जा सकता है साथ ही कचरके ेअपशिष्ट से जैविक खाद का उत्पान कर हम देश के पर्यावरण के साथ साथ हम अपनी फसलों की उपज को बढ़ा सकते है। उन्होंने कहा कि हमारी भारतीय संस्कृति में गाय का पालन करना पर्यावरण को शुद्ध करने में महत्वपूर्ण योगदान है पुराने जमाने में लोग अपने घरों में गाय के गोबर चौका लगाते थे गाय के गोबर चौका लगाने से वातारण में फैले कीटाणु मर जाते थे, लेकिन आज आधुनिकता में सब समाप्त हो गया है।
सम्मेलन व अभिनन्दन समारोह की विशिष्ट अतिथि एडिनशल कमिशनर दिल्ली पुलिस भैरो सिंह गुर्जर ने कहा कि प्रकृति ने हमें संतुलित मात्रा में सभी चीजें प्रदान की हैं लेकिन मानव ने अपनी सुविधा के लिए प्रकृति से छेड़छाड़ कर पर्यावरण को प्रदूषित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मानव देश व राष्ट्र से बंधे होते होते हैं लेकिन वायु को सीमा में नहीं बांधा जा सकता है। हमें सांस लेने के लिए स्वच्छ वायु की आवश्यकता होती है। स्वच्छ वायु के लिए हमें अधिक से अधिक वृक्ष लगाने चाहियें।
सम्मेलन व अभिनन्दन समारोह की विशिष्ट अतिथि आकाशवाणी राष्ट्रीय प्रसारण के निदेशक डी0एस0 चौहान ने कहा कि जन सहयोग से ही पर्यावरण को बचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मृदा प्रदूषण का ज्ञान न होना व अधिक रसायनिक खादों के इस्तेमाल भी हमारे पर्यावरण को दूषित बनने का कारण बने हुए है। किसानों को रासायनिक खादों का इस्तेमाल करने से बचना चाहिये। उन्होने कहा कि जमीन के अन्दर एक कैचुआ भी पृथ्वी को जैविक बनाने में सहयोग करता है लेकिन अधिक रासायनिक खादों के इस्तेमाल व प्रदूषण के कारण कैचुओं की प्रजाति में कमी आई हैं।
सम्मेलन व अभिनन्दन समारोह का संचालन संस्था के अध्यक्ष के0पी0 सिंह ने किया। सम्मेलन में प्रमुख्स रूप से प्रताप सिंह भाटी, पदम सिंह वरुण, ब्रहमपाल सिंह एडवोंकेट, डीके पाल, मयंक गुप्ता, आशुतोष खटाना, संजय श्रोत्रिय सहित सैकडों की संख्या में पत्रकार व गणमान्य उपस्थित रहे।

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