National Hindi Daily Newspaper
Breaking News

भारत और बेल्जियम में होगा खिताबी मुकाबला

लखनऊ। 15 वर्ष बाद खिताब जीतने के लक्ष्य के साथ यहां उतरी भारतीय जूनियर टीम ने और पहली बार सेमीफाइनल में जगह बनाने वाली बेल्जियम ने शुक्रवार को पुरुष जूनियर विश्व कप हॉकी टूर्नामेंट के अपने अपने मुकाबले जीतकर फाइनल में जगह बना ली। दोनों टीमों के बीच 18 दिसंबर को खिताबी मुकाबला होगा। पहले सेमीफाइनल में बेल्जियम ने भी उलटफेर करते हुये गत दो बार के विजेता जर्मनी को पेनल्टी शूटआउट में ही 4-3 से हराकर फाइनल में जगह बनाई और दूसरे सेमीफाइनल में भारत ने नायाब प्रदर्शन कर खिताब के प्रबल दावेदारों में शामिल आस्ट्रेलिया को पेनल्टी शूटआउट में 4-2 से मात दी। भारत तथा बेल्जियम के बीच खिताब के लिये जंग 18 दिसंबर को होगी। भारत ने पिछली बार 2001 में खिताब जीता था और आखिरी बार 2005 में हालैंड के रोटर्डम में हुये विश्वकप में उसने सेमीफइनल में जगह बनाई थी जबकि बेल्जियम ने पहली बार फाइनल में जगह बनाई। तेज गति से हुये दूसरे सेमीफाइनल में निर्धारित समय तक मुकाबला 2-2 से बराबरी पर रहने के बाद पेनल्टी शूटआउट के जरिये निर्णय हुआ और मेजबान भारतीय टीम ने खुद पर गजब का नियंत्रण रखते मुकाबला 4-2 से अपने नाम कर लिया। घरेलू दर्शकों के लिये यह एक यादगार मौका था कि टीम ने इस मेगा टूर्नामेंट के फाइनल में जगह बनाई।
आस्ट्रेलिया ने अपनी छवि के अनुरुप शुरुआत की और 14 वें मिनट में ही टॉम क्रेग के गोल की बदौलत बढ़त बनाई। पहले हाफ तक स्कोर 1-0 से आस्ट्रेलिया के पक्ष में रहा लेकिन दूसरे हाफ में जैसे खेल का अंदाज ही बदल गया हो।
गुरजंत सिंह ने 42 वें और मंदीप सिंह ने 48 वें मिनट में दो गोल कर आश्चर्यजनक रूप से भारत को 2-1 की बढ़त पर ला दिया। सांसाें को रोक देने वाले इस मैच में आस्ट्रेलिया को 57 वें मिनट में बराबरी करने का मौका मिल गया जब लैचलान शार्प ने मैदानी गोल कर स्कोर 2-2 से बराबर कर दिया।
निर्धारित समय तक कोई और गोल नहीं किया जा सका और निर्णय के लिये पेनल्टी शूटआउट का सहारा लिया गया। आस्ट्रेलिया का पेनल्टीशूटआउट में निराशजनक प्रदर्शन रहा। उसकी तरफ से ब्लैक गोवर्स तथा जैक ह्वलेच ही निशाने साध सके जबकि विजेता टीम की तरफ से हरजीत सिंह ,हरमनप्रीत सिंह ,सुमित तथा मनप्रीत जूनियर ने निशाने साधे। मनप्रीत के गोल दागते ही पेनल्टी शूटआउट में 4-2 के स्कोर के साथ भारत की जीत सुनिश्चित हो गयी और दर्शक खुशी से झूम उठे। इससे पहले बेल्जियम ने पहले सेमीफाइनल में गत विजेता जर्मनी को एक रोमांचक संघर्ष में पेनल्टी शूटआउट में 4-3 से हराकर फाइनल में जगह बनाई। बेल्जियम की टीम पहली बार टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंची है।
