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अदालत ने दिए 1 करोड़ की राशि 9 प्रतिशत ब्याज सहित लौटाने के आदेश

फरीदाबाद। बैंक मैनेजर के साथ मिलकर एक करोड़ की राशि को धोखे से हड़पने के आरोप में जिला अदालत में पीडि़त पक्ष को राहत देते हुए आरोपी पक्ष को एक करोड़ की राशि 10 साल के बैंक ब्याज सहित लौटाने के आदेश दिए है। आदेशों की पालना न करने पर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी। यह मामला करीबन दस वर्ष पुराना है और अदालत के आदेश से पीडि़त पक्ष ने राहत की सांस ली है। प्राप्त जानकारी के अनुसार गांव नीमका निवासी रामफल ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2008 में ओल्ड फरीदाबाद स्थित गुडग़ांव ग्रामीण बैंक में एक करोड़ की एफडी तीन वर्ष के लिए कराई थी। इस पूरे मामले में उनके परिचित सुरेंद्र ने बैंक में यह एफडी करवाई थी। एफडी के लिए उन्होंने सिंडिकेंट बैंक का एक करोड़ का चेक दिया था। तीन वर्ष पूरे जाने के बाद जब उसने सुरेंद्र से एफडी के रुपए मांगे तो उन्होंने उससे कहा कि वह बैंक में जाए। जब वह बैंक गए तो उनके पांव तले जमीन निकल गई, वहां उन्हें पता चला कि उनकी कोई बैंक में एफडी ही नहीं हुई बल्कि बैंक मैनेजर विनय आर्य व सुरेंद्र ने मिलकर यह राशि धोखे से हड़प ली। इस पर उसने पूरे मामले की जानकारी पुलिस को दी, जिस पर पुलिस ने 11 अप्रैल, 2011 को दोनों के खिलाफ धारा 406, 408, 420, 467, 468, 471, 474 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया। दो सालों तक वह न्याय के लिए पुलिस के यहां धक्के खाते रहे परंतु कोई राहत नहीं मिली। अंत में उन्होंने अदालत की शरण ली और 7 मई, 2013 को माननीय न्यायाधीश तरुण सिंघल की अदालत में इस्तगासा दायर कर दिया। करीब चार साल बाद लम्बी कोर्ट की कार्यवाही के बाद अदालत ने आरोपी सुरेंद्र व विनय आर्य को दोषी करार देते हुए पीडि़त पक्ष के एक करोड़ रुपए 10 साल का 9 प्रतिशत ब्याज सहित लौटाने के आदेश दिए है।

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