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आंखों के नीचे काले ध्ब्बे की समस्या

 चेहरे में बाकी हिस्से की अपेक्षा आंखों के साथ लगती त्वचा ज्यादा संवेदनशील तथा पतली होती है। इसमें कोई भी तैलीय ग्रन्थियों या बारीक संरचना नहीं होती है। चेहरे के इस भाग पर विशेष ध्यान देने की जरूरत रहती है तथा यह भाग शरीर की उपेक्षा, दुर्दशा, बुढापा मानसिक तनाव तथा पौषाहार की कमी से पर्याप्त नींद की कमी तथा गलत जीवनशैली को सापफ दर्शाता है। डाक्टरों के अनुसार शरीर में पानी की कमी तथा अनीमिया की वजह से भी आंखों के नीचे काले ध्ब्बे पड़ जाते है।आंखों के नीचे काले ध्ब्बे का पर्याप्त ईलाज करते समय बाहरी ईलाज के साथ-साथ विभिन्न अन्य पहूलओं पर भी गम्भीर विचार करना चाहिए ताकि बीमारी का सही आकलन करके उपयुक्त सभी कारणों का निदान किया जा सके। नियमित ए, सी, के,ई तथा आयरन की पौषाहार खुराक से आंखोंके नीचे काले ध्ब्बे कम किये जा सकते है। वास्तव में आयरन की कमी काले ध्ब्बों का सामान्य कारण माना जाता है। आयरन की कमी से खून में पर्याप्त आक्सीजन का संचार नहीं हो पाता है। आयरन की कमी को दूर करने के लिए ताजा पफल, सलाद, अंकुरित अनाज, सादा अनाज, दही, मलाई, पत्तेदार हरी सब्जियां, अण्डा तथा मछली कापफी सहायक सि( होती है। विभिन्न प्रजातियों के ताजा पफल लेने से शरीर में पानी की कमी को दूर करने में मदद मिलती है। सामान्यतः प्रतिदिन 8-10 गिलास पानी पीना चाहिए। सुबह उठते ही एक गिलास नीबूं पानी ग्रहण करना चाहिए। सभी पफल जूसों को पानी मिलाकर लेने में लाभ मिलता है। किसी भी डाईट में बदलाव करते वार अपने डाक्टर से नियमित सलाह ले लेनी चाहिए। अपने व्यायाम की सूची में लम्बी गहरी सांसों को जरूर शामिल कर लीजिए क्योंकि इसके तनाव को कम करने में मदद मिलती है तथा शरीर के अंगों को पर्याप्त आक्सीजन प्राप्त होती है। पर्याप्त नींद तथा आराम भी शरीर के लिए परम आवश्यक माने जाते है।
आंखों को ठंडे पानी के धेने से आंखों की थकान कम हो जाती है। आंखों में पानी के छींटे मारने से ततकल आराम की अनूभूति मिलती है। आंखों की कंट्रासट वाशिंग भी कापफी सहायक सि( होती है। पहले आंखेां को गर्म पानी से धेने के बाद आंखों को ठण्डे पानी से धेईए। इससे आंखों में खून का संचार बढता है तथा रक्त संकुलता से निजात मिलती है। सुबह घर से निकलने से पहले आंखों के नीचे सनस्क्रीन लोशन का प्रयोग लाभदायक होता है। लोशन को हल्का बनाने के लिए इसमें पानी की कुछ बूंदे मिलाई जा सकती है। अपनी त्वचा की नियमित देखभाल में आंखों के इर्द-गिर्द त्वचा को भी जरूर शामिल कर लीजिए। आंखों की देखभाल के लिए अत्यन्त संवेदनशील मूवमैंट तथा हल्के टच का सहारा लिया जाना चाहिए। मेकअप को हटाने के लिए गीली काटन वूल के साथ क्लीजिंग जैल का उपयोग करें। इसके बाद आंखों के नीचे क्रीम लगाएं तथा इसे गीली काटनवूल के साथ दस मिनट बाद हटा दें। इस क्रीम को रात भर कतई न लगा रहने दें। आंखों के नीचे सामान्य मास्क कतई न लगाये, इस भाग में अत्यन्त हल्के रंग की क्रीम या सीरम का प्रयोग किया जाना चाहिए।
प्रतिदिन आंखों के चारों ओर विशु( बादाम तेल की मालिश करें तथा उंगलियों के सहारे पूरी त्वचा पर हल्के से लगाए। मसाज को एक दिशा से दूसरी दिशा की तरपफ करे तथा 15 मिनट बाद गीली काटनवूल से इसे धे डालिए। आंखों के काले ध्ब्बो के लिए खीरे का जूस सामान्य उपचार माना जाता है। खीरे के जूस को प्रतिदिन आंखों के चारों ओर से त्वचा पर लगाकर 15 मिनट बाद सापफ जल से धे डालना चाहिए। अगर काले ध्ब्बों में सूजन है तो आलू के जूस को खीरे के जूस में बराबर मात्रा में मिलाइए तथा इस मिश्रण को त्वचा पर 15 मिनट तक लगाकर सापफ पानी से धे डालिए।
टमाटर का जूस चेहरे की रंगत को निखारने में अत्यन्त मददगार साबित होता है।
बाहरी सौंदर्य प्रसाध्नों के उचित तथा नियमित प्रयोग के साथ-साथ स्वास्थ्य जीवनशैली तथा तनावमुक्त वातावरण पर्याप्त नींद भी कापफी सहायक सि( होते है। काटनवूल लेकर दो मोटे स्कवायर पैड बना लीजिए। उन्हें खीरे के जूस या गुलाबजल में भीगों डालिए। लेट जाईए तथा भीगे हुए पैड को 15 मिनट तक आंखों पर रख लीजिए। प्रयोग किए वैग को भी आई पैड की तरह प्रयोग किया जा सकता है। बन्द पलकों कम्प्रेस्ट ठण्डा दूध् या बपर्फीला जल 15-20 मिनट तक लगाने से भी काले ध्ब्बों को मिटाने में कापफी लाभ मिलता है। लेखिका अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त सौंदर्य विशेषज्ञ है तथा हर्बल क्वीन के नाम से लोकप्रिय है।

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