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हनीट्रैप : मारवाह को ही क्यों फंसाया?

पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार हुए वायुसेना के अधिकारी ने पूछताछ में कई अहम खुलासे किए हैं. जानकारी के मुताबिक, हनीट्रैप का शिकार हुए आरोपी अफसर IAF में ग्रुप कैप्टन अरुण मारवाह ने डॉक्यूमेंट्स लीक करने की बात कुबूल कर ली है. साथ ही उसने यह भी खुलासा किया कि लड़की के कहने पर उसने व्हाट्सऐप चैट करने के मकसद से खुद सिम कार्ड खरीदा और लड़की के बताए पते पर भेज दिया.
बाद में दोनों इसी सिम कार्ड के जरिए व्हाट्सऐप पर सेक्स चैट करने लगे और हनी ट्रैप के जाल में फंसकर मारवाह ने इसी सिम कार्ड पर चल रहे व्हाट्सऐप पर वायुसेना के गोपनीय अहम दस्तावेज लीक किेए. मारवाह को महिमा पटेल और किरन रंधावा के नाम से क्रिएट किए गए दो फेक फेसबुक अकाउंट के जरिए फंसाया गया था. मारवाह ने बताया कि उसने दोनों ही लड़कियों को व्हाट्सऐप पर वायुसेना के अहम दस्तावेज भेजे.

सेक्स वीडियो के लिए दिलवाया सिम
हनीट्रैप में फंसकर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI को अहम दस्तावेज भेजने वाले मारवाह का कहना है कि वह पूरी तरह उन लड़कियों के मोह में फंस चुका था और उनके साथ अश्लील वीडियो चैट करना चाहता था. इसीलिए उसने खुद सिम कार्ड खरीदे और उन्हें भेजे. सूत्रों के अनुसार, मारवाह से फेसबुक पर संपर्क में आई किरन रंधावा नाम की महिला ने अपनी उम्र 20 के करीब बताई और खुद को मॉडलिंग से जुड़ा बताया. बीते वर्ष दिसंबर में त्रिवेंद्रम की यात्रा के दौरान मारवाह किरन के संपर्क में आया. किरन के साथ चैटिंग के अलावा दोनों एकदूसरे का वीडियो भी शेयर करने लगे. मारवाह ने खुलासा किया कि उसने किरन के फेसबुक मैसेंजर पर ही कई दस्तावेज भेजे थे.

एक हफ्ते की सेक्स चैट में फंस गया ग्रुप कैप्टन
फेसबुक पर चैट के बाद मारवाह उन युवतियों के साथ व्हाट्सऐप पर वीडियो चैटिंग के लिए बेताब हो गया. लेकिन युवतियों ने बताया कि उनके पास सिम कार्ड नहीं है तो मारवाह ने खुद सिम कार्ड खरीदकर उन्हें भेज दिए. बस उनके बीच व्हाट्सऐप पर अश्लील चैटिंग शुरू हो गई.
मारवाह एक सप्ताह के अंदर ही उन युवतियों की सेक्स भरी बातों के मोहपाश में पूरी तरह फंस चुका था. सप्ताह भर बाद ही युवतियों ने मारवाह से वायुसेना के अहम दस्तावेज मांगे तो मारवाह उन्हें मना नहीं कर सका.

वायुसेना मुख्यालय से इस तरह चुराए दस्तावेज
दिल्ली स्थित वायुसेना मुख्यालय में स्मार्ट फोन ले जाना मना है. कुछ उच्चाधिकारियों को ही स्मार्ट फोन अंदर ले जाने दिया जाता है. आरोपी अरुण मारवाह चूंकि ग्रुप कैप्टन था, इसलिए उस पर स्मार्टफोन मुख्यालय के अंदर ले जाने पर कोई रोक नहीं थी. मारवाहा ने अपनी वरिष्ठता का इस्तेमाल किया और मुख्यालय के अंदर हमेशा अपना स्मार्ट फोन ले जाता. मारवाह ने अपने स्मार्ट फोन के जरिए ही खुफिया दस्तावेजों की तस्वीरें खींचीं और बाद में व्हाट्सऐप के जरिए पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के एजेंट को भेजीं.

दिमाग को क्या हो गया था, पता नहीं: मारवाह
आरोपी अफसर मारवाह ने पूछताछ के दौरान हनी ट्रैप का शिकार होने की बात भी स्वीकार कर ली. उसने बताया कि करीब छह महीने पहले उसकी फेसबुक पर दो महिलाओं से दोस्ती हुई और उनसे बातचीत होने लगी. बाद में कथित युवती मारवाह से व्हाट्सऐप और अन्य सोशल प्लेटफॉर्म के जरिए चैट करने लगी. दोनों के बीच अश्लील चैट होने लगीं. दोनों एक दूसरे को अश्लील मैसेज भेजते थे. जानकारी के मुताबिक, दोनों के बीच करीब सप्ताह भर से अधिक समय तक सेक्स चैट का यह सिलसिला चला.

मारवाह को ही क्यों फंसाया?
अरुण मारवाह वायुसेना में ऊंचे पद पर थे और उनके पास कई अहम डिपार्टमेंट और जिम्मेदारियां थीं. साथ ही मारवाह सोशल प्लेटफॉर्म पर काफी एक्टिव रहते थे. वह अक्सर फेसबुक पर अपनी तस्वीरें और वीडियो अपलोड किया करते थे. इसीलिए उन्हें आसान शिकार समझ फंसाया गया.

मारवाह के पास थीं वायुसेना की यह जिम्मेदारियां
वायुसेना के पैरा डिवीजन में 1983 में शामिल हुए मारवाह तीन साल बाद ट्रेनर बन गए. शुरू से ही उनकी छवि बेहद पेशेवर सैनिक की रही. चूंकि सभी रक्षा सेवाओं की कमांडो इकाइयों को जमीन, समुद्र और हवा में युद्ध करने का प्रशिक्षण दिया जाता है, इसलिए ग्रुप कैप्टन मारवाह सेना के विशेष बलों, वायु सेना की गरुड़ कमांडो और नौसेना को भी प्रशिक्षण देते थे. जेडी (संचालन) के रूप में शामिल होने के बाद उनके पास कई गोपनीय फाइलों की एक्सेस थी. वह कमांडोज को ट्रेन करते थे.

जांच में पैसों के लेनदेन का सुबूत नहीं
अब तक की जांच में सामने आया है कि वायुसेना अधिकारी मारवाह ने वायुसेना के जो अहम दस्तावेज लीक किए हैं, वह पैसों के चक्कर में नहीं बल्कि हनी ट्रैप में फंसकर किए हैं. वह महिला भेष का जिस ISI एजेंट के संपर्क में थे, उससे उनकी सिर्फ टेक्स्ट चैट होती थी. मारवाह से अब तक उनका ऑडियो कॉल, वीडियो कॉल या वीआईपी कॉल के जरिए संपर्क नहीं हुआ था. जानकारी के मुताबिक, मारवाह ने सिर्फ टेक्स्ट डॉक्यूमेंट्स लीक की हैं. उसने किसी तरह की वीडियो या अन्य सामग्री लीक नहीं की है. हालांकि वायुसेना के अधिकारियों का कहना है कि इसकी जानकारी मारवाह के मोबाइल की फोरेंसिक जांच के बाद ही पता चल पाएगी. फेसबुक से मारवाह के फेसबुक आईडी से किए गए सारे चैट्स और डिलीट की गई सामग्रियों की जानकारी भी मांगी गई है.

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