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यात्री भी स्मार्ट फोन से अनारक्षित टिकट बुक कराये

गाड़ी छूटने का डर अब यात्रियों को नहीं सतायेगा

जयपुर। डिजिटीकरण की दिशा में आगे बढ़ते हुए और नकदी रहित अर्थव्यवस्था के लिए भारतीय रेल में तेजी से और अधिक तकनीकी-उन्नत लेनदेन की पहल की जा रही है। भारतीय रेल द्वारा स्मार्ट फोन के माध्यम से अनारक्षित टिकट बुक करने की सुविधा उत्तर पश्चिमी रेलवे के यात्रियों को शीघ्र ही मिलने जा रही है। इसके लिए रेल सूचना प्रणाली केंद्र (सीआरआईएस) ने मोबाइल आधारित एप्लिकेशन विकसित किया है।
उत्तर पश्चिमी रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी श्री तरूण जैन के अनुसार रेलवे का यात्रियों को सुविधा देने का हमेषा प्रयास रहा है। आज के डिजीटल युग में जहाँ अधिक कार्य व्यक्ति अपने मोबाईल फोन से संचालित कर लेता है, ऐसी स्थिति में अनारक्षित टिकटों की बुकिंग स्मार्ट फोन द्वारा होना आम आदमी के लिए एक बड़ी सुविधा साबित होगी। माननीय रेलमंत्री श्री पीयूष गोयल की डिजीटलीकरण द्वारा नकदी रहित अर्थव्यवस्था के लाभ को आम आदमी तक पहुँचाने की महत्वाकांक्षा पर कार्य करते हुए रेल मंत्रालय द्वारा इस सुविधा को मूर्त रूप दिया गया है। यूटीएस मोबाईल एप पर टिकट बुक करने से यात्रियों को टिकट खिड़की की लम्बी लाइनों में लगने से छुटकारा मिलेगा। भीड़ में लगने से अतिरिक्त समय तो लगता ही था, कभी-कभी असामाजिक तत्वों द्वारा परेषान भी होना पड़ता था। एप के द्वारा अब यात्री ई-टिकट की भांति ही कहीं से भी अपनी अनारक्षित टिकट बुक कर सकते है।
श्री जैन के अनुसार डिजीटल भुगतान तथा एप में पेपरलेस टिकट बनने से पर्यावरण को भी लाभ पहुॅचेगा। कागज की कम खपत होने से हरित पर्यावरण को बढ़ावा देने की दिषा में उत्तर पश्चिमी रेलवे का यह कदम मील का पत्थर साबित होगा। क्रिस द्वारा विकसित मोबाइल एप्लिकेशन की निम्नलिखित विशेषताएं हैंः-
1.एप्लिकेशन अनारक्षित टिकटों की बुकिंग और रद्द करने, सावधिक और प्लेटफॉर्म टिकटों के नवीनीकरण, आर-वॉलेट की बकाया राशि की जांच और लोड करने में सक्षम है। यह उपयोगकर्ता के विवरण और बुकिंग की जानकारी को मेन्टेन रखने में सहायक है।
2.एप्लिकेशन बहुत आसान है और जीपीआरएस सपोर्ट करने वाले एंड्रॉइड, आईओएस और विंडोज स्मार्ट फोन पर निःशुल्क उपलब्ध है। उपयोगकर्ता इस ऐप को गूगल प्लेस्टोर या विन्डोज स्टोर से निःशुल्क डाउनलोड कर सकते हैं।
3.सबसे पहले यात्री अपना मोबाइल नंबर, नाम, शहर, रेल की डिफ़ॉल्ट बुकिंग, श्रेणी, टिकट का प्रकार, यात्रियों की संख्या और बार-बार यात्रा करने के मार्गों का विवरण देकर अपना पंजीकरण करा सकते हैं। इसके लिए यात्री को ओटीपी जनरेट करना होगा। एसएमएस से प्राप्त ओटीपी को एप में डालने पर सफल पंजीकरण होता है। जिसके बाद यात्री को एसएमएस द्वारा ही लॉगइन-आईडी तथा पासवर्ड भेज दिया जाता है।
