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देशहित में कड़े फैसले लेने से नहीं घबराते हम : मोदी

यंगून। नोटबंदी के लिए सरकार की आलोचनाओं के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि हम देश हित में बड़े और कड़े फैसले लेने से नहीं घबराते। हमारे लिए दल से बड़ा देश है। म्यांमार दौरे पर प्रधानमंत्री ने बुधवार को भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए ये बातें कही।

पीएम मोदी ने अपने संंबोधन में कहा कि चाहे सर्जिकल स्ट्राइक हो या जीएसटी या नोटबंदी भारत में हर फैसला बिना डर और संकोच के लिया गया। उन्होंने कहा कि जीएसटी से भी देश में ईमानदारी के साथ कारोबार करने का माहौल तैयार हो रहा है। उन्होंने कहा हम भारत को गरीबी, जातिवाद, सांप्रदायिकता और भ्रष्टाचार मुक्त स्वच्छ देश बनाकर ही रहेंगे।

मोदी ने कहा कि यंगून वह पवित्र धरती है जिसने बुद्ध को सहेजा। भारत और म्यांमार की सीमाएं ही नहीं भावनाएं भी जुड़ी हैं। यहीं बोस ने कहा था कि तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा। यहीं बालगंगाधर तिलक ने गीता रहस्य की रचना की। यहां मैं एक ही जगह भारत की संस्कृति और परंपरा देख रहा हूं।

आतंकवाद से मिलकर निपटेंगे

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत अपने इस पड़ोसी देश की हिंसा से निपटने के लिए हरसंभव मदद करेगा। मोदी ने बुधवार को ने पी ता में म्यांमार सरकार की सलाहकार आंग सान सू की के साथ व्यापक वार्ता की। उसके बाद दोनों नेताओं ने साझा बयान जारी किया। दोनों नेताओं ने आतंकवाद से मिलकर लड़ने और सुरक्षा सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। मोदी ने कहा कि भारत राखिन प्रांत में हिंसा को लेकर म्यांमार की चिंता समझ सकता है। दोनों देशों की चिंता एक जैसी है। प्रधानमंत्री ने म्यांमार के नागरिकों को मुफ्त वीजा प्रदान करने की घोषणा की। मोदी और सू की के बीच यह मुलाकात ऐसे समय हुई, जब 1.25 लाख रोहिंग्या मुस्लिम देश छोड़कर बांग्लादेश चल गए हैं। इस कारण म्यांमार सरकार दुनियाभर के देशों के निशाने पर है।

सू की ने भारत को दिया धन्यवाद

सू की ने हाल ही में म्यांमार में उभरे आतंकी खतरे से निपटने में भारत के कड़े रुख के लिए धन्यवाद दिया। पिछले माह रोहिंग्या मुस्लिमों ने राखिन प्रांत की एक पुलिस चौकी पर हमला कर 12 सुरक्षाकर्मियों की हत्या कर दी थी। उसके बाद म्यांमार सरकार ने आतंकियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की। अपुष्ट सूत्रों के अनुसार हिंसा में 400 से ज्यादा लोग मारे गए हैं। दोनों देशों में 11 समझौते मोदी और सू की के बीच चर्चा के बाद दोनों देशों के बीच 11 समझौतों पर भी दस्तखत किए गए। ये समझौते समुद्री सुरक्षा, म्यांमार में लोकतांत्रिक संस्थानों को मजबूत करने, स्वास्थ्य व सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग से जुड़े हैं।

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