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अपोलो हॉस्पिटल्स के चेयरमैन डॉ. प्रताप सी रेड्डी लॉयंस ह्यूमैनटेरियन अवार्ड से सम्मानित

नई दिल्ली। अपोलो हॉस्पिटल्स के दूरदर्शी संस्थापक-अध्यक्ष डॉ प्रताप सी रेड्डी को आज लॉयंस ह्यूमैनटेरियन अवार्ड से सम्मानित किया गया। उन्हें यह सम्मान विश्व स्तर की स्वास्थ्य देखभाल संबंधी सुविधाओं को लाखों लोगों तक पहुंचाने और इन्हें किफायती बनाने के लिए प्रदान किया गया। राजधानी नई दिल्ली में आज आयोजित एक समारोह में माननीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्री अश्विनी कुमार चैबे ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया। डॉ. प्रताप सी रेड्डी इस सम्मान से सम्मानित होने वाले पांचवें भारतीय और दूसरे मेडिकल डॉक्टर हैं। लॉयंस ह्यूमैनटेरियन अवार्ड लायंस क्लब इंटरनेशनल फाउंडेशन का सर्वोच्च सम्मान है, जो किसी ऐसे व्यक्ति या संगठन को दिया जाता है, जिसने अनुकरणीय मानवीय प्रयास किए हैं। डॉ रेड्डी को भारत सरकार ने पद्म भूषण और पद्म विभूषण से भी सम्मानित किया है।
पुरस्कार को स्वीकार करते हुए डॉ प्रताप सी रेड्डी ने कहा, ‘लॉयंस ह्यूमैनटेरियन अवार्ड एक तरह से मेरी उन कोशिशों को और उन कदमों को मान्यता देने जैसा है, जो मैंने भारत के सभी लोगों के लिए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा सुलभ बनाने की दिशा में उठाए हैं। हमारा नजरिया यही है कि स्वास्थ्य सेवा के लिहाज से भारत पूरी दुनिया में पहचाना जाए और दुनिया में हमारे देश को एक ऐसे गंतव्य के रूप में जाना जाए, जहां रोगों को दूर किया जाता है। अपोलो और अन्य महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संस्थानों द्वारा किए गए काम से भारतीय स्वास्थ्य देखभाल को मजबूती हासिल हुई है। वर्तमान दौर में जबकि गैर-संक्रमणीय बीमारियां नई चुनौतियां और जोखिम पेश करती रहती हैं, हम सभी को एक ऐसी स्वास्थ्य प्रणाली बनाने के लिए एकजुट होना चाहिए, जो दुनिया के लिए उत्कृष्टता के प्रतीक के रूप में पहचानी जाए। मैं इस पुरस्कार के लिए लायंस क्लब इंटरनेशनल का शुक्रिया अदा करता हूं और उम्मीद करता हूं कि यह मान्यता दूसरों को भी मानवीय कार्य करने के लिए प्रेरित करेगी, जैसा कि उसने मुझे प्रेरित किया है। इस अवसर पर लॉयंस अपोलो हैल्थकेयर पार्टनरशिप प्रोग्राम (एलएएचपीपी) भी लॉन्च किया गया। समाज के वंचित और पिछडे समुदाय के लिए इस प्रोग्राम का संचालन अपोला ग्रुप ऑफ़ हॉस्पिटल्स के सहयोग से लॉयंस क्लब इंटरनेशनल फाउंडेशन द्वारा किया जाएगा।
1973 में अपनी स्थापना के बाद से, लॉयंस क्लब इंटरनेशनल फाउंडेशन ने ऐसे लोगों के एक विविध समूह को सम्मानित किया है जिनके मानवतावादी कार्यों ने दुनिया को बेहतर बनाने में योगदान दिया है। पुरस्कार प्राप्त करने वाले व्यक्तियों में प्रमुख नाम नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मदर टेरेसा 1986 में और वांगारी माथाई 2010 में, राज्य के प्रमुख, पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जिमी कार्टर 1996 में और 1999 में थाईलैंड के महामहिम राजा भुमिबोल अदुल्यादेज शामिल हैं। साथ ही, कलाकार, अभिनेता डैनी केय को यूनिसेफ के साथ उनके विशिष्ट कार्य के लिए 1974 मे और सोप्रानो बारबरा हैंड्रिक्स को शरणार्थियों और अंतरराष्ट्रीय शांति का समर्थन करने के उनके समर्पित कार्यों के लिए यह सम्मान प्रदान किया गया। इस पुरस्कार में पुरस्कार विजेता के धर्मार्थ संगठन को निरंतर मानवतावादी गतिविधियों के लिए 250,000 अमेरिकी डॉलर का अनुदान दिया जाता है।
डॉ रेड्डी के मार्गनिर्देशन में अपोलो अस्पताल ने स्वास्थ्य देखभाल को ज्यादा लोगों तक पहुंचाने के लिए टैक्नोलॉजी और बीमा का उपयोग किया है। आंध्र प्रदेश में दुनिया के पहले वी-सैट सक्षम रिमोट गांव, अरागोंडा में टेलीमेडिसिन और अभिनव बीमा की अग्रणी सफलता ने ‘हेल्थकेयर फॉर ऑल’ की अवधारणा को लोगों तक पहुंचाया है। अभूतपूर्व अपोलो रीच हॉस्पिटल्स मॉडल के माध्यम से देश के अर्ध शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों तक उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं की पहुंच संभव हो पाई है। बीमा के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच बनाने के लिए डॉ रेड्डी ने निरंतर और अथक प्रयास किए हैं। अपने मूल गांव में दशकों पहले पेश की गई एक रुपए प्रति दिन की अभिनव बीमा परियोजना को देश भर में अनेक रूपों में अपनाया गया है और भारत सरकार की आयुषमान भारत स्वास्थ्य बीमा कार्यक्रम में भी यही योजना परिलक्षित होती है।
डॉ. प्रताप सी रेड्डी ने समूह द्वारा 15 मिलियन से अधिक लोगों की वार्षिक स्वास्थ्य जांच के साथ निवारक स्वास्थ्य देखभाल को भी बढ़ावा दिया है। डॉ रेड्डी द्वारा लॉन्च किया गया द बिलियन हार्ट्स बीटिंग फाउंडेशन भारतीयों को अपने हृदय को तंदुरुस्त रखने के लिए प्रोत्साहित करने की दिशा में अभिनव प्रयास करता है।

