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दर्शकों को जोड़ने की चुनौती

बेंगलुरु में क्रिकेट खिलाड़ियों के बिकने के लिए लगाया गया दो दिनी नीलामी मेला खत्म हो गया। जिन खिलाड़ियों के ज्यादा मोल लगने थे उनको खरीददारों ने नकारा। लेकिन जिन्हें कोई पूछता तक नहीं था वह क्रिकेटर बेभाव बिके। धुरंधरों की कीमत न लगने को आईपीएल इतिहास में बड़ा बदलाव कहा जा रहा है। इसबार अनकैप्ड प्लेयर्स दिग्गजों पर भारी पड़े। टीम मालिकों ने आईपीएल के इस सीजन में खिलाड़ियों के खरीदने का पैमाना पूरी तरह से बदल दिया। इस सीजन में दो निलंबित टीमों की भी वापसी हो रही है। 11वें सीजन में राजस्थान रायॅल्य और चैन्नई सुपर किंग्स फिर मैदान में दिखेगी। आयोजकों की माने तो इनके आने से रोमांच बढ़ेगा। किसी ने सोचा भी नहीं होगा कि पिछले दसों सीजन के सुपर स्टार खिलाड़ी इस बार औंधे मुंह गिर जाएंगे। पिछले साल की भांती 11वें लीग में भी आठ टीमें होंगी। सभी आठों टीमों के लिए कुल 169 खिलाड़ी खरीदे गए, जिसमें 113 हिंदुस्तान के हैं और 56 विदेशी खिलाड़ी इस बार खेलेंगे। रकम की बात करें तो 431.70 करोड़ रुपये नीलामी के लिए खर्च किए गए हैं। इंग्लैंड के बेन स्टोक्स और भारत के जयदेव उनादकट इसबार नीलामी में सबसे महंगे खिलाड़ी रहे। देखा जाए तो दर्शक भी खेल मैदान में अब नए चेहरों को देखना चाहते हैं। दशकों की चाहत को पूरा करने के लिए ही टीम मालिकों ने इस बार ये बदलाव किया है।
क्रिकेटप्रेमियों के अलावा बीसीसीआई और देश-दुनियां के क्रिकेट खिलाड़ियों को आईपीएल का इंतजार बेसब्री से रहता है। इंतजार हो भी क्यों न, लीग कमाई और शौहरत का जरिया जो बन गई है। इस खेल में खिलाड़ियों के लिए बेशुमार पैसा है। यही वजह है कि आईपीएल ने कई अनजान चेहरों को नई पहचान दी है। लीग में चारों ओर पैसा बरसता है इसलिए हर कोई इस चमत्कारी आयोजन से जुड़कर अपनी जिंदगी बदलना चाहता है। पूर्व में लीग के दस सेशन सपन्न हो चुके हैं। अब 11वें की बारी है। शनिवार-रविवार को इंडियन प्रीमियर लीग 2018 के लिए खिलाड़ियों के लिए नीलामी की मंडी लगाई गई। नीलामी में टीम मालिकों में नीता अंबानी, प्रिटी जिंटा, जूही चावला, जाह्नवी मेहता समेत कई नामचीन हस्तियों ने खिलाड़ियों की बोली लगाई। बता दें कि पिछले 10 साल में बीसीसीआई की मिलियन डॉलर लीग यानी आईपीएल, ना सिर्फ बोर्ड के लिए कमाई और शौहरत का बड़ा मौका साबित हुई बल्कि इससे जुड़े क्रिकेटरों की जिंदगी को इसने बदल दिया। भारत के लिए खेल चुके क्रिकेटर को आईपीएल के बिना भी किसी परिचय के मोहताज नहीं होते हैं लेकिन फटाफट कहीं जाने वाली किक्रेट लीग ने ऐसे अनगिनत क्रिकेटरों को भी शोहरत और कमाई की बुलंदी पर पहुंचाया है।
