National Hindi Daily Newspaper
ब्रेकिंग न्यूज़

असहिष्णुता से दुनिया में बिगड़ी छवि, देश को बांट रही कुछ शक्तियांः राहुल

न्यूयॉर्क। अमेरिका दौरे पर गए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी लगातार वहां से पीएम मोदी पर हमला बोल रहे हैं। इस बीच उन्होंने टाइम्स स्क्वेयर पर दिए अपने एक संबोधन में एक बार फिर से असहिष्णुता का मुद्दा उठाया। राहुल ने कहा कि इसे लेकर भारत के बाहर सवाल उठाए जा रहे हैं, इससे देश का सद्भाव बिगड़ा है। राहुल यहां पर भारतीय समुदाय को संबोधित कर रहे थे और इस दौरान उन्होंने कहा कि हजारों सालों से भारत भाईचारे के साथ रहने वाले देश के रूप में जाना जाता है, लेकिन अब कुछ ताकते हैं जो देश को बांटने का काम कर रही हैं। इससे दुनिया में हमारी छवि खराब हो रही है। दुनियाभर में सवाल उठ रहे हैं। अमेरिका में कई नेताओं ने पूछा कि भारत में मौजूद सहिष्णुता को क्या हुआ? भारत शांति के लिए जाना जाता था। इसके अलावा राहुल ने वहां मौजूद भारतीयों से कहा कि आप ही अमेरिका में भारत की रीढ़ हैं। राहुल ने कहा कि गांधी, नेहरू, पटेल सभी एनआरआई थे और भारत लौटकर काम किया।

मोदी-ट्रंप को बनाया निशाना

इससे पहले राहुल गांधी ने प्रिंसटन में बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर भी निशाना साधा। राहुल ने प्रिंसटन यूनिवर्सिटी के छात्रों से मुलाकात के दौरान कहा कि मोदी और ट्रंप जैसे नेताओं के सत्ता में आने की मुख्य वजह बेरोजगारी है। उन्होंने स्वीकार किया कि कांग्रेस पार्टी की अगुआई वाली सरकार में रोजगार के पर्याप्त अवसर सृजित नहीं होने से लोगों में गुस्सा था। अब मोदी के खिलाफ भी नाराजगी बढ़ रही है।  उन्होंने कहा, “मेरी समझ में मोदी के उदय और ट्रंप के सत्ता में आने के पीछे भारत और अमेरिका में रोजगार को लेकर उठे सवाल रहे। वे लोग जिनकी बड़ी तादाद है, रोजगार न होने के कारण अपना कोई भविष्य नहीं देखते हैं। वे तकलीफ का अनुभव करते हैं। लिहाजा, ये लोग ऐसे नेताओं (मोदी और ट्रंप) का समर्थन करते हैं। बेरोजगारी को समस्या ही नहीं माना जाता है। राहुल ने कहा, “मैं ट्रंप को नहीं जानता, लेकिन भारतीय प्रधानमंत्री रोजगार की दिशा में पर्याप्त प्रयास नहीं कर रहे हैं। मोदी इस मुद्दे से ध्यान हटाकर किसी और तरफ ले जाने लगते हैं। ऐसे में सबसे बड़ी चुनौती लोकतांत्रिक माहौल में इस समस्या को सुलझाने की है।” कांग्रेस उपाध्यक्ष ने यह मुद्दा यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, बर्कले में भी उठाया था। उन्होंने कहा कि चीन से मुकाबले के लिए भारत को खुद को बदलना होगा और इसके लिए लोगों को रोजगार मुहैया कराना होगा। राहुल गांधी ने माना कि कांग्रेस नीत सरकार हर दिन 30 हजार लोगों को रोजगार देने के लक्ष्य को पूरा नहीं कर पाई थी। अब मोदी सरकार में भी यह लक्ष्य हासिल न होने पर लोगों में गुस्सा बढ़ रहा है।

ध्रुवीकरण की राजनीति चुनौती

राहुल गांधी ने भारत में ध्रुवीकरण की राजनीति को चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ भाजपा सरकार के दृष्टिकोण से अल्पसंख्यक और आदिवासी सहमत नहीं हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में भारत व चीन का प्रदर्शन तय करेगा कि दुनिया किस तरह नया रूप लेती है। दोनों खेती करने वाले देश अब आधुनिक शहरी मॉडल के रूप में बदल रहे हैं।

Print Friendly, PDF & Email
Skip to toolbar