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Tag: Dr. Rajendra Prasad Sharma

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आजादी का जश्न मनाती सउदी अरब की महिलाएं

आखिरकार लंबे संघर्ष के बाद अब सउदी अरब की महिलाएं भी दुनिया के अन्य देशों की महिलाओं की तरह कार चला सकेगी। बल्कि यों कहा जाएं तो अधिक ठीक होगा

महिला दिवस मनाने के बावजूद नहीं घट रहे महिलाओं के विरुद्ध अपराध

भले ही हम 8 मार्च को अंतरराष्ट्र्ीय महिला दिवस मनाते हो पर महिलाओं के प्रति मानसिकता में अभी कोई आशा जनक बदलाव नहीं आया है। शिक्षित और आधुनिक होने की

दर्जनभर रसूखदारों में फंसा बैंकों का 3 लाख करोड़

विजय माल्या की तर्ज पर पिछले दिनों नीरव मोदी द्वारा पीएनबी बैंक से हजारों करोड़ रुपए का ऋण घोटाला कर विदेश भागने की घटना ने पूरे बैंकिंग सिस्टम को कठघरे

आंख खोलने के लिए आंकड़े ही काफी है

सरकार द्वारा धीरे धीरे सरकारी लाभकारी योजनाओं और बैंक खातों सहित अन्य सेवाओं को आधार कार्ड से जोड़ने के निर्देशों का लाख विरोध किया जा रहा हो पर जो परिणाम

वीजा नियमों में बदलाव को टालना ट्र्ंप की मजबूरी

सबसे पहले तो यह साफ हो जाना चाहिए कि एच-1 बी वीजा नियमों में बदलाव को टालना अमेंरिकी राष्ट्र्पति ट्र्ंप की मजबूरी है तो दूसरी और भारतीय कूटनीति और युवा

महिलाओं के प्रति कट्टरता की छवि तोड़ने की और अरब देश

देर सबेर सउदी अरब में अब महिलाओं के प्रति कट्टरवादी सोच में बदलाव की बयार आने लगी है। हाल ही में सउदी महिलाओं को खेल के मैदान में जाकर वहां

डिजिटलाइजेशन से संभव है भ्रष्टाचार पर रोक

सरदार पटेल की जयंति 31 अक्टूबर से एक बार फिर देश में सतर्कता जागरुकता सप्ताह पूरे धूमधाम लंबे चैड़े भाषणों, संकल्पों और सेमिनार आयोजित कर मनाया गया हैं। एक सप्ताह

खाने-पीने के सामग्री की बर्बादी आखिर कब तक

भले ही ऐसोचेम और एमआरएसएस की हालिया रिपोर्ट को अतिशयोक्तिपूर्ण करार कर कमतर देखने का प्रयास किया जाए पर यह साफ है कि केवल और केवल रख रखाव के कारण

खेत को प्रयोगशाला बनाते वैज्ञानिक किसान

खेत को प्रयोगशाला बनाते वैज्ञानिक किसान जहां एक और अन्नदाता को केन्द्र मेें रखकर आज देश में राजनीतिक लाभ उठाने के प्रयासों में तेजी आई हैं वहीं धरती से जुड़े

तीन दशकों में ही दम तोड़ने लगी है एटीएम मशीनें

किसी ने सोचा भी नहीं होगा कि बैंकिंग क्षेत्र में इस तेजी से बदलाव आएगा कि प्रतिष्ठा सूचक एटीएम कार्ड की जितनी सहज पहंुच आम आदमी तक हो जाएगी, उतनी

मुबंई हादसा-समझ से परे है भीड़ का मनोविज्ञान

एक अफबाह कैसे अफरातफरी फैला कर लोगों का मौत का सबब बन जाती है इसका जीता जागता उदाहरण है मुंबई रेल्वे स्टेशन का हादसा। देश में यह पहला मौका नहीं

कर्ज के मकड़़जाल में दम तोड़ती जिंदगियां

आजादी के सात दशक बाद भी देश में कर्ज की अंतिम परिणती मौत को गले लगाना ही हो तो इससे अधिक दुर्भाग्यजनक और शर्मनाक क्या हो सकता है। पिछले दिनों

दुनिया के देशों में कहां हमारे उच्च शिक्षण संस्थान

टाइम्स हायर एजुकेशन वल्र्ड यूनिवर्सिटी की इसी माह जारी रिपोर्ट भारतीय उच्च शिक्षण संस्थाओं की पोल खोलने के लिए काफी है। हांलाकि संतोष इस बात पर किया जा सकता है

धरती के देवता खोफ के साये में

आम आदमी को जीवनदान देने वाले धरती के देवता यानी की डाॅक्टर दूसरों को तनाव रहित रहने की भले ही लाख सीख देते हो पर जो आंकड़े सामने आ रहे

आतंकवाद की जद में योरोपीय देश

भले ही स्पेन ने 18 अगस्त को दूसरे आतंकी हमले को रोक दिया हो पर यह साफ हो गया है कि योरोप में अब आतंकवादी हमलों में बढ़ोतरी होेने के

इसे कहते हैं सौ सुनार की एक लुहार की,एक झटके में एक लाख कंपनियां बंद

इसे कहते हैं सौ सुनार की एक लुहार की, सरकार ने एक झटकें में ही एक लाख से अधिक फर्जी कंपनियों को डीरजिस्टर्ड कर साफ संदेश दे दिया कि वह

आज भी सुरक्षित नहीं है निर्भया

निर्भया कांड की चैथी बरसी पर राजधानी दिल्ली में गृह मंत्रालय का स्टिकर लगी कार में एक और युवती दुष्कर्म का शिकार हो गई। अखबारों में प्रतिदिन कोई ना कोई

संवेदनहीन राजनीति

यह समाचार अवश्य राजस्थान की राजधानी जयपुर का है पर कमोबेस राजनीति की यही स्थिति समूचे देश में देखी जा सकती है। राजस्थान के कद्धावर राजनेता के फोटो के साथ

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