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भाजपा के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार प्रेम कुमार धूमल से खास बातचीत

हिमाचल प्रदेश विधान सभा चुनाव

माफियाराज का सफाया करके प्रदेश में कानून व सुशासन का राज होगा : धूमल

हिमाचल विधानसभा चुनावों के मतदान के लिए अब दो दिन शेष बचे हैं. चुनावों की गहमा-गहमी और भागदौड़ के बावजूद भाजपा के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार प्रेम कुमार धूमल के चेहरे पर कतई शिकन नजर नहीं आती और वह सुवह 5 बजे से रात 11.30 बजे तक अनवरत पार्टी की रैलियों, सभाओं और मीटिगों के बावजूद मीडिया को कभी निराश नहीं करते. जहां तक संभव होता है, हर किसी की राय को तवज्जो देते हैं और कोशिश करते हैं कि उनसे मिलने की आस में आया कोई कार्यकर्ता, आम आदमी या मीडियाकर्मी बिना मिले तथा जलपान के चला न जाए. मीडिया को उन्होंने ज्यादातर इंटरव्यू तो उन्होंने सफर को दौरान ही दिए ताकि न सभाओं में देरी हो और न ही मीडियाकर्मियों को समय न मिलने का मलाल हो सके. प्रेम कुमार धूमल पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने विश्वास जताया है. उन्हें मुख्यमंत्री का उम्मीदवार बनाया है और इससे पहले भी वह दो बार हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं. प्रोफेसर प्रेम कुमार धूमल कहते हैं, “मैंने अपने लिए कभी कोई टिकट नहीं मांगा और न ही अन्य अपेक्षा की, पार्टी हाईकमान ने जब जैसा आदेश दिया, केवल उसका पालन किया है. पार्टी पहले भी उन्हें दो बार प्रदेश का मुख्यमंत्री बना चुकी है और वह जनता का प्यार और मेरा काम के प्रति समर्पणभाव ही है कि भाजपा नेतृत्व मे एक बार फिर मुझपर विश्वास करके मुझे बड़ी जिम्मेवारी सौंपी है. वह जानते हैं कि हर किसी के जहन में यह सवाल है कि पार्टी ने उन्हें पहले मुख्यमंत्री घोषित क्यों नहीं किया, इसलिए बिना लागलपेट वह अपनी बात कहते हैं.