दोनों ही टीमों के बीच शुरुआत से एक-एक गोल के लिये कड़ा संघर्ष देखने को मिला। दोनों ही टीमों ने मजबूत रक्षापंक्ति का नजारा पेश किया। मुकाबले में आक्रामक तथा रक्षात्मक खेल का शानदार मिश्रण था। पहला हाफ गोल रहित बराबरी पर रहने के बाद दूसरा हाफ भी गोलरहित रहा। निर्धारित समय में दोनों टीमों के गोलरहित बराबरी पर निर्णय पेनल्टी शूटआउट का सहारा लिया गया जहां बेल्जियम ने एक अंक के अंतर से बाजी मार ली।
पेनल्टी शूटआउट में जर्मनी की तरफ से जोहांस ग्रोव ,ओले प्रिंज तथा कोंस्टेंटिन स्टैब ने निशाने साधे जबकि विजेता बेल्जियम की तरफ से निकोलस प्रोंसलेट,आर्थर डी स्लूवर ,हेनरी रेज तथा राबर्ट रूबंस ने निशाने साधे और अपनी टीम को रोमांचक जीत दिलाकर इतिहास में नाम दर्ज करा दिया।
इस हार के साथ जर्मनी की खिताबी जीत की हैट्रिक बनाने तथा ओवरआल इस चैंपियनशिप को सातवीं बार जीतने का सपना टूट गया। इससे पहले बेल्जियम ने पहले सेमीफाइनल में गत विजेता जर्मनी को एक रोमांचक संघर्ष में पेनल्टी शूटआउट में 4-3 से हराकर फाइनल में जगह बनाई। बेल्जियम की टीम पहली बार टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंची है।
दोनों ही टीमों के बीच शुरुआत से एक-एक गोल के लिये कड़ा संघर्ष देखने को मिला। दोनों ही टीमों ने मजबूत रक्षापंक्ति का नजारा पेश किया। मुकाबले में आक्रामक तथा रक्षात्मक खेल का शानदार मिश्रण था। पहला हाफ गोल रहित बराबरी पर रहने के बाद दूसरा हाफ भी गोलरहित रहा। निर्धारित समय में दोनों टीमों के गोलरहित बराबरी पर निर्णय पेनल्टी शूटआउट का सहारा लिया गया जहां बेल्जियम ने एक अंक के अंतर से बाजी मार ली।
पेनल्टी शूटआउट में जर्मनी की तरफ से जोहांस ग्रोव ,ओले प्रिंज तथा कोंस्टेंटिन स्टैब ने निशाने साधे जबकि विजेता बेल्जियम की तरफ से निकोलस प्रोंसलेट,आर्थर डी स्लूवर ,हेनरी रेज तथा राबर्ट रूबंस ने निशाने साधे और अपनी टीम को रोमांचक जीत दिलाकर इतिहास में नाम दर्ज करा दिया।
इस हार के साथ जर्मनी की खिताबी जीत की हैट्रिक बनाने तथा ओवरआल इस चैंपियनशिप को सातवीं बार जीतने का सपना टूट गया। दिन के अन्य मुकाबलों में जापान तथा मिस्र ने क्रमश: 13 वें तथा 15 वें स्थान के मैच जीत लिये। जापान ने 13 वें-14 वें स्थान का मैच कनाडा को 2-1 से तथा मिस्र ने 15 वें-16 वें स्थान के मैच में कोरिया को 2-1 से शिकस्त दी।
पहले मैच में कनाडा ने रोहन चोपड़ा के 35 वें मिनट के गोल से बढ़त बनाई लेकिन मिस्र ने इसके बाद दूसरे हाफ में जबरदस्त वापसी करते हुये 58 वें तथा 67 वें मिनट में दो गोल कर जीत हासिल की। मिस्र की तरफ से मोहम्मद गाडेलकरीम ने बराबरी वाला तथा अहमद इल्गानैनी ने निर्णायक गोल दागा।
15 वें-16 वें स्थान वाले मैच में सभी गोल दूसरे हाफ में ही किये गये। जापान की तरफ से कोता वाटानेब ने 55 वें मिनट में पहला गोल कर अपनी टीम को बढ़त दिला दी लेकिन 65 वें मिनट में कोरिया के सियोंग हो ने गोल कर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। कड़ संघर्ष के बीच अंतत: जापानी खिलाड़ी कोजी यामासाकी ने 70 वें मिनट में गोल कर टीम को 2-1 की यादगार जीत दिला दी।

Translate »
Skip to toolbar