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वाहनों में जीपीएस के साथ पैनिक बटन लगाना अनिवार्य

नई दिल्ली। दिल्ली परिवहन विभाग ने वाहनों में जीपीएस के साथ पैनिक बटन लगाना अनिवार्य कर दिया है। पैनिक बटन परिवहन विभाग के परिचालन नियंत्रण कक्ष (ओसीसी) के अलावा पुलिस कंट्रोल रूम से भी जुड़ेगा। मसलन, अगर कोई यात्री मुसीबत में है तो पैनिक बटन दबाते ही उसकी सूचना परिवहन विभाग के साथ पुलिस को भी मिल जाएगी। जीपीएस की मदद से नजदीकी पुलिस पीसीआर वैन को उस लोकेशन पर भेज दिया जाएगा। परिवहन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ऑटो व ई-रिक्शा को छोड़कर सभी तरह के सार्वजनिक परिवहन वाहन जैसे ग्रामीण सेवा, इको फ्रेंडली सेवा, टैक्सी, बस और आरटीवी समेत अन्य वाहनों को इसे लगाने के लिए 31 मार्च तक का समय दिया गया है। उसके बाद भी अगर नहीं लगाया जाता है तो उनका फिटनेस नहीं किया जाएगा। परमिट शर्तों का उल्लंघन मानते हुए इसमें 4500 रुपये तक के चालान का भी प्रावधान है। दिल्ली परिवहन विभाग ने बताया कि अभी तक कुल चार कंपनियां पैनिक बटन लगाने के लिए सूचीबद्ध की गई हैं। इसकी सूची दिल्ली इंटीग्रेटेड मल्टी मॉडल ट्रांजिट सिस्टम (डिम्ट्स) की वेबसाइट पर उपलब्ध है। कीमत 10 हजार से लेकर 12 हजार रुपये तक है। इसमें पैनिक बटन-जीपीएस की सुविधा है। दिल्ली में वर्तमान में ऑटो-ई-रिक्शा को हटा भी दें तो टैक्सी, बस, आरटीवी व अन्य वाहन समेत 1.10 लाख से अधिक सार्वजनिक वाहन हैं।
– पुलिस कंट्रोल रूम से सीधे जुड़ेगा
पैनिक बटन व जीपीएस में एक सिम होगा। यह इंटरनेट के जरिए जुड़ेगा। सिम की मदद से ही यह परिवहन विभाग के साथ पुलिस कंट्रोल रूम से भी जुड़ेगा। कोई यात्री मुसीबत में है तो पैनिक बटन दबाते ही परिवहन विभाग के साथ पुलिस कंट्रोल रूम को भी कनेक्ट किया जाएगा। पुलिस को पैनिक बटन दबाने की सूचना मिले, इसके लिए परिवहन विभाग अपने परिचालन नियंत्रण कक्ष का लिंक दिल्ली पुलिस को उपलब्ध कराएगा।

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