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ई इस आई झिलमिल को प्रदूषण मुक्त करने के लिए लगाया जायगा आप्टिमाइज़र

नीरज पाण्डेय
पूर्वी दिल्ली। दिल्ली मे बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए जहां सरकार आये दिन नई नई तकनीकों से दिल्ली की खराब हुई आवोहवा को सुधारने में जुटी है। वहीं ई एस आई अस्पताल झिलमिल ने पहल कदमी करते हुए अस्पताल परिसर मे आप्टिमाइज़र लगा कर अस्पताल परिसर को प्रदूषण मुक्त करने का बीणा उठाया है।
के.पी. पाण्डेय उपनिदेशक ई एस आई अस्पताल झिलमिल ने बताया की अस्पताल मे शल्य चिकित्सा के दौरान जो अवशेष बाहर निकलता है उसे आप्टिमाइज़र मे डाला जायेगा जिससे उसमे से कीटाणु (बैक्टीरिया) बाहर ना आ सकें और लोग इससे संक्रमित न हो सकें।

के.पी. पाण्डेय उपनिदेशक ई एस आई अस्पताल झिलमिल

उन्होंने बताया कि यहां आने वाले मरीज बिभन्न प्रकार की बीमारियों से ग्रसित होते हैं जिनके ऑपरेशन के दौरान निकलने वाले अवशेषों को कूड़ा दान में डालने से आवारा पशुओं के द्वारा अवशेषों को छिन्न भिन्न करने से कई घातक रोगों के कीटाणु वातावरण मे फैल जाते है और इसके संपर्क मे आकर स्वास्थ्य व्यक्तियों को भी इन रोगों से संक्रमित होने की आशंका बनी रहती है।
इससे बचाव के लिए अस्पताल प्रशासन ने रोगियों के आपरेशन के बाद बचे अपशिष्ट पदार्थ ( मेडिकल वेस्ट ) को निष्प्रभावी करने के लिए अस्पताल परिसर में आप्टिमाइज़र लगाने का फैसला किया है इससे अस्पताल मे आने वाले और आस पास रहने वाले लोगों को घतक बीमारियों की चपेट में आने से रोका जा सकेगा।

पांडेय जी ने बताया कि आयुर्वेद को बढ़ावा देने के लिए अस्पताल परिसर मे आयुर्वेदिक बगीचे की स्थापना की गई है जिसमे एलोवेरा, गिलोय,तुलसी,आवंला आदि के पौधे लगाये गये हैं।
उन्होंने बताया कि मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. आर.के. जुल्का समय समय पर अस्पताल का दौरा कर व्यवस्थाओं और रोगियों को दी जा रही सुबिधाओं का निरीक्षण कर अस्पताल कर्मियों को अपना कार्य पूरी लगन एवं निष्ठा के साथ करने को निर्देशित करते हैं और औचक निरक्षण कर चल रही व्यवस्थाओं को सुनिश्चित भी करते है

इस सम्बन्ध मे अस्पताल आये मरीजों से जब बात की गई तो उन्होंने बताया कि अस्पताल प्रशासन मरीजों के प्रति गंभीर दिख रही है इसका मिशाल है अस्पताल परिसर मे दाखिल होने वाले वाहनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु सुरक्षा कर्मियों द्वारा निशुल्क टोकन दिए जाते है तथा वापसी पर उन्हें पुनः जांचा भी जाता है जिससे वाहन चोरी का भय न रहे और ओ.पी.डी.की खिड़कियों पर मरीजों को असुविधा से बचाने के लिए टोकन की व्यवस्था की गई है ताकि रोगी अपना टोकन लेकर अपने नम्बर आने का बैठ कर इंतजार कर सके । लोगों ने बताया की इस अस्पताल मे आपातकालीन विभाग से लेकर ओ.पी.डी. तक सभी विभाग के डाक्टर पूरी जांच कर इलाज करते है तथा विशेष तौर पर आँखों की डाक्टर अंजली नागर के इलाज से लोग काफी संतुष्ट नज़र आये ।

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