ब्रेकिंग न्यूज़

सामान्य कोटे में 8 लाख की आय सीमा में हो सकता परिवर्तन : थावरचंद गहलोत

देश, में सवर्ण समाज (सामान्य वर्ग) को शिक्षा और नौकरियों में 10 फीसदी आरक्षण का बिल संसद ने पास कर दिया गया है। अब राष्ट्रपति की मंजूरी का इंतजार है। इस बीच ‘यूथ फॉर इक्वालिटी’ ने बिल में संशोधन की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर दी है। उसका कहना है आर्थिक आधार पर आरक्षण सही है मगर यह पचास फीसदी के भीतर ही हो। इस बीच, सरकार का कहना है कि जल्द ही नियम बना दिए जाएंगे कि आरक्षण का दायरा क्या होगा। सरकार ने यह फैसला क्यों किया? क्या उसे इसका सियासी फायदा मिलेगा? सुप्रीम कोर्ट में कानून को चुनौती पर वो क्या करेगी? इन तमाम सवालों के जवाब दिए सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत ने।
थावरचंद गहलोत ने कहा कि गरीबों को समर्पित सरकार और सबका साथ-सबका विकास के नारे को ध्यान में रखते हुए कई ऐतिहासिक फैसले लिए गए। सरकार की सोच को साकार रूप देने के लिए ही यह बनाया गया है। इस सवाल का जवाब देते हुए सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्री ने कहा कि मंडल कमीशन जब बना था तो उसमें भी सामान्य वर्ग के गरीब तबके को आरक्षण का जिक्र किया गया था। समय-समय पर सदनों में ऐसी मांगें उठी थी। देश में कई जगहों पर इसकी मांग हो रही थी। इसकी आवश्यकता को मोदी सरकार ने महसूस किया और अब यह विधेयक कानून का रूप ले रहा है।
इस सवाल का जवाब देते हुए थावर चंद गहलोत ने कहा कि सबका विकास और सबका साथ नारे के साथ गरीबों के लिए प्रतिबद्ध सरकार ने फैसला लिया है। इसके समय को लेकर इसके सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। लेकिन कुल मिलाकर गरीबों के लिए बनी सरकार ने सपने को साकार करने के लिए यह कदम उठाया है। ऐसे फैसलों के फायदे और नुकसान दोनों होते हैं। लेकिन सामान्य वर्ग के लोगों को मुख्य धारा में लाना इसका मुख्य उद्देश्य है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद यह अधिनियम नोटिफाई होगा उसके बाद आय सीमा का निर्धारण किया जाएगा और फिर इस पर काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत सरकार जल्द ही कार्रवाई कर देगी लेकिन राज्यों पर निर्भर करता है कि वह इसे कब तक लागू करते हैं। आयसीमा 8 लाख के सवाल पर गहलोत ने कहा कि अभी इस पर विमर्श करेंगे, हो सकता है कि इस पर बदलाव हो कर जाए या फिर संभावना यह भी है कि ऐसा ही लागू कर दिया जाएगा।

Print Friendly, PDF & Email

Leave a Reply

Translate »
Skip to toolbar