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बदलाव लाने के लिए न्यूटन बनना जरूरी है : राजकुमार राव 

> अब-तक आपने जितने किरदार निभाई उन मेसे फ़िल्म ‘न्यूटन’ के किरदार में खास बात क्या लगी? 
 काफी वक्त के बाद एक ऐसा केरेक्टर आया है जो स्क्रीन पर जो की अपने विचारधारा में विस्वास रखता है और सबसे खास चीज ये लगी मुझे की इस किरदार की वो कैसे बदलाव चाहता है समाज में अपने देश के लिए इस फ़िल्म में एहम मुद्दा चुनाव का है जो की सबसे जरूरी होता है इसके साथ थोडा कमेडी भी दिखेगा फ़िल्म में और काफी खूबसूरत किरदार है पहले मैंने ऐसा किरदार कभी नही किया।

> आपको लगता है हर गांव में ‘न्यूटन’ होना चाहिए?
बहुत जरूरी है सब जगह न्यूटन हो हर सोसायटी में हर घर में हमारी फ़िल्ममें जो की किरदार है न्यूटन का वो देश में गाव में बदलाव लानेकी कोसिस करता है अगर हर जगह ऐसे न्यूटन हो तो देश की प्रगति और बदलाव आ सकता है

> आपको मेलबर्न सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का स्पेशल ज्युरी पुरस्कारमिला क्या यह आपकी महेनत का फल है?
ऑफकोर्स ये मेरी मेहनत का फल है पुरस्कार इतनी आसानी से नही मिलते काफी मेहनत करनी पड़ती है और मेहनत से ही सबकुछ होता है कुछ चीजे ऐसी होती है जो कम मेहनत में मिल जाए।लेकिन में मेहनत में विस्वास रखता हूँ।

> काम के मामले में सबसे ज्यादा फोकस किस चीज पर करते है?
काम के वक्त पर में काम पर ही ज्यादा फोकस करता हू।अपना पूरा ध्यान किरदार को अच्छे से निभाने में लगता हू और कैसा मेरा किरदार है उसको बेहतर बनाने की  कोसिस करता हूं।

> शूटिंग के दौरान आदिवासियों के बिच रहना हुआ क्या अनुभव किया?
फ़िल्म में कुछ लोग है अगर ऐसे जिसने इस फ़िल्म में एक्टिंग भी की है बहुत रियल लोग है अगर हम उनसे कुछ सिख सके की उनके चहेरे पर हमेशा मुस्कुराहट रहती है।उनकी अपनी एक दुनिया है जिसमे वह खुस है उनकी प्योरिटी क्या है वो मुझे वहा देखने को मिली बहुत मेहनती है अपनी जिंदगी अपने हिसाब से जीते है।

> निर्देशक अमित मसुरकर के साथ कैसा लगाव है?
बहुत अच्छा लगाव है मैंने पहले भी उनके साथ काम किया है यंग फ़िल्ममेकर्स है और उसने बेहतरीन फ़िल्म बनाई है।जिनके लिए उनकी फिल्मो को काफी बड़े फ़िल्म फेस्टिवल में जगह मिलती है मेंने न्यूटन में उनके साथ काम किया काफी अच्छा लगा।

> सिनेमा में काफी बदलाव आया है क्या सोच हे आपकी इसके बारे मे?
अच्छा बदलाव आया है बिच में कुछ दौर था तब अलग फ़िल्म बन रही थी और आजके जनरेस के पर काफी अच्छी फिल्मो से सिनेमा में बदलाव् आया है।इम्तियाज अली,विशाल भारद्वाज,ऐसे कही निर्देशक कमाल के है अच्छे राइटर आने लगे अच्छी स्टोरी के साथ और सिनेमा का माध्यम अच्छी स्टोरी है बहुत अच्छी स्टोरी हमारे सिनेमा का हिस्सा बनी है।

> दिनेश जाला <

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