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Category: साहित्य

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मुश्किलों के दौर में भी ,मुस्कुराते जाईये : डॉ मीनाक्षी

स्व.लाल सिंह जी की स्मृति पर काव्यगोष्ठी  विजय न्यूज़। शम्भू पंवार नई दिल्ली। राष्ट्रीय साहित्यिक पत्रिका ट्रू मीडिया के संस्थापक स्व. श्री लाल सिंह प्रजापति जी की 6 वी पुण्य

अथ स्मार्ट डिजिटल मरीजनामा

बहुत दिनों से बीमार पड़ने की हार्दिक इच्छा प्रसव पीड़ा की तरह कुल – कुला रही थी । मैंने बीमारों के शानदार ठाठ देखे हैं । पड़े रहो आराम से

उस दिन के ख्वाब सजाओ जो…..!

यदि कोई हमें भरमाए नहीं तो न ही चैन मिलता है और न ही आँखों में निंदिया रानी झांकती है। बचपन से ही हमने भ्रम में रहने की आदत डाल

14 अप्रैल जयन्ती पर विशेष : महिला हितो के हिमायती थे डा. आम्बेडकर

बाबासाहेब के नाम से दुनियाभर में लोकप्रिय डा.भीमराव आम्बेडकर ने अपने अध्ययन और दूरदृष्टि से यह भांप लिया था कि भारतीय महिलाओ के पिछड़ेपन की मूल वजह भेदभावपूर्ण समाज व्यवस्था

भीड़ बटोरने के टोटके

चुनावी त्यौहार में भीड़ का बड़ा महत्व माना जाता है । शास्त्रों में कहा गया है कि एक उच्च कोटि का भीड़ खेंचूं देखते ही देखते अपनी पसंदीदा कुर्सी खेंच

भीड़ बटोरने के टोटके

चुनावी त्यौहार में भीड़ का बड़ा महत्व माना जाता है । शास्त्रों में कहा गया है कि एक उच्च कोटि का भीड़ खेंचूं देखते ही देखते अपनी पसंदीदा कुर्सी खेंच

व्यंग्य : चुनावी गणित का पेपर आउट

महान परीक्षा परंपरा में नियमानुसार पेपर आउट होता है । यह चुनावी गणित का आउट पेपर आपके सामने हाजिर है । मेरे हुजूर ! प्लीज मुलाहिजा फरमाएं ! 1. एक

जूतस्य जूतयो: जूताणाम षष्ठी

उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर में आयोजित ‘चरण पादुका साहित्य सम्मेलन’ काफी सुर्खियां बटोर चुका है । बहुत-बहुत धन्यवाद इन महानुभावों का ! जिन्होंने जूते नामक अस्त्र, शस्त्र और

व्यंग्य: खुल जा सिम-सिम

हर बार चुनाव तो निपट चुके होते हैं, लेकिन इस बात का पता नहीं कि कौन निपटता है और कौन रपटता है। चुनावी कुरूक्षेत्र में सभी योद्धा जुबानी तीर-कमान भी

अमर भारती द्वारा काव्योत्सव

*क्या बताये वक्त कैसे था,गुजारा शाम का*…….डॉ मीनाक्षी कहकशां विजय न्यूज़ ब्यूरो नई दिल्ली। क्या बताये वक्त कैसे था,गुजारा शाम का,बस अकेले ही किया हमने,नजारा शाम का। बेहतरीन गजल की

कविता : नवरात्र में माँ फिर आईं हैं

नवरात्र में माँ फिर आईं हैं प्रकृति ने भी धरती सजाई है शाखों पर नए पत्ते शर्मा रहे हैं पेड़ों पर नए पुष्प इठला रहे है खेतों में नई फसलें

नेता पुकारे चुनाव किनारे !

नेताजी को बड़ी चिंता सता रही थी । चार – पांच साल बाद फिर वही टंटा ! वोटों की खातिर उन्हें घर – घर जाकर भीख मांगनी पड़ेगी । हाय

मगर हाथी सियार गठबंधन कथा

क्रंदनवन के उस तालाब में एक हाथी पानी पीने जाया करता था । वह हाथी उसी परिवार का था जिसके एक बडेरे हाथी को विष्णु ने एक मगरमच्छ से छुड़ाया

भारतीय साहित्यिक विकास मंच द्वारा “काव्य संध्या” का आयोजन

विजय न्यूज़। संजय कुमार गिरि नई दिल्ली। भारतीय साहित्यिक विकास मंच के तत्वावधान में एक काव्य संध्या का शानदार आयोजन कहरोड़ पक्का महासभा(रजि.) के सानिध्य में डी डी ए (के.पी.एम.)

व्यंग्य : एजेंडा वही जो वोट दिलाए

वे पार्टी मुख्यालय में गए । उन्होंने गाड़ी को सीधे फव्वारे के नीचे स्नान करने के लिए खड़ा कर दिया । बाहर तेज गर्मी थी । अंदर एयर कंडीशनर में

तीखी मिर्च: ‘मैं भी चैकीदार हूं’ की भेड़ चाल

वर्तमान में राजनीति को भेड़ चाल का चोला पहनाया जा रहा है। एक आगे-आगे चला नहीं कि सारे उसके पीछे, चाहे गड्ढे में न गिर जायें। नेताजी ने बोल दिया

व्यंग्य: अपना काम बनता, भाड़ में जाये जनता

राज शेखर भट्ट लोकतंत्र, अर्थात लोगों के द्वारा नेताओं को चुना जायेगा। वही लोग और नेता मिलकर मंत्र फूंकेंगे। जिससे एक तंत्र, एक आलीशान मकान बनेगा। जिस मकान में छत

व्यंग्य: झूठ के मकड़जाल से सच की हड़ताल

जीवन के सिक्के के केवल दो ही पहलू हैं, एक सच और एक झूठ। लेकिन जीवन झूठ के मकड़जाल में कैद है और सच्चाई मन के एकांत में विलाप कर

गाजियाबाद के भोजपुरी साहित्यकार को पं. धरीक्षण मिश्र साहित्य सम्मान

विजय न्यूज़ ब्यूरो कुशीनगर। गाजियाबाद के सुप्रसिद्ध भोजपुरी कवि जयशंकर प्रसाद द्विवेदी को उनकी पहली भोजपुरी कृति “पीपर के पतई” के लिए सर्व भाषा ट्रस्ट द्वारा पं धरीक्षण मिश्र साहित्य

व्यंग : इलेक्शन की माउथ स्ट्राइक

होली रंग और मन मिजाज का त्यौहार है। क्योंकि अपना देश भी रंगीला है। यहां की हर बात निराली है। होली और चुनाव में चोली-दामन का साथ है। दोनों उमंग,

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