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प्योर मार्ट द्वारा कवि सम्मेलन एवं सम्मान समारोह

संजय कुमार गिरि ,

नई दिल्ली ,दिल्ली के उर्दू घर सभागार में प्योर मार्ट द्वारा आयोजित कवि सम्मेलन में देश के प्रतिष्ठित कवियों द्वारा शानदार काव्य पाठ एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया ! कवि सम्मेलन की सबसे प्रमुख विशेषता यह मानी जा सकती है, कि कवि सम्मेलन का आरम्भ सरस्वती वंदना नृत्य के माध्यम से हुआ ! यह कवि सम्मेलन इतिहास में पहला प्रयोग रहा ! भारतीय साहित्य उत्थान समिति के अध्यक्ष श्री बेबाक जौनपुरी ने कहा की “भविष्य में अब इसी तरह माँ शारदे की वंदना की जायेगी और हमारा यह मंच भी इस तरह के नव प्रयोग के लिय विख्यात रहा है “! दूसरा हमेशा की तरह मंच पर केवल साहित्यिक कविताएं पढ़ी गई ! मुख्य अतिथि आज तक चैनल के पत्रकार श्री विकास मिश्र व विशिष्ट अतिथि भा ज पा नेता संजय निर्मल कवि सम्मेलन के अंत तक कवि जनों द्वारा किये गए काव्य पाठ का काव्यानंद लेते रहे ! कवियो में नवोदित 16 वर्षीय कवि महांश मिश्र ने अपनी रचना माँ द्वारा सबका मन मोह लिया !

गीतकार एवं कवि बी एस भारद्वाज जी द्वारा गाये गीत “मैं भी सुनता हूँ कभी-कभी गीत ने श्रोताओं को मदहोश कर दिया –

उसके बाद दिनेश आनंद , अजय गुप्ता, अभिषेक कुमार शुक्ल ‘शुभम्’, सोमेश दीक्षित, पुष्पेन्द्र ‘पुष्प’, विमलेन्दु सागर, कलाम भारती, सत्येन्द्र सत्यार्थी,संतोष पटेल ,शैलजा सिंह ,वीणा वादिनी चौबे एवं बी एस भारद्वाज जी ने अपने जबरजस्त काव्य पाठ से वातावरण काव्यमय कर दिया ! पत्रकार ओम प्रकाश प्रजापति एवं संजय कुमार गिरि ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुये श्री बेबाक जौनपुरी जी को उनका एक स्केच भेंट किया ! इस मौके पर ट्रू मीडिया के संपादक ओमप्रकाश प्रजापति एवं संवाददाता संजय कुमार गिरि को साहित्य, कला, संस्कृति और पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान देने के लिए स्मृति चिन्ह एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया |कार्यक्रम के संयोजक भुवनेश्वर शर्मा एवं डा.चंद्रेश उपाध्याय तथा प्रमुख सहयोगी..विजय लक्ष्मी उपाध्याय ,अमर आन्नद ,पी एन शर्मा ने आला दर्जे की व्यवस्था से सभी का मन जीत लिया ! कार्यक्रम के आयोजक सामाजिक कार्यकर्ता..भुवनेश्वर शर्मा ने अपने सम्बोधन में कहा कि… देश में सार्थक बदलाव लाने की जिम्मेदारी सिर्फ सरकारों के उपर नहीं छोड़ी जा सकती… सामाजिक कार्यकर्ताओं..साहित्यकारों ,कलाकारों.. को सिविल सोशायटी को मजबूत बना कर कुछ प्रमुख समस्याओं और मुद्दों पर एकजुटता का परिचय देते हुए.. देशवासियों को जागरूक करना होगा। हमें जाति,धर्म से उपर उठकर.. देशहित में कार्य करना चाहिए… तभी इस देश की वास्तविक प्रगति हो सकेगी। कवि सम्मेलन की अध्यक्षता देश के जाने माने कवि श्री बेबाक जौनपुरी ने की एवं मंच सञ्चालन विमलेन्दु सागर ने अपने लाजबाब शायराना अंदाज़ में किया !

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