National Hindi Daily Newspaper
ब्रेकिंग न्यूज़

आशियाने तोडऩे के नोटिस के बाद लोगों ने किया विरोध प्रदर्शन

काला दिवस के रुप में मनाई भगवान वाल्मीकि जयंती

फरीदाबाद। एनआईटी फरीदाबाद के दो नंबर सी- ब्लॉक की हरिजन बस्ती को प्रशासन द्वारा 11 अक्टूबर को तोड़े जाने के आदेशों के विरोध में आज लोगों ने सडक़ों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करते हुए भाजपा सरकार व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। गुस्साए लोगों ने भगवान महर्षि वाल्मीकि जयंती न मनाकर आज के दिन को काला दिवस के रुप में मनाया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वह इस मुद्दे पर केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर व उद्योगमंत्री विपुल गोयल से मिलकर उनसे गुहार लगाएंगे कि वह पिछले 50 वर्षाे से यहां रह रहे है इसलिए उन्हें न उजाड़ा जाए। अगर प्रशासन ने फिर भी तानाशाही रवैया अपनाया तो वह जेसीबी गाडिय़ों के सामने लेट जाएंगे परंतु अपने आशियानों को नहीं टूटने देंगे। गौरतलब है कि दो नंबर के सी ब्लॉक इलाके में करीब पचास साल पहले खोखों के रूप में बसी यह बस्ती अब पक्के मकानों में बदल चुकी है और हजारों लोग यहां अपने आशियाने बनाकर रह रहे है। सन 2000 के आसपास स्थानीय जनकल्याण नाम की समिति ने इस बस्ती को अवैध बताते हुए इसे हटाने के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। सालो लम्बी सुनवाई होने के बाद अब हाईकोर्ट ने कड़े तेवर अपनाते हुए इस बस्ती को हटाने के फरमान जारी कर दिए है, जिसके चलते नगर निगम ने अब आगामी 11 अक्टूबर को तोडफ़ोड़ की कार्यवाही करने का फरमान जारी कर दिया है। इस फरमान के बाद लोगो में हडक़ंप मंच गया और वह सडक़ो पर उतर आये। स्थानीय अजीत सिंह ने बताया कि प्रशासन इस जगह को खाली करने के बदले जो मकान हमे देने की बात कह रहा है वह इंसानो के रहने के लायक नहीं है यदि प्रशासन हमें टू रूम सेट के मकान देता है तो हम ख़ुशी – ख़ुशी यहां से जाने को तैयार है। हमारी पिछली कई पीढिय़ां यहां रह रही है जबकि प्रशासन ने इसे पार्क की ज़मीन बताया है और यदि ऐसा है तो फिर हमारे मकानों की रजिस्ट्रियां कैसे हो गयी। उन्होंने बताया की टाउन में कई ऐसे पार्को की जगह थी जहां अब धर्मशालाएं बन चुकी है तो ऐसे में उन्हें क्यों पार्क की ज़मीन के नाम पर उजाडऩे पर निगम उतारू है, इसलिए हम मांग करते है की हमे यही रहने दिया जाए।

Print Friendly, PDF & Email
Skip to toolbar