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2018 में ही बनेगा राम मंदिर : महंत सुरेशदास

विजय न्यूज़ ब्यूरो। रमेश सर्राफ
झुंझुनू। अयोध्या के दिगम्बर अखाड़ा के महंत व अयोध्या के राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख रहे महंत सुरेशदास ने कहा कि 2018 में हर हाल में अयोध्या में राम मंदिर बनेगा। उन्होंने कहा कि केंद्र में मोदी सरकार है तो यूपी में योगी सरकार। सुप्रीम कोर्ट में मामला चल रहा है। उसका निर्णय आ जाता है। इसके बाद मोदी सरकार भी वल्लभ भाई पटेल की तरह सोमनाथ मंदिर बनाने के लिए बनाए गए कानून की तरह कदम उठाकर राम मंदिर बनाने के लिए कानून बनाएं और 2018 में हर हाल में अयोध्या में राम मंदिर बनाएं। उन्होंने या फिर देश के हिंदू समाज ने आंदोलन समाप्त नहीं किया है बल्कि स्थगित किया है। 2019 में फिर से आंदोलन शुरू होगा और पूरा देश इसमें उनके साथ है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री इस मामले में यदि कोई बहाने करेंगे तो वो नहीं चलेगा। वहीं यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने दो दिन पहले भी उन्हें आश्वस्त किया है कि 2018 में हर हाल में मंदिर बनेगा। महंत सुरेशदास झुंझुनू जिले के केड शक्ति धाम में आयोजित चार दिवसीय संत समागम समारोह को सम्बोधित करते हुये यह बात कही।

अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त भागवत कथा वाचिका साध्वी निधि ने कहा कि विडंबना है कि विदेशी लोग हमारी संस्कृति, संस्कार और आध्यात्म का अनुसरण कर रहे है और देश के युवा पाश्चात्य संस्कृति की ओर बढ़ रहे है। इसके लिए हमें सोचना होगा। उन्होंने कहा कि प्रभु की भक्ति में युवाओं को ध्यान लगाना चाहिए। जिस तरह से हम पासवर्ड देकर अपना मोबाइल वाई फाई से कनेक्ट कर सकते है। उसी तरह प्रभु की प्रार्थना का पासवर्ड हमने हमारे मन में लगा दिया तो सीधे परमात्मा से जुड़ाव कोई नहीं रोक सकता।
शनिवार को संत समागम में जगदगुरू रामानुजाचार्य राघवाचार्य महाराज, निर्माण पीठाधीश्वर आचार्य विशोकनंद भारती महाराज, स्वामी रालेशानंद महाराज, स्वामी कामेश्वरपुरी महाराज तुलसीमानस मंदिर हरिद्वार, स्वामी सर्वेशानंद महाराज, डॉ. कैलाशनाथ तिवारी, साध्वी कृष्ण प्रिया वृंदावन, महामंडलेश्वर स्वामी नवलगिरी महाराज, महामंडलेश्वर स्वामी शिवस्वरूपानंद महाराज, महामंडलेश्वर स्वामी कृष्णानंद महाराज, महामंडलेश्वर स्वामी विश्वेरानंद महारारज तथा महामलंडेश्वर स्वामी आत्मानंद महाराज आदि का भी सानिध्य रहा। जिन्होंने हिंदू संस्कृति और धर्म पर अपने अपने विचार रखे।

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