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संत निरंकारी मिशन का मुक्ति पर्व संदेश

दिल्ली। स्वार्थरहित पूर्ण समपर्ण भाव भक्त का सबसे उत्तम गुण है। इसी से वह भक्ति की ऊँचाईयाँ प्राप्त करता है। सद्गुरु की दृष्टि में ऊपर उठता है और सभी से मान-सम्मान प्राप्त करता है।
यह उद्गार कल यहाँ निरंकारी सद्गुरु माता सुदीक्षा जी द्वारा मुक्ति पर्व समागम को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किये गये। उन्होंने कहा कि आज हम शहनशाह बाबा अवतार सिंह जी और उसी कड़ी में जुड़े हुए उन सभी संत महात्माओं को याद कर रहे हैं, नमन कर रहे हैं जिन्होंने जीवन भर इस मिशन के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान दिये। समागम में दिल्ली, ग्रेटर दिल्ली तथा देश के अन्य क्षेत्रों से आये हुए हजारों श्रद्धालु भक्तों ने भाग लिया। कुछ महात्मा दूर देशों से भी उपस्थित थे।
सद्गुरु माता सुदीक्षा जी ने कहा कि बाबा हरदेव सिंह जी तथा माता सविंदर हरदेव जी भी यही कहा करते थे कि हमें शहनशाह जी का युग फिर से लाना होगा। हम ऐसा तभी कर पायेंगे जब हमारे अंदर भी उन्हीं की तरह सद्गुरु के प्रति समपर्ण, सत् वचन तथा एक दूसरे को पहल देने के भाव पैदा हो जायें। हमारे अंदर भी किसी प्रकार का स्वार्थ न रहे और न ही किन्तु परंतु सुनने को मिले।
माता जी ने कहा कि जब हम नाव में सवार हों और तेज हवा चल पड़े तो हम हवा का रूख तो बदल नहीं सकते परन्तु अपनी नाव को उसके अनुसार मोड़ सकते हैं। इसी प्रकार हमने शहनशाह जी का युग नहीं देखा परंतु उस समय के भक्तों की भांति हम भी सद्गुरु के प्रति पूर्ण समपर्ण भाव रख सकते हैं और उस युग को वापिस ला सकते हैं।
सद्गुरु माता सुदीक्षा जी ने कहा कि शुरू में यह दिवस जगतमाता बुद्धवंती जी तथा शहनशाह बाबा अवतार सिंह जी के नाम से मनाया जाता था परंतु जब 1979 में संत निरंकारी मण्डल के प्रथम अध्यक्ष प्रधान लाभ सिंह जी इसी दिन ब्रह्मलीन हुए तो बाबा गुरबचन सिंह जी ने इसे सभी भक्तों को समर्पित करते हुए इसे मुक्ति पर्व का नाम दिया। उन्होंने यह नहीं सोचा कि ये दिवस मेरे माता पिता के नाम से ही मनाया जाता है।
अवार्ड- अमेरिका स्थित मानवता के बहुपक्षीय तथा विश्व स्तरीय विकास को समर्पित संस्था ’वी केयर फॉर हयूमेनिटी द्वारा निरंकारी सद्गुरु माता सविन्दर हरदेव जी महाराज को 2018 के सर्वश्रेष्ठ आध्यात्मिक विभूति अवार्ड से सम्मानित किया गया। यह अवार्ड उनकी ओर से संत निरंकारी मण्डल के सचिव श्री सी.एल. गुलाटी जी ने कोलकाता में 28-29 जुलाई, 2018 को आयोजित एक विशेष समारोह में प्राप्त किया।
कल यहाँ मुक्ति पर्व समागम में उन्होंने ये अवार्ड सद्गुरु माता सुदीक्षा जी को भेंट किया। उनके साथ थे – संत निरंकारी मण्डल के अध्यक्ष श्री गोबिंद सिंह जी, केन्द्रीय योजना एवं सलाहकार बोर्ड के चेयरमैन श्री के.आर. चड्ढा जी और संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन के कार्यकारी अध्यक्ष, बहन बिन्दिया छाबड़ा जी। अवार्ड के साथ एक प्रशंसा पत्र, कपड़े पर बना स्टोल तथा एक विशेष माला मिडेलियन भी थी। यह अवार्ड वर्ष 2017 में बाबा हरदेव सिंह जी महाराज के नाम से प्रदान किया गया था। संस्था की संस्थापक अध्यक्ष तथा विश्व की महान् विभूतियों को सम्मानित करने के लिये संस्था की पुरस्कार समिति की अध्यक्ष राजकुमारी मारिया टोरेस के अनुसार माता सविंदर हरदेव जी महाराज को उनके मानवता के प्रति प्रेम, करूणा तथा सेवा भाव के लिये सम्मानित किया गया था जिसकी छवि निरंकारी जगत के ऊपर ही नहीं बल्कि सबके हृदयपट पर सदा-सदा के लिए बनी रहेगी।
विमोचन- समागम में सद्गुरु माता सुदीक्षा जी के कर-कमलों द्वारा सम्पूर्ण हरदेव बाणी कन्नड़ का भी विमोचन किया गया। पुस्तक की एक प्रति सद्गुरु माता जी को संत निरंकारी मण्डल के उपाध्यक्ष श्री देवराज बजाज, मण्डल के प्रकाशन एवं पत्र पत्रिकाओं के उत्पादन तथा वितरण के मेम्बर इंचार्ज श्री सी.एल.गुलाटी तथा प्रकाशन विभाग के मेम्बर इंचार्ज श्री कृपा सागर ने भेंट की।

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