न्यूज के लिए सबकुछ, न्यूज सबकुछ
ब्रेकिंग न्यूज़

इराक में अमेरिकी बेस पर हमले के बाद ट्रंप ने दी चेतावनी

वाशिंगटन. ईरान और अमेरिका की बढ़ती तनातनी के बीच गुरुवार रात को इराक के अमेरिकी सैन्‍य बेस के निकट फिर रॉकेट से हमला किया गया. इराक के उत्‍तरी सलाहुद्दीन प्रांत के दुजैल जिले के फादलान इलाके में ये रॉकेट गिरा. ये एरिया बलाड एयर बेस के निकट हैं जहां अमेरिकी सेनाओं की मौजूदगी है. सूत्रों के मुताबिक ये रॉकेट कहां से आकर गिरा, इस बारे में अभी सूचना नहीं है. किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है. दुजैल, उत्‍तरी बगदाद से 50 किमी दूर है. बलाड बेस, उत्‍तरी बगदाद से 80 किमी दूर है.
इस बीच अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने ट्वीट कर कहा है कि हम अमेरिका के दुश्‍मनों को माफ नहीं करेंगे. अमेरिकी लोगों की रक्षा के लिए हम नहीं हिचकेंगे. चरमपंथी इस्‍लामिक आतंकवाद को हराने के लिए अथक काम करते रहेंगे. दरअसल ईरान (Iran) के जनरल कमांडर कासिम सुलेमानी (Qasem Soleimani) की अमेरिकी एयर स्‍ट्राइक में मौत के बाद अमेरिका (US) और ईरान के रिश्‍ते बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं और दोनों मुल्‍कों के बीच जंग जैसे हालात बने हुए हैं. अमेरिका के राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप (Donald Trump) की तरफ से ईरान से युद्ध छेड़ने की संभावना काफी अधिक बनी हुई है. ऐसे में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को इस संभावित कार्रवाई से रोकने के लिए अमेरिकी संसद ने एक प्रस्ताव पारित कर दिया है.
अमेरिकी संसद के निचले सदन ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के लिए राष्ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप के अधिकार सीमित करने का युद्ध शक्ति प्रस्ताव पारित कर दिया है. डेमोक्रेटिक पार्टी नीत अमेरिका की प्रतिनिधिसभा में गुरुवार को वोटिंग के दौरान मतदान हुआ. इस प्रस्ताव के पक्ष में 194 वोट पड़े. इस प्रस्‍ताव का मतलब है कि अब डोनाल्ड ट्रंप को ईरान के खिलाफ युद्ध की घोषणा करने से पहले कांग्रेस की मंजूरी लेनी होगी. हालांकि, अभी इस प्रस्ताव का ऊपरी सदन में पास होना बाकी है.
दरअसल, सदन में इस प्रस्ताव को कांग्रेस लीडर एलिसा स्लॉटकिन की तरफ से पेश किया था. वह इससे पहले CIA एनालिस्ट एक्सपर्ट के रूप में काम कर चुकी हैं. इसके साथ ही एलिसा अमेरिकी रक्षा विभाग के अंतरराष्‍ट्रीय सुरक्षा मामलों में कार्यवाहक सहायक सचिव के रूप में भी सेवा दे चुकी हैं.

Print Friendly, PDF & Email
Skip to toolbar