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एटीएम कार्ड बदलकर लोगों को लूटते नटवर लाल

महानगरों से लेकर गांव तक एटीएम मशीनें स्थापित करके राष्ट्रीयकृत बैंकों ने ग्राहकों को सुविधा प्रदान की है मगर एटीएम मशीनों का प्रयोग करने में असमर्थ अनपढ महिलाओं , लोगों व ग्राहकों के लिए यह असुविधा बन गई है। क्योकि नटवरलाल इसी का फायदा उठाकर एटीएम कार्ड बदल कर लोगों को लूट कर लाखों का चूना लगा रहें हैं। हिमाचल में सैंकड़ों मामले घटित हो चूके है मगर बैंक प्रशासन व पुलिस मूकदर्शक बनकर तमाशा देख रहे है। साल 2018 के जनवरी व फरवरी के दो महिनों में दर्जनों मामले घटित हो चुके है।फरवरी माह में उना के भटोली व मरवाडी़ में ठगी के दो मामलों में ठगों ने महिलाओं के एटीएम कार्ड बदल कर 2 लाख रुपये उडा़ लिए।दूसरा मामला अंब में घटित हुआ जहां एक फौजी का कार्ड बदल कर खाते से 2 लाख रुपये उडा़ लिए।एक सप्ताह पहले जोगिन्द्र नगर में भी एसे ही मामले घटित हुए थे। प्रदेश में बडे पैमाने पर ऐसी वारदातें हो रही है मगर आज तक कोई पकड़ में नहीं आ सका है।प्रदेश में काफी समय से ऐसे गिरोह लोगों का पैसा लूट रहे है इन पर शिकंजा कसना होगा ताकि ऐसी वारदातों पर रोक लग सके। इसे पुलिस की अर्कमणयता की संज्ञा दी जाए तो कोई आतिश्योक्ति नहीं होगी।इन घटनाओं में बैंक के अधिकारियों की लापरवाही भी देखने को मिल रही है। गत वर्ष जिला मण्डी के रिवालसर व नेरचौक में एक शातिर युवक ने ने एक युवती व युवक के एटीएम कार्ड बदलकर 60 हजार रुपये निकाल लिए।इस वारदात से पहले 15 अप्रैल 2015 को जिला ऊना के खानपुर में एक शातिर युवक ने उसकी मदद की एवज में उसका एटीएम कार्ड बदल दिया बाद में शातिरों ने उसके खाते से 65 हजार रुपये निकाल दिये जब पैसे निकाले जाने का संदेश आया तब उसे शातिरों द्वारा पैसे उड़ाने का पता चला। हालाकिं सीसीटीवी फुटेज से अपराधी की पहचान कर ली गई है और पुलिस ने उसे काबू करने का दावा किया है मगर समझ से परे है कि हिमाचल प्रदेश में एटीएम कार्ड बदलकर लोगों को ठगने के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे यदि बैक के अधिकारी सख्त कार्रवाई करे तो इन वारदातांे पर रोक लग सकती है ।एटीएम गिरोह के लोग कई गरीब लोगों की खून पसीने की कमाई को लूट रहे हैं।बैंक वाले भी इन वारदातों को रोकने में असहाय नजर आ रहे है। अक्सर देखा गया है कि एटीएम मशीनों में पैसा निकालने वालों की हर समय भीड जीम रहती है वहां न तो कोई सुरक्षा कर्मचारी होता है ओर न ही बैंक के कर्मचारी होतें है। जबकि कानून के अनुसार वहां सुरक्षा कर्मचारी होना चाहिए।एटीएम बदलकर ठगने की वरदातें रुकने का नाम नहीं ले रही है बीते वर्षों में सोलन के सुल्तानपुर के रहने वाले एक व्यक्ति का एटीएम कार्ड बदलकर शातिरों ने 23,530 रूपये निकाल लिए थें।