4.पंजीकरण कराने पर यात्री का शून्य बैलेंस का रेल वॉलेट (आर-वॉलेट) स्वतः ही बन जाएगा। आर-वॉलेट बनाने के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा।
5.आर-वॉलेट को किसी भी यूटीएस काउंटर पर या वेबसाइट पर उपलब्ध विकल्प के माध्यम से रिचार्ज किया जा सकता है। यात्री को टिकट बुक करने के लिए भुगतान के माध्यम हेतु आर-वॉलेट काम में लेने पर प्रत्येक रीचार्ज पर 5 प्रतिषत का बोनस प्राप्त होता है।
6.आर-वॉलेट में पर्याप्त राश होने पर ही टिकट बुक किया जा सकेगा तथा यात्रा टिकट रद्द करने पर धन वापसी आर-वॉलेट में टॉपअप के रूप में होगी।
7.मोबाइल का इंटरनेट कनेक्शन काम नहीं करने की स्थिति में टिकट बुकिंग नहीं हो सकेगी।
8.मोबाईल एप पर टिकट बुक करने की सुविधा का दुरूपयोग रोकने के लिए भी प्रावधान किये गये है। एप के द्वारा यात्री स्वयं के 05 किलोमीटर के दायरे में स्थित स्टेषन से टिकट बुक कर सकता है। दूसरे शब्दों में, यात्रा आरम्भ करने वाले स्टेशन की दूरी अधिक होने पर यात्री को प्रारम्भिक स्टेशन से 05 किलोमीटर के दायरे में आकर टिकट बुक करना होगा। साथ ही यह भी ध्यान रखना होगा कि यात्री और स्टेशन/रेलवे ट्रेक के बीच 150 मीटर की दूरी होने पर ही पेपरलेस टिकट बुक करने की अनुमति मिलेगी। यदि यात्रा टिकट बनाते समय चयनित आरम्भिक या गंतव्य स्टेशन जियोफेन्सिंग क्षेत्र में आता है, तो यात्री की जीपीएस लोकेशन की जाँच की जायेगी। सामान्य दश में जियोफेन्सिंग क्षेत्र में टिकट बनाने पर यात्री को अलर्ट मैसेज प्राप्त होगा। अर्थात् यात्रा करते हुए यात्री द्वारा टिकट बुक नहीं किया जा सकेगा।
9.अग्रिम टिकट बुकिंग की अनुमति नहीं है अर्थात् हमेशा वर्तमान तिथि में ही यात्रा की जायेगी।
10.टिकट बुक करने के 02 विकल्प इस एप में मौजूद है-
पेपरलेस टिकटः यात्री टिकट का पिं्रट (हार्डकॉपी) लिए बगैर भी यात्रा कर सकते हैं। फिल्हाल यह सुविधा उत्तर पश्चिमी रेलवे के भीतर प्रारम्भिक तथा गंतव्य स्टेशन स्थित होने पर काम में ली जा सकेगी। टिकट जांच कर्मी द्वारा टिकट मांगने पर यात्री ऐप में ’टिकट दिखाएं’ विकल्प का उपयोग कर टिकट दिखायेंगे।
पेपरलेस टिकट बुक करने के लिए स्मार्ट फोन में जीपीएस होना चाहिए।
ऐसे पेपरलेस टिकटों को रद्द करने की अनुमति नहीं होगी।
पेपरलेस टिकट बुक करने के तीन घंटे के अंदर यात्रा करना अनिवार्य होगा।
सावधिक टिकट मोबाइल एप्लिकेशन से मासिक/त्रैमासिक/अर्द्धवार्षिक/वार्षिक अवधि के लिए जारी/नवीनीकृत किया जा सकता है और यह टिकट बुकिंग के अगले दिन से मान्य होगा।
प्लेटफार्म टिकट भी इस मोबाइल एप्लिकेशन से बुक किया जा सकता है, जिसकी अवधि बुकिंग के समय से दो घंटे तक वैध रहेगी।