प्रेम कुमार धूमल कहते हैं कि भाजपा की सरकार बनने पर सबसे पहले पिछले पांच वर्षों से लगातार बिगड़ती कानून-व्यवस्था को चुस्त-दुरूस्त करना उनकी पहली प्राथमिकता है ताकि प्रदेश के हर व्यक्ति के जीवन, उसकी संपत्ति और सम्मान की रक्षा सुनिश्चित हो सके. भाजपा ने 50 प्लस का नारा दिया था लेकिन कांग्रेस के राज में गुंडाराज, वन माफिया और ड्रग माफिया का बोलबाला है जिसके चलते उम्मीद की है कि भाजपा 60 प्लस सीटें जीतकर इतिहास बनाएगी और कांग्रेस दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू पायेगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पार्टी अध्यक्ष अमित शाह और केन्द्रीय नेताओं की रैली से यह चुनाव इकतरफा हो गया है. कांग्रेस जानती है कि वह मुकाबले में नहीं है इसलिए पार्टी ने वीरभद्र सिंह को अकेला छोड़ दिया है ताकि हार का ठीकरा राहुल गांधी पर न फूटे. वीरभद्र सरकार भ्रष्टाचार और कुशासन का पर्याय बन चुकी है, इसलिए प्रदेश की जनता उसे बेदखल करने को तैयार है. प्रेम कुमार धूमल का कहना है कि प्रदेश में ड्रग माफिया, शराब माफिया, वन माफिया, ट्रांसफ़र माफिया सरकार में पैठ बनाकर राज कर रहे थे और प्रदेश को नशे और अपराध की दलदल में धकेल दिया गया है. भाजपा की सरकार बनने ही माफिया राज का अंत होगा और प्रदेश डबल इंजन की ट्रेन की भांति विकास के रास्ते पर दौड़ने लगेगा. यह पूछे जाने पर कि जे पी नडडा, शांता कुमार जो खुद मुख्यमंत्री बनने की इच्छा जाहिर करते रहे हैं, उनके समर्थक आपको आगे करने से कहीं अलग-थलग महसूस तो नहीं कर रहे हैं या कहीं कोई गुटबाजी हो तो उन्होंने कहा कि भाजपा में हर कोई पार्टी और कमल के फूल को जिताने के लिए काम कर रहा है. हम सब पार्टी के लिए काम कर रहे हैं तो फिर गुटबाजी का सवाल ही नहीं है. उन्होंने कहाकि चुनावों से पूर्व ही भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को साफ कर चुके हैं कि पार्टी में अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी. राज्य में सड़क और रेल यातायात सुगम करने के सवाल पर वह कहते हैं कि “केन्द्र की मोदी सरकार सड़कों और पुलों के निर्माण के लिए 70 हजार करोड़ रूपए की योजना की घोषणा कर चुकी है. इसके अलावा केन्द्र सरकार 69 राष्ट्रीय राजमार्गों और 64 पुलों के निर्माण की परियोजना के लिए 329 करोड़ रुपए की मंजूरी दे चुकी है लेकिन वीरभद्र सरकार ने इसपर कोई काम नहीं किया है. हमारी सरकार बनने पर इस योजना को हम प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ायेंगे ताकि प्रदेश में पर्यटन और रोजगार के अवसर बढ़ें

प्रेम कुमार धूमल का कहना है कि सत्ता में आने पर वह बदले की भावना ले कोई काम नहीं करेंगे. प्रदेश में कानून-व्यवस्था का राज कायम करना और अपराधी गिरोहों का उन्मूलन उनकी पहली प्राथमिकता होगी. हम अपना वक्त प्रदेश के विकास में लगाएंगे.

धूमल ने कांग्रेस सरकार पर प्रदेश में माफिया राज कायम करने का आरोप लगाया और कहा कि वीरभद्र सिंह ने देव भूमि को अपराध की भूमि बना दिया. उन्होंने कहा, “प्रदेश के लोग ऐसा महसूस करते हैं कि उनके ऊपर माफिया लोग शासन करते हैं, वन-माफिया पेड़ों की कटाई कर रहे हैं. अगर अधिकारी उन्हें रोकने की कोशिश करते हैं तो उनकी पिटाई की जाती है. यहां तक कि अधिकारियों की हत्या भी कर दी जाती है. इसी तरह खनन माफिया यहां के निवासियों को महरूम बनाकर यहां से खनिज पदार्थ ढोकर अन्य राज्यों में ले जा रहे हैं. वन सुरक्षा प्रहरी होशियार सिंह की हत्या इसलिए कर दी गई क्योंकि उसने कुछ लोगों को गैर कानूनी ढंग से लकड़ी काटकर ले जाते देख लिया था और उसने इसकी रिकॉर्डिग अपने मोबाइल पर कर ली थी. लेकिन सरकार ने इस हत्या को खुदकुशी करार दे दिया. उन्होंने कहा कि ऐसे कई मामले हैं. लेकिन हिमाचल के इतिहास में पहली बार उच्च न्यायालय ने गुड़िया के बलात्कार और हत्या के मामले में हस्तक्षेप किया. उसके बाद होशियार सिंह के मामले में भी उच्च न्यायालय ने हस्तक्षेप किया है. धूमल ने कहा कि सरकार में आने पर उनका पहला काम देवभूमि का गौरव लौटाना होगा. वह होशियार सिंह के नाम पर ड्रग निरोधक दस्ते का गठन करेंगे, जिसका संचालन 24 घंटे मुख्यमंत्री कार्यालय से होगा. परमवीर चक्र विजेता मेजर सोमनाथ शर्मा के नाम पर पूर्व सैनिकों का एक दस्ता बनाया जायेगा, जिसका काम असामाजिक तत्वों पर नजर रखने के साथ ही अपराध रोकने में पुलिस की मदद करेगा. प्रदेश पर बढ़ते कर्ज के मर्ज पर उन्होंने कहाकि “जब भाजपा ने वर्ष 2012 मे सत्ता छोड़ी थी तब कर्ज 28 हजार करोड़ था लेकिन चार साल में 12 हजार करोड़ से ज्यादा का कर्ज लिया गया और कर्ज 40 हजार करोड़ का आंकड़ा पार कर गया है। दिल्ली में सत्ता परिवर्तन होने के बाद एनडीए सरकार ने तीन साल में प्रदेश सरकार की भारी मदद की है. ऐसे में सरकार को बताना चाहिए कि कर्ज लेने की जरूरत क्यों पड़ती रही है. निगम-बोर्डो में अध्यक्षों व उपाध्यक्षों की फौज पर फिजूलखर्ची की वजह से नुकसान हो रहा है.अफसरशाही और सरकार पूरे पांच साल तक जनता के पैसे पर मौजमस्ती की है लेकिन अब जनता हिसाब बराबर कर देगी. बेरोजगार यवक-युवतियों से छल किया. कांग्रेस ने घोषणा की थी कि सरकार बनने पर बेरोजगारों को बेरोजगार भत्ता मिलेगा लेकिन चार साल सरकार सोई रही और चुनावों से ठीक पहले शर्तों के साथ चुनिंदा बेरोजगारों को भत्ता देने की घोषणा की. यह कितनों को मिला, इसका सरकार के पास सही आंकड़ा नहीं है.

