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दिल्ली पर्यटन द्वारा अपने तीनों दिल्ली हाटों में तीज उत्सव की धूम

नई दिल्ली। दिल्ली पर्यटन द्वारा अपने तीनों दिल्ली हाटों (आईएनए, जनकपुरी व पीतमपुरा) में तीज उत्सव को बड़ी धूमधाम से मनाया जा रहा है। गर्मी से झुलसी हुई धरा को सावन की बारिश से शीतलता प्रदान होती है और मिट्टी की सौंधी सुगंध संपूर्ण वातावरण को अपनी महक से महकाती है और एक बार फिर पूर्ण श्रृंगार करके तैयारी के साथ आगामी त्यौहारों को आमन्त्रित करती है।
यह त्यौहार भगवान शिव और पार्वती के अटूट प्रेम को दर्शाता है ऐसी मान्यता है कि, इस दिन इनका पुनर्मिलन हुआ था। श्रावण मास के शुक्लपक्ष की तृृतीया को हरियाली तीज मनाई जाती है, इस वर्ष 13 अगस्त 2018 को हरियाजी तीज मनाई जा रही है। इस दिन सुहागनें पूर्ण श्रृंगार करके अपने पति की दीर्ध-आयु की मंगलकामना के लिए निर्जला व्रत भी रखती है।
तीज उत्सव का आयोजन निम्न दिल्ली हाटों में क्रमशः किया जा रहा है 
दिल्ली हाट – आई.एन.ए.(10 अगस्त से 14 अगस्त 2018 तक)
दिल्ली हाट – जनकपुरी (12 अगस्त से 15 अगस्त 2018 तक)
दिल्ली हाट – पीतमपुरा (11 अगस्त से 15 अगस्त 2018 तक)
तीज उत्सव उत्तरी भारत और विशेषकर राजस्थान में हर्षोंल्लास के साथ मनाया जाता है। गांवों और कस्बों में पेड़ों पर झूले डालकर महिलाएं और किशोरियां झूलों पर ऊॅंची-ऊंॅची पिंगे लेते हुए सावन के मधुर गीत गाती है। मेघों की गड़गड़ाहट, रिमझिम वर्षा और उससे धुले हुए पेड़-पौधे, चहचहाते पक्षी सभी के मनों का सावन के महीने में प्रफुल्लित करता है।
इस अवसर पर दिल्ली हाट में तीज बाजार का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें इस उत्सव से संबंधित सभी प्रकार के सामान को एक ही स्थान पर आसानी से उपलब्ध कराया जा रहा है। इस बाजार में रंगबिरंगी चुड़ियां, बिंदी, उपहार के सामान, लहरिया एवं मेहंदी लगाने वालों की दुकानें आकर्षण का कंेद्र है। यहां पर सजे हुए झूले और मेहंदी की अनेक आकर्षक डिजाइनों को लिए हुए कलाकार अपनी कला को दिखाने के लिए तैयारी के साथ अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे है।
तीज उत्सव में प्रमुख रूप से बनाई जाने वाली मिठाई – घेवर भी दिल्ली हाट में आगंतुकों के लिए बिक्री हेतु उपलब्ध है। राजस्थान का प्रमुख खाना- दाल-बाटी-चूरमा, सांगरी, गट्टे की सब्जी आदि का आनन्द लिया जा सकेगा। साहित्य कला परिषद्, दिल्ली सरकार और राजस्थान पर्यटन विभाग द्वारा दिल्ली हाट में सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं सावन के गीत प्रस्तुत किए जा रहे है। विभिन्न डिजाइनों की मेहंदी, बिंदी रंगोली आदि इस उत्सव के प्रमुख आकर्षण है। इसके अलावा कच्ची घोड़ी, कठपुतली, झूले आदि का भी उत्सव के दौरान आयोजन किया जा रहा है।

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