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राजस्थान में लड़कियों को निःशुल्क शिक्षा

राजस्थान सरकार एक्शन शिक्षा व्यवस्था में बदलाव के साथ ही अगले शिक्षा सत्र से निःशुल्क बालिका शिक्षा को सभी स्तरों पर लागू कर देगी। राज्य सरकार राजकीय महाविद्यालयों में पढ़ने वाली बालिकाओं को मुफ्त शिक्षा प्रदान करेगी। अगले शिक्षा सत्र से निःशुल्क बालिका शिक्षा को सभी स्तरों पर लागू कर दिया जाएगा।
राजकीय उच्च शिक्षण संस्थाओं के साथ ही निजी क्षेत्र को भी इस संबंध में भागीदारी दी जाएगी।
सभी सरकारी कॉलेजों में ‘विद्यार्थी परामर्श केन्द्र’ स्थापित होंगे, जिससे विद्यार्थी पढ़ाई के साथ-साथ भविष्य के लिए रोजगार मार्गदर्शन भी प्राप्त कर सकें।
महाविद्यालयों में अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए निःशुल्क कोचिंग भी मिलेगी। इसकी शुरुआत आज 40 कॉलेजों से की गई है। आगामी एक माह में राज्य के सभी 252 कॉलेज में ‘प्रतियोगिता दक्षता’ परियोजना को चरणबद्ध लागू कर दिया जाएगा।

आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को उड़ीसा सरकार देगी मदद
आर्थिक रूप से पिछड़े परिवारों के प्रतिभाशाली बच्चे भी अब उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। इसलिए ओडिशा सरकार ने ऐसे बच्चों के लिए आर्थिक रूप से मदद करने की घोषणा की है। न्यू फाइनैंनशियल असिसटेंस स्कीम के अन्तगर्त पिछड़े तबके के छात्रों को स्नातक और स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी करने के लिए सरकार की तरफ से 20 हजार रुपये सालाना देने की बात कही गई है।
जो बच्चे एचआईवी एड्स से प्रभावित परिवार का हिस्सा हैं, या बच्चे के माता-पिता लाइलाज बीमारी से ग्रसित हैं या बेघर हैं, बच्चे का पिता नहीं है या घर में कोई कमाने वाला नहीं है, ऐसे बच्चों को ही ये आर्थिक लाभ मिल सकेगा।
उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने और अधिक से अधिक बच्चों का नामांकन कराने के लिए सरकार की तरफ से कई योजनाएं पहले से भी लागू की गई है पर इस बार पिछड़े तबके के बच्चों के लिए ये नई स्कीम लाई गई है। पहले से भी अनाथ बच्चे जो कि दूसरी से लेकर स्नातकोत्तरतक के बीच पढ़ाई कर रहे हैं उनके लिए कई प्रोग्राम जैसे ई-मेधाब्रुती, कलिंग सिख्य साथी योजना और ग्रीन पैसेज जैसी योजनाएं चल रही हैं।
पिछड़े तबके के छात्रों के लिए ये स्कीम एक सीमित समय के लिए ही होगी। ये सलाना आर्थिक मदद कोर्स के अंत में दी जाएगी। शिक्षा विभाग ने इस स्कीम के लिए पात्रता मापदंड भी जारी कर दिया है। इस योजना का लाभ उठाने के लिए छात्रों का अंडर ग्रैजुएट और स्नातकोत्तर में पहले से ही नामांकन हुआ रहना चाहिए और राज्य के किसी मान्यता प्राप्त कॉलेज, संस्था या विश्वविद्यालय में नियमित तरीके से पढ़ाई होनी चाहिए।
17जनवरी ईएमएस फीचर

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