अपोलो हॉस्पिटल्स के बारे में
1983 में डॉ प्रताप रेड्डी ने चेन्नई में भारत के पहले कॉर्पोरेट अस्पताल अपोलो हॉस्पिटल्स का शुभारंभ करते हुए एक नई शुरुआत की थी। इन बीते वर्षों में अपोलो हॉस्पिटल्स ने 160,000 से ज्यादा कार्डियक सर्जरी के साथ अपनी पहचान हृदय संबंधी बीमारियों का इलाज करने वाले भारत के सबसे बड़े अस्पताल के रूप में बनाई है। अपोलो हॉस्पिटल दुनिया का सबसे बड़ा निजी कैंसर देखभाल प्रदाता भी है और दुनिया के प्रमुख सॉलिड ऑर्गन ट्रांसप्लांट प्रोग्राम संचालित करता है।
एशिया के सबसे बड़े और सबसे विश्वसनीय स्वास्थ्य समूह के रूप में अपोलो समूह 9,215 से अधिक शैयाओं वाले 64 अस्पतालों, 2500 फार्मेसीज, 110 से अधिक प्राथमिक देखभाल और डायग्नोस्टिक क्लिनिक, 110 से ज्यादा टेलीमेडिसिन सेंटर और 80 से अधिक अपोलो म्यूनिख हेल्थ इंश्योरेंस शाखाओं के रूप में देश में फैला हुआ है।
स्वास्थ्य बीमा सेवाओं के साथ एकीकृत स्वास्थ्य सेवा प्रदाता के रूप में, ग्लोबल प्रोजेक्ट्स कंसल्टेंसी क्षमता, 15 से अधिक मेडिकल एजुकेशन सेंटर और एक रिसर्च फाउंडेशन, वैश्विक क्लिनिकल ट्रायल्स पर ध्यान देने के साथ, महामारी विज्ञान के अध्ययन, स्टेम सेल और आनुवंशिक अनुसंधान में अपोलो हॉस्पिटल्स नई सफलताएं हासिल करने में सबसे आगे हैं, इनमें हाल में एशिया, अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच भारत के चेन्नई में पहला प्रोटॉन थेरेपी सेंटर शुरू करने का सबसे हालिया निवेश भी शामिल है। अपोलो हॉस्पिटल समूह हर किसी के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों की स्वास्थ्य देखभाल तक पहुंच को संभव बनाने के अपने मिशन के तहत हर चार दिनों में, लाखों लोगों तक पहुंच बनाता है।
एक दुर्लभ सम्मान के तौर पर भारत सरकार ने अपोलो के योगदान की मान्यता में एक स्मारक टिकट जारी किया, यह किसी स्वास्थ्य सेवा संगठन को मिलने वाला पहला सम्मान था। अपोलो हॉस्पिटल के चेयरमैन डॉ. प्रताप सी. रेड्डी को 2010 में प्रतिष्ठित पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था। 30 से अधिक वर्षों से अपोलो हॉस्पिटल ग्रुप उत्कृष्टता और मेडिकल नवाचार, विश्वस्तरीय नैदानिक सेवाओं और अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी के मामले में निरंतर आगे बढ़ रहा है। अत्याधुनिक चिकित्सा सेवाओं और अनुसंधान के लिए हमारे अस्पताल लगातार विश्व स्तर पर सर्वश्रेष्ठ अस्पतालों में जगह पाते आ रहे हैं।

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