जब यह व्यक्ति एटीएम से पैसे निकालने लगा तो पैसे निकालते समय कुछ तकनीकी खराबी आ रही थी उसने अपना एटीएम कार्ड पास खडे एक व्यक्ति को देकर कहा कि मेंरे खाते से दो हजार रूपये निकाल दो उसने दो हजार निकाल दिये मगर एटीएम कार्ड बदल दिया जब वह दूसरी बार पैसा निकालने गया तो एटीम मशीन ने गलत कांेड दर्शाया तो उसने कार्ड देखा तो बह किसी और के नाम का था ।एक अन्य मामले में बिलासपुर में एक कर्मचारी भी ठगी का शिकार हो गया शातिरों ने कार्ड बदलकर 3 लाख रूप्ये उडा लिये यह व्यक्ति रुपये निकालने जब मशीन के पास गया तो काफी कोशिश के बाद भी रुपये नहीं निकले तो वहां खडे दो अज्ञात लोगों ने एटीएम कार्ड लेकर उसकी सहायता करनी चाही तो उन्होने कहा की आप के खातें में पैसे नहीं है और उन्होने एटीएम कार्ड बदल दिया जब वह कुछ दिन बाद पैसे निकालने बैंक गया तो उसने जब एटीएम कार्ड का प्रयोग किया तो वह मान्य नहीं हुआ जब उसने बैंक में पूछताछ की तो उसके होश उड गये क्योकि खाते में केवल 56 रुपये ही रहे थे जबकि एक लाख रुपये की राशि गायब थी।ऐसे कई मामले घटित हो रहे है मगर कुछ ही प्रकाश में आते है। एटीएम में भले ही सीसीटीवी कैमरे लगे होते है मगर शातिर लोग पकड में नहीं आते हैं। ऐसे बहुत से गिरोह बने हुये हैं जो समय-समय पर इन वारदातों को अंजाम देते रहते है। राज्य के बाहर के लोग ही इन में संलिप्त रहे है।गत वर्ष मण्डी के नेरचौक में भी एक गिरोह के लोगों ने एटीएम से पैसे निकाल कर लाए एक व्यक्ति का बैग उडा लिया था मगर पुलिस की मुस्तैदी से यह गिरोह मण्डी के एक होटल में दवोच लिया गया था। यह गिरोह मध्यप्रदेश का था।एटीएम मशीनों को तोडने व पैसा चुराने के भी सैंकडों मामले सुर्खियां बन चुके है गत दिनों नालागढ में सुरक्षा अधिकारी पर हमला करके एटीएम मशीन चुरा कर ले गये थे जो कुछ दूरी पर बरामद हुई थी। बैंक वालों को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए । एटीएम मशीन के पास दो सुरक्षा कर्मी तैनात करने चाहिए दरवाजे पर एक टीवी स्क्रीन लगानी चाहिए ताकि हर आने जाने वाले का पूरा रिकार्ड रहे ,सुरक्षा कर्मी को यह आदेश दिए जाएं कि एक समय में एक ही ग्राहक पैसा निकालेगा। पैसा निकालने वाले का आधार कार्ड व पहचान पत्र की जांच करने के बाद ही पैसा निकालने दिया जाए। बिना पहचान दस्तावेजों के किसी को भी इजाजत न दी जाए। प्रत्येक ग्राहक का नाम पता रजिस्टर में दर्ज किया जाए। मनमानी करने वालों पर कानूनन कार्रवाई की जाए। बैंको को ग्राहको व अनपढ लोगों को एटीएम मशीन का प्रशिक्षण देना चाहिए। यदि लोग जागरुक हो जाएगें तो ऐसी घटनाओं पर रोक लग सकती है। बैंक के अधिकारियों को लोगों को जागरुक करने के लिए शिविर लगाने चाहिए ताकि ग्राहको को नटवरलालों से निजात मिल सके। सुरक्षा कर्मी को भी चाहिए कि संदिग्ध लोगों पर नजर रखनी चाहिए। प्रशासन व पुलिस को ऐसे गिरोह के लोगों को सजा देनी चाहिए। ताकि लोग निडर होकर एटीएम से अपना पैसा निकाल सके।यदि ऐसा कडाई से लागू किया जाए तो इन वारदातों पर अंकुश लग सकता है।

नरेन्द्र भारती, वरिष्ठ पत्रकार व स्तंभकार -09459047744

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