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Category: नरेन्द्र भारती

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हिमाचल में बढता जाली नोटों कारोबार, कौन दोषी कौन जिम्मेवार ?

विश्व में देवभूमि के नाम से विख्यात हिमाचल में जाली नोटों के कारोबार के मामले प्रकाश में आ रहे है एक बहुत ही अशुभ संकेत है। ताजा मामले में मण्डी

एटीएम कार्ड बदलकर लोगों को लूटते नटवर लाल

महानगरों से लेकर गांव तक एटीएम मशीनें स्थापित करके राष्ट्रीयकृत बैंकों ने ग्राहकों को सुविधा प्रदान की है मगर एटीएम मशीनों का प्रयोग करने में असमर्थ अनपढ महिलाओं , लोगों

देश मे सड़क हादसे एक अभिशाप ?

बेशक प्रतिवर्ष की तरह 11 से 17 जनवरी 2018 तक पूरे भारतवर्ष में सड़क सुरक्षा सप्ताह मनाया गया ।मगर ऐसे आयोजन औपचारिकता भर रह गए हैं। क्योकि प्रशासन द्वारा लोगों

देश में बेमौत मरते मजदूर ?

देश में मजदूरों के साथ होने वाले हादसे थमने का नाम नहीं ले रहे हैं।कारखानों में जल कर मजदूर मर रहे हैं।देश में एक ही दिन में दो हादसों में

विद्या मंदिरों में निर्मम हत्याएंः एक खोैफनाक त्रासदी ?

गुरु शिष्य के पवित्र रिश्तों में आ रही कडवाहट न केवल शिक्षा जगत ,बल्कि पूरे समाज के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है। प्रश्न उठ खडा हुआ है

मानव कितना ही अमीर हो जाए अपना अतीत नहीं खरीद सकता ?

कहते है कि व्यक्ति को अपना अतीत नहीं भूलना चाहिए भले ही आदमी कितनी ही उंचाईयां छू लें।एक कहावत है कि मानव कितना भी अमीर हो जाए वह अपना अतीत

मानवता है सबसे बड़ा धर्म ।

कहते हैं दुनिया में कोई ऐसी शक्ति नहीं है जो इनसान को गिरा सके।इन्सान ,इन्सान द्वारा ही गिराया जाता है ।इन्सान खुदगर्ज बनता जा रहा है । इनसान पशु से

संभल जा मानव जब अल्लाह की लाठी पड़ती है तो उसमें आवाज नहीें होती ?

ईश्वर की चक्की जब चलती है तो वह पाप और पापी को पिस के रख देती है।यह एक शाश्वत सत्य है। आधुनिक समाज का मानव आज दानवों से भी घिनौने

लाक्षागृह बनते होटल व पब बेमौत मरते लोग ?

कैसी विडंबना है कि अब होटल व रुफटाॅप पब और अस्पताल भी लाक्षागृह बनते जा रहे है और लोग असमय काल के गाल में समा रहे हैं। ताजा घटनाक्रम में

देश की सड़कों पर मौत का तांडव?

एक बार फिर लाशों के ढेर लगे, लाशों को ढापनें के लिए कफन भी कम पड गए। राजस्थान के सवाई माधंोपुर जिले में 23 दिसंबर 2017 शनिवार को एक बस

अनुभवों की खान होते है बुजुर्ग

कहते है बुजुर्ग अनुभवों की खान होते है। बुजुर्ग वटवृक्ष के सामान होते हैं जिनकी शीतल छाया में बच्चे सुरक्षित रहते है मगर आज अपने ही वृक्ष को काटने पर

दरिदों को फांसी की सजा से ही रुकेंगी दरिदंगी की वारदातें ?

कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक महिलाएं व नाबालिग बच्चियां असुरक्षित है प्रतिदिन दुष्कर्मो की इबारते लिखी जा रही है। अपराधों की तारीखें बदल रही है ,मगर तस्वीरें नहीं बदल रही

स्वाभिमान व चरित्र से बड़ा कोई आभूषण नहीं ?

स्वाभिमान व चरित्र से बड़ा कोई आभूषण नहीं है अगर आपका चरित्र बेदाग है तो आप दुनिया के महान आदमी है अपनी महानता से आप जग को जीत सकते है।

सेल्फी के चक्कर में जान गंवाते युवा ?

समझ नहीं आता की देश के युवा सेल्फी लेते समय इतने अंधे कैसे हो जाते है कि अपनी जान जोखिम में खुद डाल देते है और असमय ही बेमौत मारे

देश में हो रहा बुजुर्गों का तिरस्कार,कौन दोषी कौन जिम्मेवार?

बेशक प्रत्येक वर्ष एक अक्तूबर को विश्व वृद्ध दिवस मनाया गया मगर ऐसे आयोजन औपचारिकता भर रह गए हैं। केवल मात्र एक दिन बड़ी धूमधाम से कार्यक्रम किए जातें हैं

आधुनिकता की चकाचौंध में स्वार्थी व आत्मकेन्दित होता इन्सान ?

आधुनिकता की चकाचैंध मे आदमी इतना व्यस्त हो गया है कि उसे दूसरों के बारे मे सोचने का समय ही नहीं है,कि कौन मर रहा है और कौन जी रहा

बढ़ते अग्निकांडो से सुलगते प्रश्न ?

हिमाचल प्रदेश में भीषण अग्निकांडों में आज तक अरबों के हिसाब से संम्पतियां राख के ढेरों में बदल चुकी हैं, अग्निकांडों में हजारों लोग मौत के मुंह में समा चुके

आखिर दहेज हत्याएं कब रुकेंगी ?

महानगरों से लेकर गांव तक दहेज प्रथा ने आज इतना भयानक रुप धारण कर लिया है कि समाज का प्रत्येक वर्ग इसके कारण दुखी है इसकी भयानकता का प्रमाण प्रतिदिन

देश के कालेजों में बढती रेैगिगं की घटनाएं ?

माननीय सर्वोच्च न्यायलय ने देश के शिक्षण सस्थानों में रैगिंग पर पूर्ण प्रतिबंध का कानून लागू किया है मगर देश में रैगिग के बढते मामलों से यह कानून मजाक बनता

हैवानियतः मासूमों की ले रहे जान, जन्मदाता बन रहे हैं हैवान

कहते हैं कि बंदर अपने मरे हुए बच्चे को उस समय तक अपने सीने से चिपटाए रखता है जब तक कि वह बिल्कुल ही सूख न जाए।चिडिया व मोर भी

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