प्रेम कुमार धूमल एक नजर में :

प्रेम कुमार धूमल का जन्म 10 अप्रैल 1944 को हमीरपुर जिले के समीरपुर गांव में हुआ था। उनकी शुरुआती पढ़ाई भगवाड़ा शिक्षा मिडिल स्कूल से हुई है।

  • हमीरपुर डीएवी हाईस्कूल टौणी देवी से मैट्रिक की पढ़ाई करने के बाद 1970 में उन्होंने जालंधर (पंजाब) के दोआबा कॉलेज से इंग्लिश में एमए किया था।
  • इसके बाद गुरुनानक देव यूनिवर्सिटी अमृतसर से धूमल ने एलएलबी की पढ़ाई की।
  • अपनी पढ़ाई पूरी होने के बाद वे एक प्राइवेट कॉलेज में पढ़ाने लगे थे।
  • इसी बीच उनकी शादी शीला से हुई, जिनसे उनके दो बेटे अरुण ठाकुर और अनुराग ठाकुर हैं।
  • छोटे बेटे अनुराग ठाकुर देश की राजनीति में काफी एक्टिव हैं। वे इन दिनों हमीरपुर से बीजेपी के सांसद हैं।
  • इसके अलावा सांसद अनुराग ठाकुर बीसीसीआई के चेयरमैन भी रह चुके हैं।
  • 1982 में धूमल भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष बने थे। इसके बाद उन्होंने पहली बार हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ा था, लेकिन हार गए थे।
  • बाद में 1989 के लोकसभा चुनाव में प्रेम कुमार धूमल ने हमीरपुर सीट से जीत दर्ज की। इसके साथ ही वे प्रदेश बीजेपी के अध्यक्ष बने थे।
  •  73 साल के प्रेम कुमार धूमल पहले भी देा बार हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं।
  • 1998 से 2003 तक बीजेपी और हिमाचल कांग्रेस के गठबंधन की सरकार में धूमल मुख्यमंत्री रहे थे। इसके बाद वे दिसबंर 2007 से 2012 तक प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे।

विजय शर्मा

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