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छोटे उद्योगों की भुगतान समस्याओं के लिए ‘समाधान’

केंद्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग मंत्री गिरिराज सिंह
केंद्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग मंत्री गिरिराज सिंह

नयी दिल्ली। केंद्र सरकार ने छोटे उद्योगों और कारोबारियों की भुगतान संबंधी समस्याओं का ऑनलाइन निवारण और निगरानी करने के लिए आज एमएसएमई ‘समाधान’ पोर्टल जारी किया, जिसमें आपूर्ति के 45 दिन बाद शिकायत दर्ज करायी जा सकती है।
केंद्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग मंत्री गिरिराज सिंह ने यहां ‘समाधान’ पोर्टल को सार्वजनिक तौर पर जारी करते हुए कहा कि सरकार छोटे उद्योगों की समस्याओं से अवगत है और उन्हें दूर करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र माेदी छोटे उद्योगों की समस्याओं के निवारण के लिए चिंतित हैं और इनके विकास में लगे रहते हैं।
उन्होंने कहा कि छोटे उद्योगों के लिए पूंजी सबसे बड़ी समस्या है और उन्हें अक्सर आपूर्ति के बाद भुगतान में देरी का सामना करना पड़ता है। इसके लिए सरकार ने ऑनलाइन प्रणाली की व्यवस्था की है। इसके जरिये कोई भी छाेटा उद्योगपति और कारोबारी अापूर्ति के 45 दिन बाद अपनी शिकायत ‘समाधान’ पोर्टल पर दर्ज करा सकता है। समाधान पोर्टल के जरिये शिकायतों की स्थिति पता की जा सकती है। इसके अलावा संबंधित अधिकारी पोर्टल की लगातार निगरानी करेंगे और समस्याओं पर नजर रखेंगे।
श्री सिंह ने कहा कि सरकार ने छोटे उद्योगों के पंजीकरण की प्रक्रिया सरल कर दी है और इसे मात्र में तीन मिनट में पूरा किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार छोटे उद्याेगों के लिए संबंधित प्रावधानों और प्रक्रियाओं में सुधार जारी रखेंगी।
पोर्टल पर शिकायत दर्ज होने और इसमें किसी प्रगति की सूचना संंबंधित व्यक्ति को एसएमएस और ई- मेल के जरिए दी जाएगी। पोर्टल हिन्दी और अंग्रेजी भाषा में उपलब्ध होगा और इस पर केंद्रीय सरकार के सभी कार्यालयों, विभागों और केंद्रीय उपक्रमों से संबंधित शिकायत की जा सकती है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार के प्रयासों से छोटे उद्योगों के क्षेत्र में रोजगार के अवसरों में भारी इजाफा हुअा है लेकिन कुछ लोगों ने ऐसा चश्मा लगा रखा है जिससे उन्हें कुछ नहीं दिखायी देता है। गौरतलब है कि कांग्रेस समेत पूरा विपक्ष बेरोजगारी बढ़ने का अारोप लगाते हुए मोदी सरकार पर हमलावर है।
इस अवसर पर मंत्रालय के सचिव अरुण कुमार पांडा, वरिष्ठ अधिकारी, उद्योग संगठनों के प्रतिनिधि और कई छोटे कारोबारी मौजूद थे।

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