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गोदरेज एप्लायंसेज अगले 3 वर्षों में 1800 युवाओं को नोएडा में कौशल प्रशिक्षण देगा

नॉएडा। भारत के अग्रणी घरेलू उपकरण निर्माता- गोदरेज एप्लायंसेज ने नोएडा में एस एंड एस केयर स्किल्स एकेडमी के सहयोग से अपना 35वां वोकेशनल ट्रेनिंग स्कूल खोला है। गोदरेज समूह के ‘गोदरेज दिशा’ पहल के व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत गोदरेज एप्लायंसेज, भारत के वंचित युवाओं को रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण देकर उन्हें एक नई दिशा देने का काम कर रहा है। यह सरकार के राष्ट्रीय कौशल विकास मिशन (प्रधान मंत्री कौशल विकास योजना) की भावना के अनुरूप कदम है। नोएडा का नया केंद्र 6,000 स्क्वायर फुट क्षेत्र में फैला है और अगले 3 वर्षों के दौरान यहां लगभग 1800 विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। गोदरेज एप्लायंसेज के बिजनेस हेड और ईवीपी श्री कमल नंदी और गोदरेज एप्लायंसेज के नेशनल सर्विस हेड श्री रवि भट्ट ने इस केंद्र का उद्घाटन किया। इस अवसर पर इलैक्ट्रॉनिक सैक्टर स्किल काउंसिल ऑफ इंडिया के वाइस प्रेसीडेंट-बिजनैस डेवलपमेंट श्री सलीम अहमद भी उपस्थित थे। गोदरेज एप्लायंसेज ने वर्ष 2020 तक लगभग 55,000 कुशल तकनीशियन जोडऩे की योजना बनाई है।
अगले दशक में, भारत में आर्थिक विकास के दौरान बड़ी संख्या में नौकरियों का सृजन होने की संभावना है। इनमें से अधिकतर रोजगार कौशल आधारित होंगे। हालांकि, वर्तमान में भारत के कर्मचारियों में से केवल 5 फीसदी को औपचारिक कौशल प्रशिक्षण हासिल है। देश की लगभग 65 फीसदी आबादी 35 वर्ष से कम आयु की है। संबंधित कौशल प्रशिक्षण मिल जाने से उन्हें ‘बेरोजगारी’ का सामना करने में मदद मिलेगी, रोजगार के लिए अयोग्य रहना भारत में एक बड़ी समस्या है। ‘गोदरेज दिशा’ के माध्यम से गोदरेज एप्लायंसेस विख्यात प्रशिक्षण संस्थानों के साथ उच्च गुणवत्ता वाले व्यावसायिक प्रशिक्षण सहयोग को प्रदान करके कौशल के इस अंतराल को दूर करने का प्रयास कर रही है जो शहरी और ग्रामीण युवाओं को उपकरण सेवा तकनीशियनों के रूप में नियोजित होने में सक्षम करेगा।
वर्तमान में, गोदरेज एप्लायंसेज ने 2012 से अब तक 35 से अधिक ‘गोदरेज वोकेशन ट्रेनिंग स्कूल (जीवीटीएस)’ लगाते हुए 37,000 से अधिक छात्रों को सफलतापूर्वक प्रशिक्षित किया है। अगले 3 वर्षों में, कंपनी का लक्ष्य 15 और ट्रेनिंग स्कूल लगाते हुए अतिरिक्त 18,000 शहरी और ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षित करना है। कंपनी का ध्यान वर्ष-दर-वर्ष प्रशिक्षण को बढ़ाना ही नहीं बल्कि प्रशिक्षण की गुणवत्ता में वृद्धि करके समूचे प्रभाव को बेहतर बनाना है। तीन महीने का कोर्स युवाओं को विभिन्न तकनीकी प्रौद्योगिकियों के बुनियादी सिद्धांत से लेकर गुणवत्ता पूर्ण तकनीकी शिक्षा प्रदान करने के लिए समर्पित है, जिसमें मरम्मत और उपकरणों को इंस्टॉल किए जाने से संबंधित सर्विस के सभी व्यावहारिक पहलू शामिल हैं। सफल छात्रों को ‘गोदरेज सर्टिफाइड टेकनीशियन’ के रूप में पहचाना जाता है और बाद में उन्हें बिक्री सेवा टीम में ‘गोदरेज स्मार्ट केयर फ्रेंड’ के रूप में शामिल होने का मौका मिलता है, जो रोजगार के लिए अयोग्यता से लेकर बेरोजगारी, दोनों को ही खत्म करता है।