इस साल के आईपीएल आयोजन में कुछ बदला किया जा रहा है। टीम मालिकों ने ऐसे चेहरों को शामिल किया है जिनकी उम्मीद कोई नहीं कर सकता था। नेपाल के खिलाड़ियों की भी बोली लगाई गई। उनके खरीददार भी मिले। और अच्छे भाव में खरीदे गए। रविवार को हुई नीलामी ने नेपाल के खिलाड़ी संदीप को दिल्ली डेयरडेविल्स की टीम ने बीस लाख रुपये की बेस प्राइस पर खरीदा। नेपाली क्रिकेटर संदीप के अलावा कनाडा के तारिक हमजा भी आईपीएल की नीलामी की 580 खिलाड़ियों की सूची में एसोसिएट देशों का हिस्सा बनें। उनके भी भाव लगाए गए। गौरतलब है दो वर्ष पहले अंडर- 19 विश्वकप में नेपाल के संदीप का नाम उस समय सुर्खियों में आया था जब उन्होंने टूर्नामेंट में पंद्रह विकेट लेकर चारों ओर खलबली मचा दी थी। उस वक्त यह खिलाड़ी टूर्नामेंट के दूसरे नंबर का गेंदबाज बना था। आईपीएल आयोजकों की निगाहें इस खिलाड़ी पर तभी से टिकीं थीं। वैसे उनका खेल भी उम्दा है।
बोली में इस ज्यादा बड़े नामों को तबज्जों नहीं दी गई। जो कभी करोड़ों में बिकते थे, उनका मोल इस बार नहीं लगा। कुल मिलाकर आईपीएल-2018 की निलामी ने धुरंधरों को धरातल पर ला दिया। हरफनमौला खिलाड़ी गौतम गंभीर व युवराज सिंह जैसे प्लेयरों की बोली पर कभी हौड़ लगा करती थी लेकिन इस बार ऐसे दिग्गज आसमान से जमीं पर आ गिरे हैं। इनकी जगह इसबार अनजान चेहरों ने ले ली। कुछ नाम वास्तव में हैरान कर देने वाले हैं। इसे बदलाव ही कहेंगे कि ऑटो चलाने वाले का बेटा मोहम्मद सिराज करीब ढाई करोड़ में खरीदा गया। वहीं हिंदुस्तान के शीर्ष उद्योगतियों में से एक कुमार मंगलम बिड़ला के बेटे को पहली बार लगी बोली में किसी ने नहीं खरीदा, लेकिन दोबारा लगी बोली में आर्यमन बिड़ला को 30 लाख रुपये में राजस्थान रॉयल्स ने खरीद लिया। इस खिलाड़ी की पहचान महज एक रणजी मैच खेले प्लेयर की है। आर्यमन का कैरियर कुछ खास नहीं है मुंबई रणजी का हिस्सा हुआ करते थे, प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा तो बाहर कर दिए गए थे। इसके बाद आर्यमन ने मध्यप्रदेश का रूख किया। मध्यप्रदेश की टीम के साथ खेलना शुरू किया। प्रथम श्रेणी का करियर इसी राज्य से शुरू किया। फिलहाल इस सीजन का हिस्सा बनने में कामयाब हो गए हैं। आयोजक मौजूदा सीजन में कई तरह के बदलाव करना चाहते हैं। बदलाव इसलिए कि दर्शक बोर न हों। तभी तो बड़े खिलाड़ियों को इस बार ज्यादा तबज्जों न देकर नए चेहरों पर फोकस किया। नेपाल, कनाड़ा, अफगानिस्तान, बंगलादेश जैसे देशों से खिलाड़ियों को खरीदने का मुख्य मकसद यही है कि खेल के रोमांच में नया तड़गा डाला जाए। आंकड़ों की माने तो आईपीएल का क्रेज कभी नीरस नहीं हुआ, प्रत्तेक सीजन में दर्शकों की संख्या में इजाफा होता गया। मौजूदा सीजन में भी दर्शकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है।
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रमेश ठाकुर

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