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ग्रामीण और किसानोन्मुखी बजट

नरेंद्र मोदी सरकार ने अपने पांच साला कार्यकाल के आखिरी और चुनावी बजट का आगाज कर दिया है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने गुरुवार को अपनी सरकार का वर्ष 2018 – 19 का वार्षिक बजट प्रस्तुत कर आम आदमी की उम्मीदों का पिटारा खोल दिया। मोदी सरकार ने अगले लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए अपने बजट का फोकस गांव ,गरीब, किसान और बेरोजगारों पर रखा है। इन सभी वर्गों के कल्याण की घोषणाएं की गई है। बजट में खेतीबाड़ी, ग्रामीण बुनियादी ढांचे, सूक्ष्म एवं लधु उद्यमों तथा शिक्षा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए खजाना खोल कर आम लोगों को लुभाने का प्रयास किया है। पिछले चारों बजट के मुकाबले यह बजट लोगों की आशाओं के अनुरूप है। वित्त मंत्री द्वारा लोकसभा में प्रस्तुत बजट को सत्ता पक्ष ने जहाँ क्रान्तिकारी बजट बताया है वहीँ विपक्ष ने निराशाजनक बताते हुए इसकी आलोचना की है। स्वतंत्र विश्लेषकों ने माना है कि आज के हालात में इससे अच्छा बजट दूसरा नहीं हो सकता। भाजपा ने सबका साथ सबका विकास का अपना सपना इस बजट में पूरा करने का प्रयास किया है। देश के सभी वर्गों के लोगों को कुछ न कुछ देने का प्रयास किया है। आलोचकों का कहना है कि मोदी ने अपने बजट वर्ष 2018 – 19 की शुरुआत आगामी लोकसभा चुनाव को मधे नजर रखते हुए अभी से करदी है। नोटबंदी और जीएसटी से हुए नुकसान को भी भरने का प्रयास किया है। यह बजट दर्शाता है कि सरकार लोक कल्याण की भावना के साथ काम कर आम आदमी की बहबूदी में जोर शोर से जुट गई है। इस बजट में गावँ ,गरीब और किसान को अनेक सहूलियतें दी गई है।
अंतिम बजट पेश करते हुए मोदी सरकार द्वारा कई लोक लुभावने विषयों को समेटने का इस बजट में प्रयास किया गया है कमोबेश वित्त मंत्री अरुण जेटली ने हर सेक्टर को छूने का प्रयास किया है स्वास्थ्य सुरक्षा कृषि आवास और रोजगार के सेक्टर पर इस बार ध्यान देने का प्रयास किया गया है। सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी घटाने का अहम फैसला लिया। इस फैसले के बाद पेट्रोल-डीजल 2 रुपए तक सस्ता हो गया है। बजट में कई चीजों को सस्ती कर दी है।
बजट में शिक्षा, स्वास्थय, स्वच्छता समेत हर क्षेत्र का खासा ध्यान रखा गया, लेकिन बजट पर उम्मीदें बांध कर रखने वाले मिडिल क्लास को इससे कोई राहत नहीं मिली है। मिडिल क्लास पर बड़ी मार कई चीजों से महंगे हो जाने की वजह से पड़ी है। सरकार ने कस्टम ड्यूटी महंगी कर दी है, साथ ही शिक्षा और स्वास्थय पर भी सेस बढ़ा दिया है। कस्टम ड्यूटी के महंगे हो जाने की वजह से टीवी और मोबाइल महंगे हो गए हैं। वहीं सेस 1 फीसदी बढ़ गया है, जिसके मुताबिक अब सेस 3 से 4 फीसदी देना पड़ेगा।
बजट का फोकस किसान और गांव पर था। 10 करोड़ गरीब परिवारों को हेल्थ इंश्योरेंस और ज्यादातर फसलों का समर्थन मूल्य लागत का डेढ़ गुना करने का ऐलान किया गया है। देश की लगभग 40 फीसदी आबादी को मिल सकेगा स्वास्थ्य बीमा। स्वास्थ्य के लिए 1.5 लाख आरोग्य सेंटर स्थापित किए जाएंगे। हेल्थ वेलनेस सेंटर के लिए 1,200 करोड़ रुपये जारी होंगे। आयुष्मान भारत प्रोग्राम के तहत दो स्वास्थ्य योजनाओं का भी ऐलान इस बजट मर किया गया। बजट में 70 लाख नौकरियों का वादा किया गया है।
लेकिन इनकम टैक्स की दरों में बदलाव नहीं हुआ और शेयर बाजार में लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस टैक्स लगने का मतलब है कि ज्यादा कमाने वालों को ज्यादा टैक्स चुकाना पड़ेगा. पहले शेयर बाजार की लॉन्ग टर्म कमाई पर कोई टैक्स नहीं था। नौकरीपेशा लोगों के लिए बजट में बड़ा फैसला लिया गया है। इनकम टैक्स में कोई छूट नहीं दी गई है। मतलब है कि इनकम टैक्स की स्लैब में कोई बदलाव नहीं है। वहीं स्टैंडर्ड डिडक्शन की फिर से शुरुआत की गई है। स्टैंडर्ड डिडक्शन 40 हजार रुपये तक मिलेगा। वरिष्ठ नागरिकों के लिए डिपॉजिट में टैक्स से राहत दी गई है। बजट में बिटकॉइन जैसी क्रिप्टोकरेंसी पर बैन का ऐलान किया है