गोदरेज एप्लायंसेज के बिजनेस हेड और ईवीपी श्री कमल नंदी का कहना है, ‘हमारे उद्योग में प्रौद्योगिकी और ग्राहक की अपेक्षाओं में स्पष्ट परिवर्तन आए हैं और इसलिए कुशल तकनीशियनों की मांग आनुपातिक रूप से बढ़ेगी। गोदरेज एप्लायंसेस के रूप में एक जिम्मेदार कॉर्पोरेट के नाते हम उपकरण उद्योग में वर्ष 2020 तक लगभग 55,000 कुशल तकनीशियन जोडऩे का इरादा रखते हैं। हमारी ‘गोदरेज दिशा’ पहल विशेष रूप से वंचित युवाओं को लक्षित करके बेरोजगारी के अंतर को भरने की दिशा में प्रयास करने वाली पहल है।’
गोदरेज एप्लायंसेज के सर्विस हेड श्री रवि भट्ट ने कहा, ‘बिक्री के बाद सेवा, ग्राहक अनुभव का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, ऐसे में कुशल तकनीशियनों की कमी से व्यवसायों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। सभी उत्पादों को नियमित अंतराल पर सर्विस की जरूरत पड़ती है। यह महत्वपूर्ण है कि उद्योग में कौशल की कमी को जितना संभव हो उतना कम किया जाए। 2020 के अंत तक अकेले गोदरेज एप्लायंसेस को लगभग 7000 तकनीशियनों की आवश्यकता होगी। इसी तरह, समूचा उद्योग तकनीशियनों की मांग में आनुपातिक वृद्धि देखेगा। वर्तमान में, लगभग 50 फीसदी प्रशिक्षित उम्मीदवारों को प्रशीतन और एयर कंडीशनिंग उद्योग में नियोजित किया जाता है।
जीवीटीएस के बारे में
पाठ्यक्रम की अवधि
यह एक पूर्णकालिक 3 महीने का कोर्स है जिसमें छात्रों को विभिन्न तकनीकों के बुनियादी सिद्धांत समझने से लेकर सर्विसिंग और मरम्मत के बारे में सबकुछ सीखने का मौका मिलता है। सत्र दैनिक आधार पर आयोजित किए जाते हैं, इसके बाद साप्ताहिक टेस्ट लिए जाते हैं ताकि ज्ञान और कौशल के प्रतिधारण को मापा जा सकें।
पाठ्यक्रम आज के उपकरण उद्योग की आवश्यकता के आधार पर बनाया गया है। पाठ्यक्रम में थर्मोडायनामिक्स, बुनियादी विद्युत, बेसिक इलेक्ट्रॉनिक्स, प्रशीतन के सिद्धांत, विभिन्न पुर्जों-प्रकारों का विस्तृत अध्ययन, उपकरणों के प्रकार, उपकरणों का इंस्टॉलेशन, फीचर्स का विश्लेषण, सभी उपकरणों का इलाज, मरम्मत और सर्विसिंग के बुनियादी सिद्धांत शामिल हैं। सीखी जा रही विभिन्न अवधारणाओं के प्रति छात्रों की समझ को स्पष्ट करने के लिए सत्रों के दौरान कई उपकरणों को बाकायदा खोला और सुधारा जाता है।
पात्रता प्रवेश आवश्यकताएं
संबंधित अनुभव और / या तकनीकी ज्ञान के साथ या उसके बिना जीवीटीएस में प्रवेश प्राप्त करने के इच्छुक उम्मीदवार / छात्र के लिए न्यूनतम आवश्यकता एसएससी / एचएससी (10 वीं / 12 वीं) पास होना जरूरी है।
प्रदान की जाने वाली सुविधाएं:
1.प्रतिभागियों के लिए बैठने की अच्छी व्यवस्था के साथ विशाल प्रशिक्षण कक्ष
2.एलसीडी प्रोजेक्टर, पीए सिस्टम इत्यादि जैसे आधुनिक ऑडियो-विजुअल एड्स से सम्पन्न ट्रेनिंग हॉल
3.किताबें, मैगजीन, वीडियो फिल्में, सीडी-रोम, रेडीमेड डिस्प्ले चार्ट, सी-थ्रू-प्रोडक्ट इत्यादि
4.विभिन्न उपकरणों के इंस्टॉलेशन, मरम्मत, सर्विसिंग आदि खुद करके देखने के लिए तमाम औजारों से संपन्न प्रयोगशाला

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