ब्रेकिंग न्यूज़

फेसबुक की तानाशाही : ‘कमल का फूल हमारी भूल’ पोस्ट करने पर 30 दिनों के लिए FB ने किया ब्लॉक

सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट फेसबुक के सीईओ मार्क जकरबर्ग हमेशा से इस प्लेटफॉर्म को लोगों की आवाज बताते रहे हैं. जकरबर्क कहते हैं कि वो फेसबुक को ऐसा प्लेटफॉर्म बनाना चाहते हैं जहां लोग खुलकर बिना डर के अपनी बातें रख सकें. लेकिन एक भारतीय फेसबुक यूजर मोहम्मद अनस का दावा है कि फेसबुक ने उसे 30 दिनों के लिए सिर्फ ब्लॉक कर दिया, क्योंकि उसने एक रेस्ट्रों की बिल पोस्ट की थी. इस बिल में लिखा था, ‘कमल का फूल हमारी भूल’.

मोहम्मद अनस ने बिल को फेसबुक पोस्ट पर ये लिखकर फेसबुक पर पोस्ट किया था, ‘व्यापारी अपने कैश मेमो पर प्रिंट करा कर जनता से बता रहे हैं कि बीजेपी को वोट देकर गलती हो गई हैं.’ उनके मुताबिक इस फेसबुक पोस्ट के कुछ घंटों बाद फेसबुक की तरफ से उन्हें एक नोटिफिकेशन मिला जिसमें कहा गया है कि यह पोस्ट फेसबुक के कम्यूनिटी स्टैंडर्ड्स को फौलो नहीं करता है. इस नोटिफिकेशन के बाद दूसरा नोटिफिकेशन मिला जिसमें उन्हें बताया गया कि उनका अकाउंट 30 दिनों के लिए ब्लॉक किया जा रहा है.

गौरतलब है कि जिस कैशमेमो की फोटो उन्होंने पोस्ट की थी वो काफी पहले से सोशल मीडिया पर वायरल हो रही थी. बताया जा रहा है कि यह सूरत का है और किसी रेस्ट्रों ने जीएसटी के बाद हो रहे नुकसान पर ऐसा कैशमेमो प्रिंट कराया है. हालांकि इस कैशमैमो में कितनी सच्चाई है आज तक इसकी पुष्टि नहीं करता है. फेसबुक के इस कदम पर अनस का कहना है कि उन्होंने खुद से कुछ भी पोस्ट नहीं किया बल्कि सिर्फ कैशमैमो शेयर किया है और उन्हें लगता है कि इसमें कुछ भी आपत्तिजनक नहीं है. हालांकि यह पहला मौका नहीं है जब फेसबुक ने उनका अकाउंट ब्लॉक किया है. इस पहले भी कई बार फेसबुक अपने कम्यूनिटी स्टैंडर्ड का हवाला देकर उनका अकाउंट ब्लॉक करता आया है. वो इसे फेसबुक द्वारा किया जाने वाला फासिवाद बताते हैं और कहते हैं कि मैं कभी किसी के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल नहीं करता, लेकिन सरकार के लिए आलोचनात्मक पोस्ट पर फेसबुक हटा लेता है.

अकाउंट ब्लॉक होने के बाद फेसबुक और ट्विटर पर कई लोग ऐसे पोस्ट हटाने और अकाउंट ब्लॉक करने पर फेसबुक से सवाल पूछ रहे हैं.

फेसबुक कई बार ऐसे पोस्ट भी हटाता है जिसे ज्यादा से ज्यादा लोग रिपोर्ट करते हैं. लेकिन इस पोस्ट में ऐसा कुछ आपत्तिजनक नहीं था जो फेसबुक के कम्यूनिटी स्टैंडर्ड को मैच नहीं करता.

फेसबुक के भेजे गए नोटिफिकेशन में ये कहा गया है

फेसबुक द्वारा दिए गए पहले नोटिफिकेशन में ये लिखा गया है, ‘ऐसा लगता है कि इस पोस्ट में कुछ ऐसा है जो हमारे कम्यूनिटी स्टैंडर्ड को फौलो नहीं करता.

Print Friendly, PDF & Email

Leave a Reply

Translate »
Skip to toolbar