न्यूज के लिए सबकुछ, न्यूज सबकुछ
ब्रेकिंग न्यूज़

आर्थिक सुधारों पर मूडीज की मुहर

भारतीय अर्थव्यवस्था पर अमेरिकी क्रेडिट रेटिंग एजेंसी मूडीज ने सकारात्मक मोहर लगाई है। 13 वर्षों बाद भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए यह रेटिंग बढ़ाई गई है। अब सवाल यह है कि ऐसा पिछले दो – तीन वर्षों में क्या हुआ है कि मूडीज और वर्ल्ड बैंक जैसी अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक संस्थाओं ने भारत की रैंकिंग में बड़े सुधार किए हैं, जबकि विपक्ष पिछले एक वर्ष से अर्थव्यवस्था की आलोचना कर रहा है और यह एक राजनीतिक मुद्दा बन चुका है। नोटबंदी और जीएसटी को आर्थिक सुधार मानकर इंटरनेशनल एजेंसीज लगातार भारतीय अर्थव्यवस्था की तारीफ कर रही हैं, वही विपक्ष के नेता नोटबंदी और जीएसटी का विरोध कर रहे हैं। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने तो जीएसटी को गब्बर सिंह टैक्स तक कहा था, लेकिन राहुल गांधी और विपक्षी नेताओं का क्रेडिट रेटिंग एजेंसी मूडीज ने मूड खराब कर दिया है। राजनीति में इस प्रकार की जुमलेबाजी तब होती है, जब नेता विरोध करने से पहले अपना होमवर्क ठीक से नहीं करते हैं। राहुल गांधी भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर वो तमाम तथ्य नहीं पढ़ पाए जो मूडीज ने पढ लिए हैं। मूडीज एक ग्लोबल रेटिंग एजेंसी है और इसने भारत की रेटिंग 13 वर्षों बाद सुधारी है। भारत की रेटिंग पहले बीएए-3 थी जो अब बीएए-2 हो गई है। यह रेटिंग निवेशकों को किसी देश में निवेश करने से जुड़े हानि – लाभ तथा तमाम पहलुओं के बारे में बताती है। क्रेडिट रेटिंग एजेंसी मूडीज देशों के आर्थिक और राजनीतिक माहौल का मूल्यांकन कर उन देशो की रेटिंग तय करती है। इसी आधार पर किसी देश को अंतर्राष्ट्रीय बाजार में फंडिंग मिलती है और उस देश में विदेशी निवेश बढ़ता है। मूडीज ने पिछली बार 2004 में भारत की रेटिंग बढाई थी। मूडीज ने 2004 में भारत की रेटिंग बीएए- 3 तय की थी। उस समय अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री और यशवंत सिन्हा वित्त मंत्री थे। अब यशवंत सिन्हा को बताना चाहिए कि उस समय उन्होंने उसका स्वागत किया था या नहीं? जिस देश की रेटिंग एए-2 है ,उनका निवेश के लिए सबसे अच्छा माहौल माना जाता है। भारत की रेटिंग का सुधरना दर्शाता है कि पिछले तीन वर्षों में सरकार द्वारा अर्थव्यवस्था को लेकर प्रभावी कदम उठाए गए हैं। मूडीज ने नोटबंदी को आर्थिक सुधार की सबसे बड़ी बजह माना है। नोटबंदी से देश की अर्थव्यवस्था डिजिटलाइजेशन की ओर बढ़ी है। मूडीज के अनुसार आधार कार्ड को पैन अकाउंट से लिंक करने और इसे जरूरी पहचान पत्र बनाने से भारतीय अर्थव्यवस्था को फायदा मिला है। एक कर प्रणाली जीएसटी भी बड़े आर्थिक सुधारों में शामिल है।मूडीज ने उम्मीद जताई है कि 2018 तक भारत की विकास दर 7.5 फीसदी के आसपास होगी। आईएमएफ के अनुसार 2018 में भारत का जीडीपी ब्रिक्स और आसियान देशों के मुकाबले तेजी से बढ़ेगा और 2022 तक भारतीय अर्थव्यवस्था दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होगी, इसके बावजूद कांग्रेस को देश की अर्थव्यवस्था के अच्छे दिन अच्छे नहीं लग रहे हैं, लेकिन कांग्रेस के 10 वर्षों के कार्यकाल में यह रेटिंग एक बार भी नहीं सुधरी थी।अब आर्थिक मोर्चे पर सरकार की तार्किक आलोचना करना विपक्ष के लिए मुश्किल हो गया है। अर्थव्यवस्था को लेकर विपक्षी नेताओं ने जमकर विरोध किया है। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने तो नोटबंदी को संगठित लूट तक करार दिया था। नोटबंदी और जीएसटी के बाद सरकार लगातार विपक्ष के निशाने पर थी। ऐसे में मूडीज की रेटिंग सरकार के लिए किसी राहत से कम नहीं है और यह सरकार की आर्थिक सुधारों के प्रति सर्वोच्च प्राथमिकता को दर्शाती है।

अश्विनी शर्मा
बिद्यार्थी पत्रकारिता एवं जनसंप्रेषण
काशी हिन्दू विश्वविद्यालय
[email protected]

Print Friendly, PDF & Email
Skip to toolbar