अगर यात्री मोबाइल पर टिकट दिखाने में सक्षम नहीं है तो उसे टिकट रहित यात्री माना जाएगा।
11.पेपर टिकटः यात्री इस मोबाइल ऐप के माध्यम से टिकट बुक कर सकता है। टिकट बुक करने पर, यात्री को अन्य टिकट विवरणों के साथ बुकिंग आईडी मिल जाएगी। बुकिंग विवरण बुकिंग हिस्ट्री में भी उपलब्ध होंगे। बुकिंग आईडी एसएमएस के माध्यम से भी बताया जाएगा।
पेपर टिकट बुक करने के बाद, यात्रा शुरू करने के स्टेशन पर लगे एटीवीएम/यूटीएस से यात्री अपना पंजीकृत मोबाइल नंबर और बुकिंग आईडी दर्ज करके टिकट का प्रिंट ले सकता है। यह यात्रा केवल प्रिंटेड टिकट के साथ मान्य होगी।
पेपर टिकट को या तो प्रिंट करने के बाद काउंटर से या फिर पिं्रट करने से पहले ऐप के जरिए रद्द किया जा सकेगा। हालांकि, इन दोनों स्थितियों में, रद्द करने का शुल्क भी लगेगा।
कियोस्क मशीन से पेपर टिकट प्रिंट करने के तीन घंटे के भीतर यात्रा शुरू हो जाना चाहिए।
12.टिकटों का रद्दकरण-
एक बार जारी होने पर पेपरलेस यात्रा टिकट, प्लेटफॉर्म टिकट तथा सावधिक टिकट रद्द नहीं किये जा सकते हैं।
पेपर यात्रा टिकटों के रद्दकरण के लिए दो परिस्थितियॉ संभव है-
1.टिकट रद्द नहीं हुआ है।
2.टिकट का प्रिन्टआउट नहीं लिया है।
यदि यात्री ने टिकट का प्रिन्ट ले लिया है तो उसे प्रारम्भिक स्टेशन पर एटीवीएम/यूटीएस काउण्टर पर टिकट प्रस्तुत करना होगा, जिस पर नियमानुसार रद्दकरण प्रभार काटकर शेष राषि उसके भुगतान साधन में क्रेडिट कर दी जायेगी। यदि टिकट का प्रिंटआउट नहीं लिया है तो एप पर ही टिकट रद्द करने पर लिपिकीय प्रभार की कटौती के पश्चात् धनवापसी उसके भुगतान साधन में हो जायेगी।
13.आर-वॉलेट का समर्पण
यात्री जब भी चाहे आर-वॉलेट का समर्पण कर सकता है। इसके लिए माबाईल एप से निवेदन करना होगा, जिस पर उसे एसएमएस द्वारा कोड प्राप्त होगा। यूटीएस काउण्टर पर कोड तथा मोबाइल नम्बर बताने पर आर-वॉलेट में उपलब्ध राषि में से लिपिकीय प्रभार काटकर शेष राषि उसे वापस कर दी जायेगी। आरक्षण टिकटों के लिए ई-टिकटिंग की तरह ही अनारक्षित टिकटें मोबाईल पर बुक करने की सुविधा, यात्रियों को मिलने वाली प्रमुख सुविधाओं में से एक साबित होगी। इससे ना सिर्फ यात्रियों को अनारक्षित टिकट लेने के लिए स्टेशन पर लम्बी कतारों से मुक्ति मिलेगी बल्कि टिकट काउण्टर पर भीड़ में जेब कटने या अधिक नगद साथ रखने की समस्या से भी निजात मिलेगी। मोबाइल एप से टिकट बुक करने पर अनावष्यक रूप से जल्दी स्टेषन पहुॅचने की आवष्यकता नहीं रह जायेगी, जिससे यात्रियों का समय बचेगा तथा ट्रेन में चढ़ने से पहले टिकट के फेर में गाड़ी छूटने की चिंता से मुक्ति मिलेगी।

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