National Hindi Daily Newspaper
ब्रेकिंग न्यूज़

आरुषि मर्डर केस: डासना जेल से रिहा हुए तलवार दंपति

आरुषि-हेमराज मर्डर केस में आरोपों से बरी होने के बाद राजेश और नूपुर तलवार सोमवार को गाजियाबाद की डासना जेल से रिहा हो गए. तलवार दंपति को शाम करीब साढ़े तीन बजे जेल से रिहा किया गया.
हाईकोर्ट के आदेश की कॉपी पहुंचने के बाद सीबीआआई कोर्ट और डासना जेल में रिहाई की प्रक्रिया शुरू हुई. तलवार दंपति के लिए चार लोगों ने बॉन्ड भरा. बताया जा रहा है कि रिहा होने के बाद दोनों स्वर्ण मंदिर में मत्था टेकने जाएंगे.
गुरुवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस केस में दोनों को बड़ी राहत दी थी. सीबीआई कोर्ट द्वारा दी गई उम्रकैद की सजा के खिलाफ दायर पिटीशन पर फैसला सुनाते हुए हाईकोर्ट की दो सदस्यीय पीठ ने राजेश और नूपुर तलवार को बरी कर दिया था. कोर्ट से उन्हें संदेह का फायदा (Benefit of Doubt) मिला था.

कोर्ट ने क्या कहा था
कोर्ट ने कहा था कि मौजूदा सबूतों और गवाहों के आधार पर राजेश तलवार और नूपुर तलवार को आरुषि और घरेलू नौकर हेमराज की हत्या का दोषी नहीं माना जा सकता. हाईकोर्ट के जज एके मिश्रा ने कहा कि सीबीआई की जांच में कई खामियां थी. हाईकोर्ट ने कहा कि आरुषि को माता-पिता ने नहीं मारा. ऐसे मामलों में सुप्रीम कोर्ट भी इतनी कठोर सजा नहीं देता है.

सीबीआई कोर्ट ने 2013 में सुनाई थी उम्रकैद की सजा
गाजियाबाद की सीबीआई कोर्ट ने इस मर्डर मिस्ट्री में 26 नवंबर 2013 को आरुषि के माता-पिता को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी. इस फैसले को तलवार दंपति ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी. चार साल सजा काटने के बाद दोनों बरी हो गए.

2008 में हुई थी आरुषि और हेमराज की हत्या
आरुषि और हेमराज की हत्या 15 मई 2008 की रात नोएडा के सेक्टर-25 में जलवायु विहार स्थित घर में हुई थी. इस हत्याकांड में उम्रकैद की सजा काट रहे आरुषि के पिता डॉ. राजेश तलवार और मां डॉ. नूपुर तलवार की तरफ से दाखिल याचिका पर हाईकोर्ट ने 7 अक्टूबर को सुनवाई पूरी कर ली थी. कोर्ट ने कहा था कि मौजूदा सबूतों और गवाहों के आधार पर राजेश तलवार और नूपुर तलवार को आरुषि और घरेलू नौकर हेमराज की हत्या का दोषी नहीं माना जा सकता. हाईकोर्ट के जज एके मिश्रा ने कहा कि सीबीआई की जांच में कई खामियां थी. हाईकोर्ट ने कहा कि आरुषि को माता-पिता ने नहीं मारा. ऐसे मामलों में सुप्रीम कोर्ट भी इतनी कठोर सजा नहीं देता है.

सीबीआई कोर्ट ने 2013 में सुनाई थी उम्रकैद की सजा
गाजियाबाद की सीबीआई कोर्ट ने इस मर्डर मिस्ट्री में 26 नवंबर 2013 को आरुषि के माता-पिता को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी. इस फैसले को तलवार दंपति ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी. चार साल सजा काटने के बाद दोनों बरी हो गए.

2008 में हुई थी आरुषि और हेमराज की हत्या
आरुषि और हेमराज की हत्या 15 मई 2008 की रात नोएडा के सेक्टर-25 में जलवायु विहार स्थित घर में हुई थी. इस हत्याकांड में उम्रकैद की सजा काट रहे आरुषि के पिता डॉ. राजेश तलवार और मां डॉ. नूपुर तलवार की तरफ से दाखिल याचिका पर हाईकोर्ट ने 7 अक्टूबर को सुनवाई पूरी कर ली थी.

Print Friendly, PDF & Email
Skip to toolbar