बजट में किसान, गरीब, युवा, गृहणी, उद्यमी सबों को खुश करने का प्रयास किया गया है। . वित्तमंत्री जेटली ने किसानों को लागत मूल्य से 50 फीसदी ज्यादा देने की घोषणा की है. पीएम मोदी ने अपने भाषण में कहा था कि वर्ष 2022 तक हम किसानों की आमदनी को दूना कर देंगे ।
बजट में कहा गया है वर्ष 2022 तक देश के हरेक गरीब के पास अपना घर होगा। गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को होम लोन में भी राहत देने की घोषणा हुई है। खेती का बाजार मजबूत करने के लिए 2000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। किसानों के लिए कर्ज की राशि 11 लाख करोड़ करने की घोषणा की है। कृषि सिंचाई योजना के लिए 2600 करोड़ रुपये देने की घोषणा की गई है। देश का हरेक गरीब 5 लाख तक का कैश मेडिकल सुविधा का लाभ उठा सकता है। बजट भाषण में इसकी घोषणा की है। इससे देश के 40 फीसदी लोगों को फायदा होगा। 10 करोड़ परिवार को इससे फायदा होगा।
बजट में मोबाइल, टीवी के दाम जल्द ही बढ़ सकते हैं। सरकार ने इन पर कस्टम ड्यूटी बढ़ा दी है। मोबाइल, टीवी के अलावा अन्य चीजों पर भी कस्टमर ड्यूटी बढ़ाई गई है। ज्ट पर 15 परसेंट कस्टम ड्यूटी सरकार ने बढ़ाई है। वहीं सीनियर सिटीजन को सरकार ने राहत दी है। बुजुर्गों के लिए एफडी, आरडी पर ब्याज को टैक्स फ्री कर दिया गया है।
बजट में विदेशी कार, आयतित सोना, विदेशी साइकिल, रेस्टोरेंट में खाना, फोन बिल, मोटर बाइक, फ्रिज महंगा हो जायेगा जबकि नमक, सोलर यूनिट, जीवनरक्षक दवाएं, माचिस, एलईडी, एचआईवी की दवा, एलसीडी और एलईडी सस्ती होंगी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा संसद में पेश बजट को देश के विकास को गति देनेवाला बजट बताते हुए कहा कि इससे देश की सवा सौ करोड़ लोगों की आशा को मजबूती मिलेगी। उन्होंने बजट को किसान फ्रैंडली, आम आदमी की चिंताओं को दूर करने वाला बताते हुए कहा कि बजट में हर तबके का विशेष ध्यान रखा गया है। उन्होंने कहा कि खासतौर से ग्रामीण क्षेत्र में रहनेवाले गरीबों और किसानों की चिंताओं पर भी सरकार गंभीर है। उन्होंने कहा कि बजट में गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों के लिए हेल्थ की विशेष योजना लाई गई है। उन्होंने कहा कि यह बजट छोटे उद्योगों की संपत्ति को बढ़ानेवाला है। बजट में फूड प्रोसेसिंग से फाइवर ऑफ्टिकल तक.. युवा से सीनियर सीटिजंस तक.. डिजिटल से लेकर स्टार्टअप इंडिया तक का ख्याल रखा गया है। उन्होंने कहा कि इज ऑफ डूइंग के साथ इज ऑफ बिजनेस पर भी जोर दिया गया है।

बाल मुकुन्द ओझा
वरिष्ठ लेखक एवं पत्रकार
डी-32, माॅडल टाउन, मालवीय नगर, जयपुर
मो.- 9414441218

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