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ईरान के विदेश मंत्री जाएंगे रूस, द्विपक्षीय संवाद को मजबूत करने पर रहेगा जोर

इस दौरान ईरान के विदेश मंत्री द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय विकास पर भी वार्ता करेंगे.

तेहरान: ईरान (Iran) के विदेश मंत्री मोहम्मद जवाद जरीफ  सोमवार को रूस के दौरे पर जाएंगे. इस दौरान वह द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय विकास पर भी वार्ता करेंगे.
जरीफ और उनके रूसी समकक्ष सर्गेई लावरोव द्विपक्षीय राजनीतिक संवाद को और मजबूत करने और व्यापार, आर्थिक, सांस्कृतिक और अन्य क्षेत्रों में संबंधों को विकसित करने की संभावनाओं पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे. क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों के अंतर्गत उनकी वार्ता ईरानी परमाणु कार्यक्रम में नई प्रगति, सीरियाई समझौता, खाड़ी क्षेत्र में विकास आदि मुद्दों पर केंद्रित होगी.
वहीं ईरान, रूस और चीन हिंद महासागर में संयुक्त समुद्री अभ्यास भी कर रहे हैं. शुक्रवार को हिंद महासागर और ओमान क्षेत्र के समुद्र में यह चार दिवसीय संयुक्त समुद्री अभ्यास शुरू हुआ था. तेहरान स्थित प्रेस टीवी की रिपोर्ट के अनुसार इस अभ्यास को ‘समुद्री सुरक्षा बेल्ट’ का कोडनेम दिया गया है, जोकि 30 दिसंबर को समाप्त होगा.
ईरानी सशस्त्र बलों के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल अबॉल्फजल शकरची ने बुधवार को कहा कि यह आयोजन सामरिक क्षेत्रों में अंतर्राष्ट्रीय व्यापार की सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए है. उन्होंने कहा कि समुद्री बचाव कार्यों में अनुभव साझा करना भी युद्धाभ्यास की दिशा में आगे बढ़ना है.
चीनी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता वू कियान ने गुरुवार को घोषणा की थी कि बीजिंग की शीनिंग गाइडेड-मिसाइल विध्वंसक इस ड्रिल में भाग लेंगी. समाचार एजेंसी तास ने रूसी रक्षा मंत्रालय के हवाले से कहा कि मास्को ने यारोस्लाव मुद्री फ्रिगेट, एल्न्या टैंकर और विक्टर कोनत्स्की तुग्बोट को संयुक्त अभ्यास में भाग लेने के लिए भेजा है. मंत्रालय ने यह भी कहा कि अभ्यास आयोजित करने के लिए सेंट पीटर्सबर्ग में इसी जुलाई में समझौता हुआ था.

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